मल्हार अध्याय 3 आइए इंद्रधनुष बनाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
बारिश की बूँदें न केवल जीव-जंतुओं को राहत पहुँचाती हैं बल्कि धरती को हरा-भरा भी बनाती हैं। कभी-कभी ये बूँदें आकाश में बहुरंगी छटा बिखेरती हैं जिसे ‘इंद्रधनुष’ कहा जाता है। आप भी एक सुंदर इंद्रधनुष बनाइए और उस पर एक छोटी-सी कविता लिखिए। इसे कोई प्यारा सा नाम भी दीजिए।
उत्तर

पहले चित्र — पुस्तक में दिए ख़ाली बॉक्स में रंगों से इंद्रधनुष बनाइए। ध्यान रखिए कि इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं और उनका क्रम तय है, ऊपर से नीचे —

क्रमरंगयाद रखने की तरकीब
1बैंगनीबै–नी–आ–ह–पी–ना–ला
(बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी, लाल)

यही क्रम अंग्रेज़ी में VIBGYOR कहलाता है।
2नीला
3आसमानी
4हरा
5पीला
6नारंगी
7लाल

चित्र बनाते समय: पहले पेंसिल से सात अर्धचंद्राकार धारियाँ बनाइए, सबसे बाहर लाल और सबसे भीतर बैंगनी। नीचे हरी धरती, एक-दो पेड़, बरसते बादल और छाता लिए बच्चे जोड़ दीजिए — चित्र जीवंत हो जाएगा।

फिर कविता — छोटी कविता लिखने का सबसे आसान तरीक़ा है तुकांत जोड़े ढूँढ़ना — जैसे आया/छाया, बरसा/तरसा, धनुष/मनुष, रंग/संग, गगन/मगन।

नमूना उत्तर — कविता का नाम: “सात रंगों का पुल”

बरसा पानी, निकली धूप,
आसमान में बना अनूप।
सात रंग का प्यारा पुल,
देख-देखकर मन गया झूल।

लाल, नारंगी, पीला, हरा,
आसमानी, नीला, बैंगनी भरा।
न ईंट लगी, न कोई खंभा,
फिर भी टिका है इतना लंबा!

छूने को मैं दौड़ा-दौड़ा,
वह हँसकर धीरे से मुड़ा।
बोला — “बच्चे, मैं हूँ पल भर,
पर याद रहूँगा जीवन भर।”
नाम कैसे चुनें: “इंद्रधनुष” नाम रखना सबसे आसान है, पर सबसे कमज़ोर भी — वह तो विषय है, नाम नहीं। ऐसा नाम सोचिए जो आपकी कविता की ख़ास बात पकड़े। यदि आपकी कविता में इंद्रधनुष को पुल कहा है तो “सात रंगों का पुल”; यदि उसे झूला कहा है तो “आसमानी झूला”; यदि वह पल भर में मिट जाता है तो “पल भर का मेहमान”।
क्या आप जानते हैं? इंद्रधनुष तभी दिखता है जब सूरज आपकी पीठ के पीछे हो और बारिश सामने। सूरज की सफ़ेद रोशनी हवा में लटकी पानी की बूँदों से टकराकर सात रंगों में बँट जाती है। इसीलिए इंद्रधनुष हमेशा सूरज के ठीक उलटी दिशा में दिखाई देता है।
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