परकार में दो भुजाएँ एक कब्जे (हिंज) से जुड़ी होती हैं — एक भुजा के सिरे पर नुकीली धातु की नोंक होती है और दूसरी में पेंसिल लगी होती है। पेंच कसने पर नोंक और पेंसिल के बीच की दूरी घुमाते समय बदलती नहीं।
- नोंक को कागज पर दबाकर पेंसिल को पूरा घुमाइए — वृत्त बन जाता है।
- केवल थोड़ा-सा घुमाइए — चाप (वृत्त का एक भाग) बनता है।
- खुलाव स्थिर रहने के कारण परकार बिना रूलर के किसी लंबाई की नकल एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी उतार सकता है।