कक्षा ६ हिंदी अध्याय 10 परीक्षा के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

रचना का नाम ‘परीक्षा’ है और लेखक हैं प्रेमचंद । यह एक कहानी है, कोई कविता या पद नहीं। पाठ के अंत में दिया गया परिचय बताता है कि प्रेमचंद कथा-सम्राट कहलाते हैं, उनका वास्तविक नाम धनपतराय था और उनका जीवनकाल 1880–1936 रहा। कहानी शुरू कैसे होती है — देवगढ़ रियासत के दीवान सरदार सुजानसिंह बूढ़े हो गए। उन्होंने महाराज से नौकरी छोड़ने की विनय की, क्योंकि “अब मेरी अवस्था भी ढल गई, राज-काज सँभालने की शक्ति नहीं रही।” महाराज ने प्रार्थना तो मान ली, पर शर्त लगा दी कि नया दीवान वे स्वयं खोजें । अनोखा विज्ञापन — देश के प्रसिद्ध पत्रों में छपा कि देवगढ़ को एक सुयोग्य दीवान चाहिए; ग्रेजुएट होना ज़रूरी नहीं, पर हृष्ट-पुष्ट होना ज़रूरी है; एक महीने तक उम्मीदवारों के रहन-सहन और आचार-विचार की देखभाल होगी और “विद्या का कम, परंतु कर्तव्य का अधिक विचार किया जायेगा।” इसी विज्ञापन ने “सारे मुल्क में तहलका मचा दिय

त्वरित पुनरावृत्ति
पाठ का शब्दअर्थपाठ का संदर्भअपना एक वाक्य
रियासतछोटा राज्य, देशी राज“जब रियासत देवगढ़ के दीवान…”पुराने समय में हमारे इलाके में भी एक छोटी रियासत हुआ करती थी।
दीवानराज्य का प्रमुख मंत्री, जो सारा राज-काज सँभालता है“…सरदार सुजानसिंह बूढ़े हुए”राजा ने अपने दीवान को खज़ाने की देखरेख सौंपी।
विनयनम्रता से की गई प्रार्थना“जाकर महाराज से विनय की”मैंने शिक्षक से विनय की कि एक दिन की छुट्टी मिल जाए।
दीनबंधुग़रीबों का सहारा — राजा के लिए आदरसूचक संबोधन“दीनबंधु! दास ने श्रीमान की सेवा…”संत ने भगवान को दीनबंधु कहकर पुकारा।
नीतिकुशलनीति चलाने में निपुण, समझदारी से काम निकालने वाला“अनुभवशील नीतिकुशल दीवान का बड़ा आदर”हमारे प्रधानाचार्य बहुत नीतिकुशल हैं, हर झगड़ा शांति से सुलझा देते हैं।
नेकनामीअच्छा नाम, सुयश“सारी ज़िंदगी की नेकनामी मिट्टी में मिल जाए।”एक भूल से वर्षों की नेकनामी चली जाती है।
सुयोग्यपूरी तरह योग्य, हर तरह से लायक“देवगढ़ के लिए एक सुयोग्य दीवान की ज़रूरत है”इस काम के लिए हमें एक सुयोग्य व्यक्ति चाहिए।
हृष्ट-पुष्टतंदुरुस्त और बलवान“मगर हृष्ट-पुष्ट होना आवश्यक है”रोज़ खेलने से भाई का शरीर हृष्ट-पुष्ट हो गया।
मंदाग्निजिसकी पाचन-शक्ति कमज़ोर हो, बदहज़मी का रोगी“मंदाग्नि के मरीज को यहाँ तक कष्ट उठाने की कोई ज़रूरत नहीं”मंदाग्नि से बचने के लिए समय पर भोजन कीजिए।
तहलकाहलचल, खलबली“इस विज्ञापन ने सारे मुल्क में तहलका मचा दिया।”नए खिलाड़ी की पारी ने पूरे मैदान में तहलका मचा दिया।
सनदप्रमाण-पत्र, डिग्री“सनद की कैद न होने पर भी सनद से परदा तो ढका रहता है”उसने अपनी सनद दिखाकर नौकरी के लिए आवेदन किया।
अंगरखा / चोगा / कंटोपपुराने ढंग के पहनावे — लंबा कुरता-सा वस्त्र, ढीला लबादा और कान ढकने वाली टोपी“रंगीन एमामे, चोगे और नाना प्रकार के अंगरखे और कंटोप…”नाटक में राजा के लिए चोगा और पगड़ी सिलवाई गई।
बगुला और हंसयहाँ प्रतीक — बगुला = ऊपर से उजला दिखने वाला दिखावटी व्यक्ति, हंस = सचमुच का गुणी व्यक्ति“इन बगुलों में हंस कहाँ छिपा हुआ है”भीड़ में बगुले बहुत हैं, हंस पहचानना कठिन है।
मँजे हुएअभ्यास से निखरे हुए, अनुभवी“हॉकी के मँजे हुए खिलाड़ियों ने पेश किया”वे तबले के मँजे हुए वादक हैं।
भलेमानुसभला आदमी, शरीफ़ व्यक्ति“पढ़े-लिखे भलेमानुस लोग शतरंज और ताश जैसे गंभीर खेल खेलते थे”वे इतने भलेमानुस हैं कि किसी को मना ही नहीं कर पाते।
अकस्मातअचानक, एकाएक“अकस्मात उसकी निगाह गाड़ी पर पड़ी।”अकस्मात बादल घिर आए और मैच रुक गया।
वात्सल्यछोटों के प्रति उमड़ने वाला स्नेह“उदारता और वात्सल्य का नाम भी न था”माँ के वात्सल्य की तुलना किसी से नहीं की जा सकती।
मदघमंड, अहंकार“उनमें स्वार्थ था, मद था…”धन का मद आदमी को अंधा बना देता है।
आत्मबलमन की शक्ति, कठिनाई में डटे रहने का साहस“जिसके हृदय में दया हो और साथ-साथ आत्मबल”आत्मबल के सहारे उसने बीमारी को हरा दिया।
निदानअंत में, आख़िरकार“निदान महीना पूरा हुआ।”निदान सब कुछ ठीक हो गया और यात्रा शुरू हुई।
धनाढ्यबहुत धनी“शहर के रईस और धनाढ्य लोग…”उस धनाढ्य परिवार ने विद्यालय के लिए ज़मीन दान की।
पैठनागहराई में उतरना, डुबकी लगाना“गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।”विषय की गहराई में पैठे बिना असली समझ नहीं आती।
  1. मेरी समझ से
  2. शीर्षक
  3. पंक्तियों पर चर्चा
  4. सोच-विचार के लिए
  5. खोजबीन
  6. कहानी की रचना
  7. समस्या और समाधान
  8. मन के भाव
  9. अभिनय
  10. विपरीतार्थक शब्द
  11. कहावत
  12. अनुमान या कल्पना से
  13. विज्ञापन
  14. आगे की कहानी
  15. आपकी बात
  16. नया-पुराना
  17. वाद-विवाद
  18. अच्छाई और दिखावा
  19. परिधान तरह-तरह के
  20. आपकी परीक्षाएँ
  21. आज की पहेली
  22. झरोखे से
  23. खोजबीन के लिए
क्या यह उपयोगी रहा?