मल्हार अध्याय 11 समानार्थी शब्द

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कुछ शब्द समान अर्थ वाले होते हैं, जैसे— हय, अश्व और घोड़ा। इन्हें समानार्थी शब्द कहते हैं। यहाँ पर दिए गए शब्दों से उस शब्द पर घेरा बनाइए जो समानार्थी न हों— 1. हवा, अनल, पवन, बयार 2. रण, तुरंग, युद्ध, समर 3. आसमान, आकाश, गगन, नभचर 4. नद, नाद, सरिता, तटिनी 5. करवाल, तलवार, असि, ढाल
उत्तर

हर पंक्ति में तीन शब्द एक ही अर्थ के हैं और एक शब्द अलग है। उसी अलग शब्द पर घेरा बनाना है। नीचे उत्तर और कारण दोनों दिए गए हैं।

क्रमदिए गए शब्दघेरा बनाइएउस शब्द का अर्थबाक़ी तीन का साझा अर्थ
1.हवा, अनल, पवन, बयारअनलआग, अग्निहवा / वायु
2.रण, तुरंग, युद्ध, समरतुरंगघोड़ा (हय, अश्व का पर्यायवाची)युद्ध / लड़ाई
3.आसमान, आकाश, गगन, नभचरनभचरआकाश में उड़ने वाला, यानी पक्षीआसमान / आकाश
4.नद, नाद, सरिता, तटिनीनादध्वनि, गूँजती आवाज़नदी
5.करवाल, तलवार, असि, ढालढालवार रोकने वाला बचाव का साधनतलवार

ध्यान देने लायक़ दो जोड़े —

  • नद और नाद देखने-सुनने में लगभग एक जैसे हैं, पर अर्थ बिलकुल अलग। ‘नद’ बड़ी नदी को कहते हैं (जैसे ब्रह्मपुत्र नद), और ‘नाद’ का अर्थ है आवाज़ — जैसे ‘शंख-नाद’।
  • नभचर में ‘नभ’ यानी आकाश तो है, पर पूरा शब्द आकाश का नहीं, आकाश में चलने वाले का नाम है। इसी तरह जल में चलने वाला ‘जलचर’ और धरती पर चलने वाला ‘थलचर’ कहलाता है।
कविता से जोड़िए: इस कविता में इनमें से कई शब्द ख़ुद आए हैं — रण (“रण-बीच चौकड़ी भर-भरकर”), करवाल (“सरपट दौड़ा करवालों में”), ढाल (“निर्भीक गया वह ढालों में”), हय (“हय-टापों से खन गया अंग”) और नद (“बढ़ते नद-सा वह लहर गया”)। ध्यान दीजिए कि कवि ने ढाल और करवाल दोनों अलग-अलग हथियारों के रूप में इस्तेमाल किए हैं — यही सबसे बड़ा सुराग़ है कि वे समानार्थी नहीं हो सकते।
याद रखने का तरीक़ा: तलवार के तीन नाम एक साथ याद कीजिए — असि, करवाल, कृपाण। और घोड़े के तीन — हय, अश्व, तुरंग। पर्यायवाची शब्द जोड़ों में नहीं, तिकड़ी में याद करने से जल्दी बैठ जाते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