कक्षा ६ गणित अध्याय 8 रचना कीजिए: आयतों को तोड़ना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आयतों को तोड़ना — एक ऐसे आयत की रचना कीजिए जिसे 3 समरूप वर्गों में विभाजित किया जा सके।
तीन समरूप वर्गों में विभाजित एक आयत।
उत्तर

पहले कच्ची (रफ) आकृति से योजना बनाइए। यदि छोटे वर्गों की भुजा भ हो, तो आयत की ऊँचाई भ और लंबाई 3भ होगी। अर्थात् बड़ी भुजा छोटी भुजा की तीन गुनी होनी चाहिए।

छोटी भुजा 3 सेमी लीजिए, तो बड़ी भुजा 9 सेमी होगी।

  1. AF = 3 सेमी खींचिए (छोटी भुजा, खड़ी दिशा में)।
  2. A पर AF का लंब इतना लंबा खींचिए कि उसमें 9 सेमी आ जाए।
  3. परकार को AF (3 सेमी) के बराबर खोलिए और A से आरंभ करके लंब पर तीन बार काटिए — पहले B, फिर अगला बिंदु, फिर C। अब AC = 9 सेमी।
  4. C पर AC का लंब खींचकर उस पर 3 सेमी काटिए और D पाइए। FD मिलाइए।
  5. AC के बीच वाले चिह्नों को FD के संगत चिह्नों से मिलाइए। अब आयत ACDF तीन समरूप वर्गों (भुजा 3 सेमी) में बँट गया है।
A C D F 9 सेमी = 3 × 3 सेमी 3 सेमी
9 सेमी × 3 सेमी का आयत तीन समरूप 3 सेमी वर्गों में बँट जाता है।
बड़ी भुजा छोटी की 3 गुनी क्यों: तीनों वर्ग अगल-बगल रखे हैं और हर वर्ग आयत जितना ऊँचा है। अत: प्रत्येक वर्ग की भुजा = आयत की छोटी भुजा, और एक पंक्ति में तीन वर्ग मिलकर उसकी तीन गुनी लंबाई बनाते हैं।
प्र2.
खोजिए — क्या आप ऐसे आयत की रचना कर सकते हैं, जिसे दो समरूप वर्गों में विभाजित किया जा सकता है? क्या आप यह प्रयास कर सकते हैं? यह बुद्धिमानी होगी कि पहले योजना बनाई जाएँ और फिर रचना की जाएँ। परंतु हम योजना कैसे बनाएँ?
उत्तर

योजना बनाने का तरीका यह है कि पहले बनने वाली आकृति का कच्चा चित्र बनाइए और उस पर बराबर होने वाली सभी भुजाएँ अंकित कीजिए।

कच्ची आकृति: आयत ACDF, जिसे रेखाखंड BE दो वर्गों ABEF और BCDE में बाँटता है।

दोनों वर्ग समरूप हैं: AB = BC तथा FE = ED
ABEF वर्ग है: AF = AB = BE = FE
BCDE वर्ग है: BE = BC = CD = ED
अत: सभी छोटे रेखाखंड बराबर हैं — और AC = 2 × AF

रचना के चरण (छोटी भुजा 3 सेमी लेकर)—

  1. AF = 3 सेमी खींचिए।
  2. A पर AF का लंब खींचिए।
  3. परकार को AF के बराबर खोलकर उस लंब पर दो बार काटिए: पहला कटान B, दूसरा C। अत: AC = 6 सेमी।
  4. C पर लंब खींचकर 3 सेमी काटिए, D पाइए और FD मिलाइए।
  5. B को E (FD पर संगत बिंदु) से मिलाइए। ABEF और BCDE ही दो समरूप वर्ग हैं।
संकेत: बराबर भुजाओं पर छोटा-सा चिह्न ‘।’ लगाने की आदत डालिए। यही आदत एक कच्चे चित्र को रचना-योजना बना देती है।
प्र3.
आयत ACDF बनाने में AF को कोई भी लंबाई निर्दिष्ट कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, हम यदि AF = 4 सेमी निर्दिष्ट करते हैं, तो AC की लंबाई क्या होनी चाहिए? खोजिए: क्या अब आयत को पूरा किया जा सकता है?
उत्तर
AF = 4 सेमी
AB = BC = AF = 4 सेमी (सभी छोटे रेखाखंड बराबर हैं)
AC = AB + BC = 4 + 4 = 8 सेमी

हाँ, अब आयत पूरा किया जा सकता है, क्योंकि उसकी दोनों भुजाएँ ज्ञात हैं: 8 सेमी और 4 सेमी।

