मल्हार अध्याय 13 मेरी समझ से

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए— (1) “जैसे पौधे को भी सब भेद मालूम हो गया हो” पौधे को कौन-सा भेद पता लग गया? • उसे उल्टा लटकाया गया है। • उसे किसी ने सजा दी है। • बच्चे को गमला रखना नहीं आया। • प्रकाश ऊपर से आ रहा है।
उत्तर

सही उत्तर है — उसे उल्टा लटकाया गया है। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।

इस वाक्य से ठीक पहले लेखक ने अपना प्रयोग बताया है —

“एक गमले में पौधा था। परीक्षण करने के लिए कुछ दिन गमले को औंधा लटकाए रखा। पौधे का सिर नीचे की तरफ़ लटका रहा और जड़ ऊपर की ओर रही।
दो-एक दिन बाद क्या देखता हूँ कि जैसे पौधे को भी सब भेद मालूम हो गया हो। उसकी सब पत्तियाँ और डालियाँ टेढ़ी होकर ऊपर की तरफ़ उठ आईं तथा जड़ घूमकर नीचे की ओर लटक गई।”

यानी पौधे ने ताड़ लिया कि उसके साथ ‘चालाकी’ हुई है — उसे उल्टा टाँग दिया गया है। इसीलिए उसने दो ही दिन में अपने आप को सीधा कर लिया। लेखक इसी बात को पहले नियम की तरह लिख चुका है — “पेड़-पौधों को जिस तरह ही रखो, जड़ नीचे की ओर जाएगी व तना ऊपर की ओर उठेगा।” मूली काटकर बोने वाला उदाहरण भी यही सिद्ध करता है।

विकल्पसही / ग़लतकारण
उसे उल्टा लटकाया गया है।सही ★पौधे ने अपनी दिशा पहचानकर पत्तियाँ ऊपर और जड़ नीचे कर लीं — यही ‘भेद’ खुलने का प्रमाण है।
उसे किसी ने सजा दी है।ग़लतसज़ा की बात पाठ में कहीं नहीं है। यह प्रयोग था, दंड नहीं।
बच्चे को गमला रखना नहीं आया।ग़लतगमला किसी की लापरवाही से नहीं, बल्कि लेखक ने जान-बूझकर “परीक्षण करने के लिए” औंधा लटकाया था।
प्रकाश ऊपर से आ रहा है।ग़लत (पर सोचने लायक)प्रकाश की बात पाठ में आगे आती है। यहाँ लेखक का बिंदु यह है कि पौधा ऊपर-नीचे पहचान लेता है — इसीलिए जड़ भी घूमकर नीचे आ गई, जबकि जड़ को प्रकाश नहीं चाहिए।
कैसे तय करें: जब दो विकल्प ठीक-से लगें, तब देखिए कि वाक्य के आस-पास लेखक किस बात पर बात कर रहा है। यहाँ आस-पास का पूरा प्रसंग औंधे गमले का है, प्रकाश का नहीं। इसीलिए यही उत्तर ‘सटीक’ है। हाँ, चर्चा में यह ज़रूर कहिए कि पत्तियों का ऊपर उठना प्रकाश से भी जुड़ा है — पर जड़ का नीचे लौटना केवल दिशा-ज्ञान से ही समझा जा सकता है।
प्र2.
(2) पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र कैसे हैं? • हमारे जैसे ही साँस लेते हैं। • हमारे जैसे ही भोजन ग्रहण करते हैं। • हवा को शुद्ध करके सहायता करते हैं। • धरती पर हमारे साथ ही जन्मे हैं।
उत्तर

सही उत्तर है — हवा को शुद्ध करके सहायता करते हैं। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।

पाठ में इसका सीधा प्रमाण है —

“जब हम श्वास-प्रश्वास ग्रहण करते हैं तब प्रश्वास के साथ एक प्रकार की विषाक्त वायु बाहर निकलती है, उसे ‘अंगारक’ वायु कहते हैं। अगर यह ज़हरीली हवा पृथ्वी पर इकट्ठी होती रहे तो तमाम जीव-जंतु कुछ ही दिनों में उसका सेवन करके नष्ट हो सकते हैं।
जो जीव-जंतुओं के लिए ज़हर है, पेड़-पौधे उसी का सेवन करके उसे पूर्णतया शुद्ध कर देते हैं।

