प्र1.
नीचे ध्यानचंद जी के विषय में कुछ सामग्री दी गई है जैसे— फिल्में, साक्षात्कार आदि, इन्हें पुस्तक में दिए गए क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें। • हॉकी के जादूगर - मेजर ध्यानचंद - प्रेरक गाथाएँ • हॉकी के जादूगर- मेजर ध्यानचंद • ओलंपिक • मेजर ध्यानचंद से साक्षात्कार
उत्तर
यह देखने-सुनने और खोजबीन करने की गतिविधि है। पुस्तक के पन्ने पर छपे क्यू.आर. कोड को शिक्षक या घर के किसी बड़े की सहायता से स्कैन कीजिए और चारों सामग्रियाँ देखिए। हर एक के बाद अपनी लेखन पुस्तिका में यह तालिका भरते जाइए।
| सामग्री | इसमें क्या मिलेगा | पाठ से क्या जुड़ता है |
|---|---|---|
| हॉकी के जादूगर - मेजर ध्यानचंद - प्रेरक गाथाएँ | ध्यानचंद के जीवन की प्रेरणा देने वाली छोटी-छोटी सच्ची घटनाएँ। | पाठ में जो एक घटना (1933 का मैच) आई है, वैसी ही और घटनाएँ यहाँ मिलेंगी। |
| हॉकी के जादूगर - मेजर ध्यानचंद | उनके पूरे जीवन का परिचय — प्रयाग में जन्म, झाँसी, सेना में भर्ती, तीन ओलंपिक स्वर्ण। | ‘लेखक से परिचय’ (पृष्ठ 16) में दी गई बातों का विस्तार। |
| ओलंपिक | ओलंपिक खेल क्या हैं, कब और कहाँ होते हैं, भारत का प्रदर्शन। | पाठ में आए ‘बर्लिन ओलंपिक 1936’ और ‘स्वर्ण पदक’ को समझने में मदद। |
| मेजर ध्यानचंद से साक्षात्कार | उनसे पूछे गए प्रश्न और उनके अपने उत्तर। | यहाँ आप उन्हीं की ज़बानी सुनेंगे वही बात जो पाठ में लिखी है — लगन, साधना और खेल भावना। |
देखते-सुनते समय ये तीन बातें ज़रूर नोट कीजिए:
- कोई एक नई जानकारी जो पाठ में नहीं थी;
- ध्यानचंद जी का कोई एक कथन जो आपको सबसे अच्छा लगा;
- कोई नया शब्द और उसका अर्थ।
साक्षात्कार क्या होता है: ‘साक्षात्कार’ यानी आमने-सामने बैठकर की गई बातचीत, जिसमें एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा उत्तर देता है (अंग्रेज़ी में interview)। आप भी अपने विद्यालय के किसी खिलाड़ी या खेल-शिक्षक का ऐसा ही छोटा-सा साक्षात्कार लेकर लिख सकते हैं — यह इस गतिविधि का बहुत अच्छा विस्तार होगा।