गणित प्रकाश अध्याय 9 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
दी गई आकृतियों में दिए गए चिह्न • के परित सममिति के कोण ज्ञात कीजिए।
उत्तर
(a) 90°, 180°, 270°, 360° (b) केवल 360° (c) 180°, 360°
पृष्ठ 235 की तीनों आकृतियाँ और अंकित बिंदु के परित उनके सममिति कोण।

(a) जोड़ के चिह्न जैसी आकृति (दो बराबर पट्टियाँ समकोण पर):

सममिति के कोण = 90°, 180°, 270°, 360°  (4 कोण, क्रम 4)

हर चौथाई चक्कर एक भुजा को अगली भुजा पर ले जाता है।

(b) कोष्ठक जैसी आकृति (रेखाखंड, जिसके दोनों सिरों पर एक ही ओर छोटा वर्ग है):

सममिति का कोण = केवल 360°  (1 कोण, क्रम 1)

आधा चक्कर ऊपर वाले वर्ग को नीचे तो ले जाएगा, पर रेखा की दूसरी ओर, इसलिए वह मेल नहीं खाता। इस आकृति में घूर्णन सममिति नहीं है — यद्यपि इसमें एक क्षैतिज सममिति रेखा अवश्य है।

(c) H जैसी आकृति:

सममिति के कोण = 180°, 360°  (2 कोण, क्रम 2)

बीच की पट्टी के मध्य-बिंदु के परित आधा चक्कर दोनों खड़ी रेखाओं को आपस में बदल देता है और बीच की पट्टी को स्वयं पर ले आता है।

प्र2.
निम्नलिखित में से किस आकृति में एक से अधिक सममिति के कोण हैं?
उत्तर

सात में से पाँच आकृतियों में एक से अधिक सममिति कोण हैं।

आकृतिएक से अधिक?सममिति के कोण
दो परस्पर लंब व्यासों वाला वृत्तहाँ90°, 180°, 270°, 360°
नीचे की ओर नुकीला त्रिभुज (समद्विबाहु, समबाहु नहीं)नहींकेवल 360°
तीन बराबर त्रिज्याखंडों में बँटा वृत्तहाँ120°, 240°, 360°
चार घुमावदार पंखुड़ियों वाली फिरकीहाँ90°, 180°, 270°, 360°
दो सीधी रेखाओं से बना “X”हाँ180°, 360°
पाँच नोकों वाला ताराहाँ72°, 144°, 216°, 288°, 360°
एक ही ओर दो अर्धवृत्तों वाला रेखाखंड (“B” जैसा)नहींकेवल 360°
जल्दी कैसे तय करें: गिनिए कि केंद्र के चारों ओर कितने एक जैसे भाग हैं। चार पंखुड़ियाँ → 4 कोण; तीन त्रिज्याखंड → 3 कोण; पाँच नोकें → 5 कोण। यदि केंद्र के चारों ओर के भाग एक जैसे नहीं हैं — जैसे समद्विबाहु त्रिभुज और “B” जैसी आकृति में — तो केवल 360° ही सममिति कोण होता है।
त्रिभुज पर ध्यान दीजिए: यह समबाहु त्रिभुज से अधिक ऊँचा है, इसलिए इसके तीनों कोने एक जैसे नहीं हैं। इसमें एक सममिति रेखा तो है, पर घूर्णन सममिति नहीं। रेखाएँ और कोण सदैव अलग-अलग जाँचिए।
प्र3.
प्रत्येक आकृति के लिए घूर्णन सममिति का क्रम बताइए—
उत्तर

घूर्णन सममिति का क्रम = सममिति कोणों की संख्या, अर्थात् एक पूरे चक्कर में आकृति कितनी बार स्वयं पर आ जाती है।

आकृतिक्रमसममिति के कोण
तिरछा रेखाखंड, जिसके दोनों सिरों पर विपरीत दिशाओं में झंडी है2180°, 360°
दो काटती रेखाएँ, ऊपरी भुजाओं के बीच चाप बना हुआ1केवल 360°
छह नोकों वाला तारा660°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°
मुट्ठियों वाली तीन मुड़ी भुजाएँ3120°, 240°, 360°
पाँच वर्गों से बना जोड़ का चिह्न490°, 180°, 270°, 360°
सम पंचभुज572°, 144°, 216°, 288°, 360°
न्यूनतम सममिति कोण = 360° ÷ क्रम
क्रम 2 → 180°  •  क्रम 3 → 120°  •  क्रम 4 → 90°  •  क्रम 5 → 72°  •  क्रम 6 → 60°
दूसरी आकृति के विषय में: केवल दो काटती रेखाओं का क्रम 2 होता। परंतु छोटा चाप केवल ऊपरी भुजाओं के बीच बना है और आधा चक्कर उसे नीचे ले जाएगा। अत: चाप को आकृति का भाग मानने पर केवल पूरा चक्कर ही काम करता है और क्रम 1 है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