यही सच्ची मित्रता है — पेड़ वह चीज़ ले लेते हैं जो हमारे लिए हानिकारक है, और बदले में हमें साफ़ हवा लौटा देते हैं।

विकल्पसही / ग़लतकारण
हमारे जैसे ही साँस लेते हैं।ग़लतयह समानता बताता है, मित्रता नहीं। किसी के हमारे जैसा होने भर से वह हमारा उपकार नहीं करने लगता।
हमारे जैसे ही भोजन ग्रहण करते हैं।ग़लतयह भी केवल समानता है — और अधूरी भी, क्योंकि लेखक कहता है “पेड़-पौधों के दाँत नहीं होते… वे केवल तरल द्रव्य या वायु से भोजन ग्रहण करते हैं।”
हवा को शुद्ध करके सहायता करते हैं।सही ★पेड़ हमारी छोड़ी हुई ज़हरीली वायु लेकर उसे शुद्ध कर देते हैं — इसी से जीव-जंतुओं का जीवन बचता है।
धरती पर हमारे साथ ही जन्मे हैं।ग़लतसाथ जन्म लेना कोई उपकार नहीं, और पाठ में ऐसी कोई बात कही भी नहीं गई है।
ध्यान दीजिए: ‘मित्र कैसे हैं?’ जैसे प्रश्न में हमेशा वही विकल्प चुनिए जिसमें कोई एक पक्ष दूसरे का भला कर रहा हो। केवल ‘हमारे जैसा है’ कहने वाले विकल्प प्रायः ध्यान भटकाने के लिए रखे जाते हैं।
प्र3.
(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर

चर्चा में केवल ‘मैंने यह चुना’ कहना काफ़ी नहीं है। हर उत्तर के साथ पाठ की एक पंक्ति प्रमाण के रूप में रखिए। नीचे वही तर्क क्रम से दिए गए हैं, जिन्हें आप अपने समूह में बोल सकते हैं।

मैंने चुनाकारण (पाठ से प्रमाण)
(1) उसे उल्टा लटकाया गया है।क्योंकि गमला औंधा लटकाने के दो ही दिन बाद “सब पत्तियाँ और डालियाँ टेढ़ी होकर ऊपर की तरफ़ उठ आईं तथा जड़ घूमकर नीचे की ओर लटक गई।” पौधे ने अपनी उलटी स्थिति पहचानी और स्वयं सुधार ली।
(2) हवा को शुद्ध करके सहायता करते हैं।क्योंकि लेखक ने साफ़ लिखा है — “जो जीव-जंतुओं के लिए ज़हर है, पेड़-पौधे उसी का सेवन करके उसे पूर्णतया शुद्ध कर देते हैं।”
चर्चा का तरीका: समूह में तीन बातें बारी-बारी कहिए — (1) मैंने क्या चुना, (2) पाठ की कौन-सी पंक्ति इसका प्रमाण है, (3) बाकी विकल्प क्यों नहीं। यदि किसी साथी का उत्तर अलग है तो लड़िए मत — दोनों पंक्तियाँ पाठ में खोलकर पढ़िए और फिर तय कीजिए। इसी तरीके से पढ़ना ‘सोच-समझकर पढ़ना’ कहलाता है।
नमूना उत्तर (बोलने के लिए): “मैंने पहला विकल्प चुना, क्योंकि पाठ में लेखक ने स्वयं प्रयोग किया था और दो दिन बाद पौधे की जड़ नीचे और पत्तियाँ ऊपर हो गईं। अगर पौधे को केवल प्रकाश दिखता, तो जड़ नीचे क्यों जाती? इसका मतलब पौधे को यह ‘भेद’ मालूम हो गया कि उसे उल्टा लटका दिया गया है।”
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