मल्हार अध्याय 10 कहावत

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
नीचे कुछ कहावतें और उनके भावार्थ दिए गए हैं। आप इन कहावतों को कहानी से जोड़कर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए— • अधजल गगरी छलकत जाए • अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत • एक अनार सौ बीमार • जो गरजते हैं वे बरसते नहीं हैं • जहाँ चाह, वहाँ राह (संकेत— विज्ञापन में तो एक नौकरी की बात कही गई थी, लेकिन उम्मीदवार आ गए हज़ारों। इसे कहते हैं— एक अनार सौ बीमार।)
उत्तर

हर कहावत को कहानी के किसी एक प्रसंग से जोड़िए और साथ में वह वाक्य या घटना लिखिए जिससे वह मेल खाती है। पुस्तक ने ‘एक अनार सौ बीमार’ का नमूना दे दिया है — बाक़ी इसी ढंग से कीजिए।

कहावतभावार्थकहानी का कौन-सा प्रसंग
एक अनार सौ बीमारएक चीज़, चाहने वाले अनेकदीवान का पद एक था और “सैकड़ों आदमी अपना-अपना भाग्य परखने के लिए चल खड़े हुए”; “प्रत्येक रेलगाड़ी से उम्मीदवारों का एक मेला-सा उतरता।” (पुस्तक का दिया हुआ संकेत)
अधजल गगरी छलकत जाएजिसके पास थोड़ा ज्ञान होता है, वह उसका दिखावा करता हैमिस्टर ‘ल’ को किताब से घृणा थी, फिर भी वे “बड़े-बड़े ग्रंथ देखने-पढ़ने में डूबे रहते थे”; और ग्रेजुएटों की भीड़ सनद दिखाने आ गई, “क्योंकि सनद की कैद न होने पर भी सनद से परदा तो ढका रहता है।” जिनके पास सच में गुण था — जानकीनाथ — वे चुपचाप अपना काम कर गए।
जो गरजते हैं वे बरसते नहीं हैंजो बढ़-चढ़कर बोलते हैं, वे काम नहीं करतेहॉकी के “मँजे हुए खिलाड़ी” दिन भर अपनी विद्या दिखाते रहे, पर जब सचमुच बल और दया की ज़रूरत पड़ी तो “खिलाड़ियों ने भी उसको देखा मगर बंद आँखों से, जिनमें सहानुभूति न थी।” डंडे हाथ में थे, पर कोई गाड़ी ठेलने नहीं उतरा।
जहाँ चाह, वहाँ राहकरने की इच्छा हो तो साधन भी मिल जाता हैयुवक के पाँव में चोट थी, अँधेरा था, कीचड़ इतना कि “वह घुटने तक ज़मीन में गड़ गया” — फिर भी उसने राह निकाल ली: किसान बैलों को साधे, वह पहिया ठेले। इच्छा थी, इसलिए रास्ता बन गया और गाड़ी नाले के ऊपर आ गई।
अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेतसमय निकल जाने पर पछताना व्यर्थदरबार में जब जानकीनाथ का नाम पुकारा गया तो बाक़ी उम्मीदवारों की आँखों में “ईर्ष्या” भर आई। पर अवसर तो उसी रात नाले के किनारे हाथ से निकल चुका था, जब वे बंद आँखों से आगे बढ़ गए थे। अब पछताने से क्या हो सकता था!

कहावत और मुहावरे में अंतर — कहावत एक पूरा वाक्य होती है और अपने-आप में पूरी बात कहती है (‘जहाँ चाह, वहाँ राह’)। मुहावरा वाक्य का टुकड़ा होता है, जिसे वाक्य में जोड़ना पड़ता है (‘तहलका मचा देना’, ‘नाक में दम होना’)।

Try This: कहानी में एक और कहावत ख़ुद प्रेमचंद ने रखी है — “गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।” अपने घर के बड़ों से पाँच ऐसी कहावतें पूछिए जो वे रोज़ बोलते हैं, उनका अर्थ लिखिए और बताइए कि उनमें से कौन-सी ‘परीक्षा’ कहानी पर फिट बैठती है।
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