सही उत्तर है — नीतिकुशलता। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।
कहानी की दूसरी पंक्ति में ही इसका प्रमाण मौजूद है —
इसीलिए वे किसी और पर नहीं, दीवान साहब पर ही यह भार डालते हैं कि नया दीवान वे स्वयं खोजें।
नीतिकुशल का अर्थ है — नीति चलाने में निपुण, यानी सही-ग़लत परखकर समझदारी से निर्णय लेने वाला। नया दीवान चुनना ठीक यही काम है, इसलिए महाराज ने यह काम उन्हें सौंपा।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| नीतिकुशलता | सही ★ | पाठ में यही शब्द दीवान के लिए आया है — “अनुभवशील नीतिकुशल दीवान”। परखने और चुनने का काम नीति-कुशल व्यक्ति को ही सौंपा जाता है। |
| सादगी | ग़लत | सादगी की चर्चा दीवान के बारे में है ही नहीं। ‘पुरानी सादगी’ शब्द तो उम्मीदवारों के पहनावे के लिए आया है — “कोई पुरानी सादगी पर मिटा हुआ।” |
| उदारता | ग़लत | उदारता उस गुण का नाम है जिसे दीवान साहब ढूँढ़ रहे थे (जानकीनाथ में मिला), न कि वह गुण जिसके कारण महाराज ने उन्हें यह काम सौंपा। |
| बल | ग़लत | बल की शर्त विज्ञापन में उम्मीदवारों के लिए रखी गई थी — “हृष्ट-पुष्ट होना आवश्यक है।” दीवान साहब तो स्वयं बूढ़े और शक्तिहीन हो चुके थे। |