प्र1.
(क) “दूसरे दिन देश के प्रसिद्ध पत्रों में यह विज्ञापन निकला” — देश के प्रसिद्ध पत्रों में नौकरी का विज्ञापन किसने निकलवाया होगा? आपको ऐसा क्यों लगता है?
उत्तर
यह विज्ञापन दीवान सरदार सुजानसिंह ने ही निकलवाया होगा।
ऐसा लगने के चार कारण —
- यह काम उन्हीं को सौंपा गया था। महाराज ने त्यागपत्र स्वीकार करते समय शर्त रखी थी — “रियासत के लिए नया दीवान आप ही को खोजना पड़ेगा।” विज्ञापन उसी खोज का पहला क़दम है।
- विज्ञापन में उपस्थित होने का पता उन्हीं का है — “वे वर्तमान सरकार सुजानसिंह की सेवा में उपस्थित हों।” जो व्यक्ति उम्मीदवारों को अपने पास बुला रहा है, विज्ञापन भी उसी ने दिया होगा।
- शर्तें उन्हीं की सोच जैसी हैं। “ग्रेजुएट होना ज़रूरी नहीं… विद्या का कम, परंतु कर्तव्य का अधिक विचार किया जायेगा” — डिग्री से ऊपर आचरण को रखना उसी अनुभवी, नीतिकुशल आदमी का विचार हो सकता है जिसने चालीस साल राज-काज चलाया हो।
- व्यवस्था भी उन्होंने ही की। “सरदार सुजानसिंह ने इन महानुभावों के आदर-सत्कार का बड़ा अच्छा प्रबंध कर दिया था।” जिसने ठहरने-खाने का प्रबंध किया, बुलावा भी उसी का था।
अनुमान कैसे लगाया जाता है: अनुमान का अर्थ अंदाज़ा लगाना नहीं, बल्कि पाठ में बिखरे सुरागों को जोड़कर सबसे संभावित उत्तर तक पहुँचना है। यहाँ चार सुराग — काम सौंपा जाना, पता उन्हीं का होना, शर्तों का मिज़ाज, और प्रबंध — सब एक ही व्यक्ति की ओर इशारा करते हैं।