  1. AF = 4 सेमी खींचिए; A पर AF का लंब खींचिए।
  2. उस पर 4 सेमी पर B और 8 सेमी पर C अंकित कीजिए।
  3. C पर AC का लंब खींचकर CD = 4 सेमी लेकर D अंकित कीजिए।
  4. FD मिलाइए तथा BE मिलाइए। 8 सेमी × 4 सेमी का आयत 4 सेमी के दो वर्गों में बँट जाता है।
क्या आप जानते हैं? तीन समरूप वर्गों के लिए यही नियम AC = 3 × 4 = 12 सेमी देगा; चार वर्गों के लिए 16 सेमी। 8 × 4 वाला आयत ठीक वही है जो अगले कार्य “एक आयत के अंदर वर्ग” में प्रयोग होता है।
प्र4.
क्योंकि AB = AF है, इसलिए हमें उपरोक्त लंब पर AF के बराबर की लंबाई काटनी है, जिससे हमें बिंदु B प्राप्त होगा। बिना रूलर के हम यह कार्य कैसे करते हैं? क्या यह कार्य परकार का उपयोग करते हुए किया जा सकता है?
उत्तर

हाँ — परकार इसी काम में सबसे कुशल है। परकार किसी लंबाई को एक स्थान से दूसरे स्थान पर उठा ले जाता है, बिना यह बताए कि वह लंबाई कितनी है।

  1. AF को किसी भी लंबाई का खींचिए और A पर उसका लंब खींचिए।
  2. धातु-नोंक A पर रखिए और परकार को तब तक खोलिए जब तक पेंसिल F तक न पहुँचे। अब खुलाव ही AF की लंबाई है।
  3. खुलाव बदले बिना, नोंक A पर ही रखते हुए लंब को काटिए। कटान-बिंदु B है, और AB = AF।
  4. अब नोंक B पर ले जाकर फिर काटिए — C मिल जाएगा, जिसमें BC = AB। (एक बार और करने पर तीसरा वर्ग बन जाएगा।)
  5. C पर लंब तथा FD खींचकर आयत पूरा कीजिए।
यह क्यों काम करता है: परकार का खुलाव हटाने-रखने से बदलता नहीं, इसलिए हर चाप की त्रिज्या समान रहती है। किसी रेखा पर उसे बार-बार काटने से बराबर लंबाइयाँ एक के बाद एक बन जाती हैं — मानो रूलर के स्थान पर डिवाइडर से नाप रहे हों।
स्वयं जाँचिए: अंत में AF, AB और BC को रूलर से नापिए। तीनों बराबर निकलेंगे, जबकि रचना करते समय आपने एक बार भी नापा नहीं था।
प्र5.
उस आयत की भुजाओं की लंबाई बताइए, जिसे निम्नलिखित में विभाजित नहीं किया जा सकता है— • दो समरूप वर्ग • तीन समरूप वर्ग
उत्तर

कोई आयत n समरूप वर्गों में तभी बँटता है जब उसकी बड़ी भुजा छोटी भुजा की n गुनी हो। अत: ऐसी लंबाइयाँ चुनिए जो इस नियम को तोड़ दें।

आयतक्या बड़ी = 2 × छोटी?क्या बड़ी = 3 × छोटी?निष्कर्ष
4 सेमी × 2.5 सेमीनहीं (2 × 2.5 = 5)नहीं (3 × 2.5 = 7.5)2 या 3 समरूप वर्गों में नहीं बँटता
7 सेमी × 2 सेमीनहीं (2 × 2 = 4)नहीं (3 × 2 = 6)2 या 3 समरूप वर्गों में नहीं बँटता
5 सेमी × 3 सेमीनहीं (2 × 3 = 6)नहीं (3 × 3 = 9)2 या 3 समरूप वर्गों में नहीं बँटता
6 सेमी × 3 सेमीहाँनहीं2 वर्गों में बँटता है, 3 में नहीं
9 सेमी × 3 सेमीनहींहाँ3 वर्गों में बँटता है, 2 में नहीं

उत्तर: 4 सेमी × 2.5 सेमी (या 5 सेमी × 3 सेमी) का आयत दो समरूप वर्गों में नहीं बँटता; 7 सेमी × 2 सेमी (या 5 सेमी × 3 सेमी) का आयत तीन समरूप वर्गों में नहीं बँटता। ऐसे और भी अनेक उदाहरण संभव हैं — स्वयं बनाइए।

क्यों: यदि n समरूप वर्ग एक पंक्ति में आयत को भरते हैं, तो हर वर्ग आयत जितना ऊँचा होगा, अर्थात् उसकी भुजा = छोटी भुजा; और कुल लंबाई छोटी भुजा की n गुनी होगी। यदि बड़ी भुजा ठीक यही गुणज नहीं है, तो ऐसा विभाजन संभव ही नहीं।
क्या यह उपयोगी रहा?