एक आयत ABCD की रचना कीजिए, जिसमें AB = 7 सेमी और BC = 4 सेमी हो। एक ऐसे बिंदु X की कल्पना कीजिए, जिसे भुजा AD पर कहीं भी चिह्नित किया जा सकता है। इसी प्रकार, एक ऐसे बिंदु Y की कल्पना कीजिए, जिसे भुजा BC पर कहीं भी ले जाया जा सकता है।
उत्तर
रचना के चरण
ऊपरी भुजा के रूप में AB = 7 सेमी खींचिए।
A और B पर AB के लंब नीचे की ओर खींचिए।
परकार में 4 सेमी लीजिए; A से पहला लंब D पर और B से दूसरा लंब C पर काटिए।
DC मिलाइए — ABCD ही आयत है। (AD = BC = 4 सेमी, DC = AB = 7 सेमी।)
AD पर कोई बिंदु X और BC पर कोई बिंदु Y अंकित करके XY को बिंदुदार रेखा से मिलाइए।
आयत ABCD (7 सेमी × 4 सेमी)। X भुजा AD पर और Y भुजा BC पर सरकता है, और हम XY की लंबाई देखते रहते हैं।
संकेत: एक ही पृष्ठ पर यह आयत चार-पाँच बार बना लीजिए, जिससे X और Y की अलग-अलग स्थितियाँ बिना मिटाए आज़माई जा सकें।
प्र2.
किन स्थानों पर बिंदु X और Y परस्पर निकटतम होंगे? आपके अनुसार वे कब परस्पर अधिकतम दूरी पर होंगे? आपका सहज-ज्ञान क्या कहता है? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर
निकटतम: जब X, A से और Y, B से समान दूरी पर हों — अर्थात् जब XY, AB के समांतर हो। तब
XY = AB = 7 सेमी (सबसे कम संभव मान)
अधिकतम दूर: जब X और Y अपनी-अपनी भुजाओं के विपरीत सिरों पर हों — X, A पर और Y, C पर; अथवा X, D पर और Y, B पर। तब XY आयत का विकर्ण बन जाता है।
XY = AC = BD = लगभग 8.1 सेमी (सबसे अधिक संभव मान)
X की स्थिति
Y की स्थिति
XY की लंबाई
X, A पर
Y, B पर
7 सेमी (न्यूनतम)
A से 1 सेमी
B से 1 सेमी
7 सेमी (न्यूनतम)
X, D पर
Y, C पर
7 सेमी (न्यूनतम)
X, A पर
Y, C पर
8.1 सेमी (अधिकतम)
X, D पर
Y, B पर
8.1 सेमी (अधिकतम)
ऐसा क्यों होता है: X से Y तक जाने में आयत की पूरी चौड़ाई 7 सेमी पार करनी ही पड़ती है। यदि दोनों एक ही ऊँचाई पर हों तो सीधे पार हो जाते हैं और केवल 7 सेमी चलना पड़ता है। यदि एक ऊँचा और दूसरा नीचा हो तो चढ़ाई भी करनी पड़ती है, और तिरछा रास्ता सीधे रास्ते से सदैव लंबा होता है। सबसे बड़ी चढ़ाई पूरे 4 सेमी की हो सकती है — वही विकर्ण देती है।
प्र3.
बिंदु X और Y के बीच की न्यूनतम दूरी की तुलना AB की लंबाई से किस प्रकार की जा सकती है?
उत्तर
दोनों बिल्कुल बराबर हैं।
न्यूनतम XY = AB = 7 सेमी
XY कभी भी आयत की चौड़ाई से कम नहीं हो सकती, और वह चौड़ाई स्वयं AB ही है।
क्यों: AD और BC आयत की सम्मुख भुजाएँ हैं, अत: वे समांतर हैं और सदैव 7 सेमी की दूरी पर रहती हैं। XY एक भुजा के बिंदु को दूसरी भुजा के बिंदु से मिलाता है, इसलिए वह 7 सेमी से छोटा हो ही नहीं सकता — और जब XY सीधे आर-पार, AB के समांतर खींचा जाए, तब वह ठीक 7 सेमी हो जाता है।
प्र4.
