प्र1.
“कोई नए फैशन का प्रेमी, कोई पुरानी सादगी पर मिटा हुआ।” हमारे आस-पास अनेक वस्तुएँ ऐसी हैं जिन्हें लोग नया फैशन या पुराना चलन कहकर दो भागों में बाँट देते हैं। जो वस्तु आपके माता-पिता या दादा-दादी के लिए नई हो, हो सकता है वह आपके लिए पुरानी हो, या जो उनके लिए पुरानी हो, वह आपके लिए नई हो। अपने परिवार या परिजनों से चर्चा करके नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए—
उत्तर
यह घर पर बातचीत करके भरने वाली तालिका है। पहले घर के बड़ों से पूछिए — “आपके बचपन में यह चीज़ थी या नहीं? तब इसे क्या कहते थे?” — और फिर उनके उत्तर तालिका में लिखिए।
नमूना उत्तर (आपकी तालिका ऐसी दिख सकती है) —
| मेरे लिए नई वस्तुएँ | मेरे लिए पुरानी वस्तुएँ | परिवार के बड़ों के लिए नई वस्तुएँ | परिवार के बड़ों के लिए पुरानी वस्तुएँ |
|---|---|---|---|
| स्मार्ट घड़ी | रेडियो | स्मार्ट फ़ोन | बैलगाड़ी |
| ऑनलाइन कक्षा | डाक का पत्र | इंटरनेट और यू-पी-आई | चिट्ठी और मनीऑर्डर |
| एल-ई-डी बल्ब | लालटेन | एल-पी-जी सिलिंडर | चूल्हा और उपले |
| रोबोट खिलौना | लट्टू, गिल्ली-डंडा | वॉशिंग मशीन | कुएँ से पानी खींचना |
| वीडियो कॉल | काला-सफ़ेद टीवी | रंगीन टीवी | ट्रांज़िस्टर, ग्रामोफ़ोन |
| इलेक्ट्रिक स्कूटर | साइकिल | कार और स्कूटर | पैदल या तांगा |
यह गतिविधि क्या सिखाती है: ध्यान दीजिए, एक ही वस्तु दो स्तंभों में आ सकती है — टीवी दादाजी के लिए ‘नई’ चीज़ थी, आपके लिए ‘पुरानी’ है। इससे पता चलता है कि ‘नया’ और ‘पुराना’ चीज़ का गुण नहीं, देखने वाले की उम्र और समय पर निर्भर बात है। ठीक इसीलिए कहानी में कोई “नए फैशन का प्रेमी” था और कोई “पुरानी सादगी पर मिटा हुआ” — दोनों अपनी-अपनी जगह ठीक थे।
Try This: दादा-दादी से एक ऐसी वस्तु के बारे में पूछिए जो अब बिलकुल लुप्त हो गई है — जैसे स्याही की दवात, सिल-बट्टा, हाथ का पंखा, चरखा। उसका चित्र बनाइए और दो पंक्तियों में लिखिए कि वह किस काम आती थी और अब उसकी जगह क्या ले चुका है।