कक्षा ६ गणित अध्याय 9 सममिति के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
जब किसी आकृति का कोई भाग एक निश्चित पैटर्न में दोहराया जाता है, तब उस आकृति में सममिति होती है। फूल, तितली, रंगोली और फिरकी सममित हैं; बादल सममित नहीं है। वह रेखा जो आकृति को ऐसे दो भागों में बाँटे कि मोड़ने पर वे पूर्णतया एक-दूसरे को ढक लें , सममिति की रेखा (सममिति का अक्ष) कहलाती है। ऐसी आकृति में परावर्तीय सममिति होती है। एक आकृति में अनेक सममिति की रेखाएँ हो सकती हैं — वर्ग में 4, सम षट्भुज में 6 और वृत्त में अनगिनत। यदि किसी निश्चित बिंदु के परित घुमाने पर आकृति ठीक पहले जैसी दिखे, तो वह कोण सममिति का कोण तथा वह बिंदु घूर्णन का केंद्र कहलाता है। 360° का घूर्णन हर आकृति को उसकी प्रारंभिक स्थिति में लौटा देता है, इसलिए 360° प्रत्येक आकृति का सममिति कोण है । सममिति के कोणों की संख्या ही घूर्णन सममिति का क्रम है। न्यूनतम सममिति कोण = 360° ÷ क्रम , तथा शेष सभी कोण उसी न्यूनतम कोण के गुणज ह
त्वरित पुनरावृत्ति
| आकृति | सममिति की रेखाएँ | घूर्णन सममिति का क्रम | न्यूनतम घूर्णन कोण |
|---|---|---|---|
| समबाहु त्रिभुज | 3 | 3 | 120° |
| समद्विबाहु त्रिभुज (समबाहु नहीं) | 1 | 1 | 360° — घूर्णन सममिति नहीं |
| विषमबाहु त्रिभुज | 0 | 1 | 360° — घूर्णन सममिति नहीं |
| वर्ग | 4 | 4 | 90° |
| आयत (वर्ग नहीं) | 2 | 2 | 180° |
| समांतर चतुर्भुज (आयत या समचतुर्भुज नहीं) | 0 | 2 | 180° |
| सम पंचभुज | 5 | 5 | 72° |
| सम षट्भुज | 6 | 6 | 60° |
| n भुजाओं वाला सम बहुभुज | n | n | 360° ÷ n |
| 4 पंखुड़ियों वाली कागज की पवन-चक्की | 0 | 4 | 90° |
| अशोक चक्र (24 आरे) | 24 | 24 | 15° |
| वृत्त | अनगिनत (प्रत्येक व्यास) | अनगिनत | प्रत्येक कोण सममिति का कोण |
अभ्यास
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