X और Y की विभिन्न स्थितियों के लिए XY की लंबाइयों का हिसाब आप कैसे रखेंगे? क्या इसे लिखने की कोई संक्षिप्त विधि है? (• जब A से X की दूरी 5 मिमी है तथा B से Y की दूरी 3 सेमी है, तब XY = ___ सेमी ___ मिमी है। • जब A से X की दूरी 1 सेमी है तथा B से Y की दूरी 1 सेमी है, तब XY = ___ सेमी ___ मिमी है। • जब A से X की दूरी 2 सेमी है तथा B से Y की दूरी 4 सेमी है, तब XY = ___ सेमी ___ मिमी है।)
उत्तर
हाँ — हर बार पूरा वाक्य लिखने के बजाय एक सारणी बनाइए, जिसमें बदलने वाली प्रत्येक बात का अलग स्तंभ हो।
A से X की दूरी
B से Y की दूरी
XY की लंबाई
5 मिमी
3 सेमी
7 सेमी 4 मिमी
1 सेमी
1 सेमी
7 सेमी 0 मिमी
2 सेमी
4 सेमी
7 सेमी 3 मिमी
अपनी आकृति में XY नापिए — निकटतम मिलीमीटर तक यही मान मिलेंगे।
बीच वाली पंक्ति ठीक 7 सेमी क्यों: X और Y दोनों ऊपर से 1-1 सेमी नीचे हैं, इसलिए XY सीधे आर-पार, AB के समांतर जाता है और AB = 7 सेमी के बराबर होता है। शेष दो पंक्तियों में ऊँचाई का अंतर है (पहली में 2.5 सेमी, तीसरी में 2 सेमी), इसलिए रेखा तिरछी हो जाती है और कुछ मिलीमीटर लंबी निकलती है।
संकेत: ऐसी सारणी गणितज्ञों की संक्षिप्त लिपि है। केवल तीन बातें बदलती हैं, इसलिए तीन स्तंभ पर्याप्त हैं — शेष वाक्य शीर्षकों में एक ही बार लिख दिया जाता है।
प्र5.
क्या आपने यह जाँचा, कि जब X और Y को क्रमश: A और B से समान दूरी पर रखते हैं, तब XY की लंबाई क्या होती है? (5 मिमी और 5 मिमी; 1 सेमी और 1 सेमी; 1 सेमी 5 मिमी और 1 सेमी 5 मिमी।) इनमें से प्रत्येक स्थिति का अवलोकन कीजिए — 1. AB की लंबाई की तुलना में XY की लंबाई कैसे है? तथा 2. चतुर्भुजीय आकृति ABYX का आकार।
उत्तर
A से X की दूरी
B से Y की दूरी
XY की लंबाई
ABYX का आकार
5 मिमी
5 मिमी
7 सेमी
आयत
1 सेमी
1 सेमी
7 सेमी
आयत
1 सेमी 5 मिमी
1 सेमी 5 मिमी
7 सेमी
आयत
1. ऐसी हर स्थिति में XY = AB = 7 सेमी होता है।
2. चार भुजाओं वाली आकृति ABYX सदैव एक आयत बनती है — बड़े आयत के ऊपरी भाग में बना एक छोटा आयत।
ऐसा क्यों होता है: AX और BY दो बराबर, समांतर भुजाओं के बराबर-बराबर भाग हैं, इसलिए X और Y एक ही ऊँचाई पर रहते हैं। ∠A और ∠B बड़े आयत के कोने होने के कारण समकोण हैं, और XY भी दोनों खड़ी भुजाओं को समकोण पर काटता है। चार समकोण तथा बराबर सम्मुख भुजाएँ — यही आयत है, और उसकी भुजा XY अपनी सम्मुख भुजा AB के बराबर होनी ही चाहिए।
स्वयं जाँचिए: जैसे-जैसे X, A से D की ओर सरकता है और Y उसके साथ बराबरी में चलता है, छोटा आयत ABYX ऊँचा होता जाता है, पर उसकी चौड़ाई कभी नहीं बदलती। जब X, D पर और Y, C पर पहुँचता है, तब ABYX पूरा आयत ABCD बन जाता है।
प्र6.
X और Y के बीच अधिकतम दूरी को AC या BD की लंबाई से कैसे तुलना करेंगे?
उत्तर
अधिकतम दूरी ठीक AC के बराबर, और BD के भी बराबर होती है — अर्थात् आयत के विकर्णों के बराबर।
अधिकतम XY = AC = BD ≈ 8.1 सेमी
(जाँच: 7 सेमी आर-पार और 4 सेमी नीचे मिलकर लगभग 8.1 सेमी देते हैं)
ऐसा क्यों होता है: X अपनी भुजा के सिरों A और D से आगे नहीं जा सकता तथा Y अपनी भुजा के सिरों B और C से आगे नहीं। सबसे लंबा जोड़ एक सिरे से विपरीत सिरे तक बनता है — X, A पर और Y, C पर होने से रेखा AC मिलती है, तथा X, D पर और Y, B पर होने से DB। ये विकर्ण हैं, और आयत के दोनों विकर्ण सदैव बराबर होते हैं।
स्वयं जाँचिए: अपने आयत के दोनों विकर्ण खींचकर नापिए। दोनों लगभग 8.1 सेमी आते हैं और एक-दूसरे को ठीक आधा-आधा काटते हैं।
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