प्र1.
नीचे कुछ कहावतें और उनके भावार्थ दिए गए हैं। आप इन कहावतों को कहानी से जोड़कर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए— • अधजल गगरी छलकत जाए • अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत • एक अनार सौ बीमार • जो गरजते हैं वे बरसते नहीं हैं • जहाँ चाह, वहाँ राह (संकेत— विज्ञापन में तो एक नौकरी की बात कही गई थी, लेकिन उम्मीदवार आ गए हज़ारों। इसे कहते हैं— एक अनार सौ बीमार।)
उत्तर
हर कहावत को कहानी के किसी एक प्रसंग से जोड़िए और साथ में वह वाक्य या घटना लिखिए जिससे वह मेल खाती है। पुस्तक ने ‘एक अनार सौ बीमार’ का नमूना दे दिया है — बाक़ी इसी ढंग से कीजिए।
| कहावत | भावार्थ | कहानी का कौन-सा प्रसंग |
|---|---|---|
| एक अनार सौ बीमार | एक चीज़, चाहने वाले अनेक | दीवान का पद एक था और “सैकड़ों आदमी अपना-अपना भाग्य परखने के लिए चल खड़े हुए”; “प्रत्येक रेलगाड़ी से उम्मीदवारों का एक मेला-सा उतरता।” (पुस्तक का दिया हुआ संकेत) |
| अधजल गगरी छलकत जाए | जिसके पास थोड़ा ज्ञान होता है, वह उसका दिखावा करता है | मिस्टर ‘ल’ को किताब से घृणा थी, फिर भी वे “बड़े-बड़े ग्रंथ देखने-पढ़ने में डूबे रहते थे”; और ग्रेजुएटों की भीड़ सनद दिखाने आ गई, “क्योंकि सनद की कैद न होने पर भी सनद से परदा तो ढका रहता है।” जिनके पास सच में गुण था — जानकीनाथ — वे चुपचाप अपना काम कर गए। |
| जो गरजते हैं वे बरसते नहीं हैं | जो बढ़-चढ़कर बोलते हैं, वे काम नहीं करते | हॉकी के “मँजे हुए खिलाड़ी” दिन भर अपनी विद्या दिखाते रहे, पर जब सचमुच बल और दया की ज़रूरत पड़ी तो “खिलाड़ियों ने भी उसको देखा मगर बंद आँखों से, जिनमें सहानुभूति न थी।” डंडे हाथ में थे, पर कोई गाड़ी ठेलने नहीं उतरा। |
| जहाँ चाह, वहाँ राह | करने की इच्छा हो तो साधन भी मिल जाता है | युवक के पाँव में चोट थी, अँधेरा था, कीचड़ इतना कि “वह घुटने तक ज़मीन में गड़ गया” — फिर भी उसने राह निकाल ली: किसान बैलों को साधे, वह पहिया ठेले। इच्छा थी, इसलिए रास्ता बन गया और गाड़ी नाले के ऊपर आ गई। |
| अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत | समय निकल जाने पर पछताना व्यर्थ | दरबार में जब जानकीनाथ का नाम पुकारा गया तो बाक़ी उम्मीदवारों की आँखों में “ईर्ष्या” भर आई। पर अवसर तो उसी रात नाले के किनारे हाथ से निकल चुका था, जब वे बंद आँखों से आगे बढ़ गए थे। अब पछताने से क्या हो सकता था! |
कहावत और मुहावरे में अंतर — कहावत एक पूरा वाक्य होती है और अपने-आप में पूरी बात कहती है (‘जहाँ चाह, वहाँ राह’)। मुहावरा वाक्य का टुकड़ा होता है, जिसे वाक्य में जोड़ना पड़ता है (‘तहलका मचा देना’, ‘नाक में दम होना’)।
Try This: कहानी में एक और कहावत ख़ुद प्रेमचंद ने रखी है — “गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।” अपने घर के बड़ों से पाँच ऐसी कहावतें पूछिए जो वे रोज़ बोलते हैं, उनका अर्थ लिखिए और बताइए कि उनमें से कौन-सी ‘परीक्षा’ कहानी पर फिट बैठती है।