प्र1.
क्या आप इस अध्याय के प्रारंभ में दी गई आकृतियों में सममिति की रेखा देख पाए हैं? बादलों की आकृति के विषय में आपका क्या विचार है?
उत्तर
हाँ — चार में से तीन आकृतियों को मोड़कर दर्पण-भाग बनाए जा सकते हैं; फिरकी और बादल में ऐसा संभव नहीं।
| आकृति | सममिति की रेखाएँ | कहाँ |
|---|---|---|
| फूल (6 पंखुड़ियाँ) | 6 | प्रत्येक पंखुड़ी के बीच से एक और दो पंखुड़ियों के बीच से एक |
| रंगोली | 4 | ऊर्ध्वाधर, क्षैतिज तथा केंद्र से जाती दो तिरछी रेखाएँ |
| तितली | 1 | शरीर के अनुदिश ऊर्ध्वाधर रेखा |
| फिरकी | 0 | सभी पंखुड़ियाँ एक ही ओर झुकी हैं, इसलिए कोई मोड़ काम नहीं करता |
| बादल | 0 | इसमें कुछ भी दोहराया नहीं जाता |
अंतर समझिए: फिरकी में कोई सममिति की रेखा नहीं है, फिर भी 60° घुमाने पर वह वैसी ही दिखती है। बादल में दोनों में से कोई भी सममिति नहीं है।