मल्हार अध्याय 3 अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
‘नीले नयनों-सा यह अंबर, काली पुतली-से ये जलधर’ कविता की इस पंक्ति में ‘जलधर’ शब्द आया है। ‘जलधर’ दो शब्दों से बना है, जल और धर। इस प्रकार जलधर का शाब्दिक अर्थ हुआ जल को धारण करने वाला। बादल और समुद्र; दोनों ही जल धारण करते हैं। इसलिए दोनों जलधर हैं। वाक्य के संदर्भ या प्रयोग से हम जान सकेंगे कि जलधर का अर्थ समुद्र है या बादल। शब्दकोश या इंटरनेट की सहायता से ‘धर’ से मिलकर बने कुछ शब्द और उनके अर्थ ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर

‘धर’ का अर्थ है धारण करने वाला यानी थामने या उठाए रखने वाला। इसे किसी भी शब्द के आगे जोड़ दीजिए, तो अर्थ बन जाता है — “वह, जो उस चीज़ को धारण करे”। नीचे ऐसे बारह शब्द दिए गए हैं।

शब्दकैसे बनाअर्थ (किसे कहते हैं)
जलधरजल + धरजल को धारण करने वाला — बादल (या समुद्र)
गिरिधरगिरि + धरपर्वत को धारण करने वाला — श्रीकृष्ण (जिन्होंने गोवर्धन उठाया)
मुरलीधरमुरली + धरमुरली धारण करने वाला — श्रीकृष्ण
गंगाधरगंगा + धरगंगा को धारण करने वाला — शिव
हलधरहल + धरहल धारण करने वाला — बलराम; किसान
विषधरविष + धरविष धारण करने वाला — साँप
गदाधरगदा + धरगदा धारण करने वाला — विष्णु; भीम
धनुर्धरधनुष + धरधनुष धारण करने वाला — तीरंदाज़, जैसे अर्जुन
शशिधरशशि (चंद्रमा) + धरचंद्रमा को धारण करने वाला — शिव
वसुंधरावसु (रत्न) + धरारत्नों को धारण करने वाली — धरती (यह शब्द इसी कविता में आया है)
पयोधरपयस् (जल) + धरजल धारण करने वाला — बादल
धुरंधरधुरा + धरधुरी सँभालने वाला — किसी काम में सबसे निपुण व्यक्ति
‘जलधर’ का अर्थ कैसे तय करें — बादल या समुद्र? केवल वाक्य से। देखिए —
  • “आकाश में काले जलधर उमड़ आए।” — यहाँ ‘आकाश में’ है, इसलिए अर्थ बादल
  • “नदियाँ बहकर अंत में जलधर में जा मिलती हैं।” — यहाँ नदियों का मिलना है, इसलिए अर्थ समुद्र
यही बात कविता में भी है — वहाँ जलधर आकाश में है और उसे ‘काली पुतली’ कहा गया है, इसलिए वहाँ उसका अर्थ बादल ही है।
आगे बढ़िए: ‘धर’ की तरह ‘ज’ (जन्मा हुआ) भी शब्दों के अंत में जुड़ता है — जलज (जल में जन्मा = कमल), पंकज (कीचड़ में जन्मा = कमल), सरोज, नीरज। शब्दकोश से ऐसे चार शब्द और खोजिए।
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