प्र1.
(क) “जैसे-जैसे मेरे खेल में निखार आता गया, वैसे-वैसे मुझे तरक्की भी मिलती गई।” इस वाक्य में ‘जैसे-जैसे’ और ‘वैसे-वैसे’ शब्दों के जोड़े हैं जिनमें एक ही शब्द दो बार उपयोग में लाया गया है। ऐसे जोड़ों को ‘शब्द-युग्म’ कहते हैं। शब्द-युग्म में दो शब्दों के बीच में छोटी-सी रेखा लगाई जाती है जिसे योजक चिह्न कहते हैं। योजक यानी जोड़ने वाला। आप भी ऐसे पाँच शब्द-युग्म लिखिए।
उत्तर
जिन शब्द-युग्मों में एक ही शब्द दो बार आता है, उन्हें पुनरुक्त शब्द कहते हैं। पाँच उदाहरण और उनका प्रयोग—
| शब्द-युग्म | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| धीरे-धीरे | बहुत आहिस्ता, थोड़ा-थोड़ा करके | धीरे-धीरे उसका डर दूर हो गया। |
| बार-बार | कई-कई बार | सूबेदार मेजर तिवारी बार-बार ध्यानचंद से हॉकी खेलने के लिए कहते थे। |
| घर-घर | हर घर में | ध्यानचंद का नाम आज घर-घर में जाना जाता है। |
| कभी-कभी | बीच-बीच में, यदा-कदा | कभी-कभी हार से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। |
| पास-पास | बिलकुल नज़दीक | दोनों खिलाड़ी पास-पास खड़े होकर योजना बना रहे थे। |
पाठ में आए ऐसे और शब्द-युग्म: जैसे-जैसे, वैसे-वैसे, बार-बार, थोड़ी-थोड़ी, एक-एक, दो-दो, अपनी-अपनी, अपने-अपने, बारी-बारी, सब के सब।
योजक चिह्न (-) क्यों लगाते हैं: ‘बार बार’ लिखने पर वे दो अलग शब्द लगते हैं, पर ‘बार-बार’ लिखने पर वे मिलकर एक ही अर्थ देते हैं। योजक चिह्न यही बताता है कि ये दोनों शब्द अब एक इकाई बन चुके हैं। ‘योजक’ का अर्थ ही है — जोड़ने वाला।
ध्यान रखिए: पुनरुक्त शब्द अर्थ में ज़ोर या निरंतरता ले आते हैं। ‘मैंने पढ़ा’ और ‘मैंने बार-बार पढ़ा’ — दूसरे वाक्य में मेहनत साफ़ दिखाई देती है।