मल्हार अध्याय 3 शब्द एक अर्थ अनेक

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
‘अंकुर फूट पड़ा धरती से, नव-जीवन की ले अँगड़ाई’ कविता की इस पंक्ति में ‘फूटने’ का अर्थ पौधे का अंकुरण है। ‘फूट’ का प्रयोग अलग-अलग अर्थों में किया जाता है, जैसे— फूट डालना, घड़ा फूटना आदि। अब फूट शब्द का प्रयोग ऐसे वाक्यों में कीजिए जहाँ इसके भिन्न-भिन्न अर्थ निकलते हों, जैसे— अंग्रेज़ों की नीति थी फूट डालो और राज करो।
उत्तर

‘फूट’ एक ही शब्द है, पर वाक्य बदलते ही उसका अर्थ बदल जाता है। ऐसे शब्दों को अनेकार्थी शब्द कहते हैं। नीचे नौ अलग-अलग अर्थ और उनके वाक्य दिए गए हैं।

क्र.‘फूट’ का अर्थवाक्य में प्रयोग
1.अंकुरित होना, उग आनापहली बारिश पड़ते ही खेत में हरे अंकुर फूट पड़े।
2.आपस में मतभेद, अलगावअंग्रेज़ों की नीति थी — फूट डालो और राज करो। (पुस्तक का उदाहरण)
3.टूटना, चटकनाहाथ से छूटते ही मिट्टी का घड़ा फूट गया।
4.चोट लगने से घाव होनागिरने से उसका सिर फूट गया और ख़ून बहने लगा।
5.अचानक ज़ोर से रो पड़नामाँ को देखते ही बच्चा फूट-फूटकर रोने लगा।
6.छिपी बात का खुल जानाआख़िरकार सारा भेद फूट ही गया।
7.मुँह से आवाज़ निकलनाडर के मारे उसके मुँह से बोल न फूटा
8.तेज़ी से बाहर निकलनापूरब से सूरज की पहली किरण फूट निकली।
9.ज्वालामुखी का फटनासदियों से शांत पड़ा ज्वालामुखी अचानक फूट पड़ा।
अर्थ कैसे पहचानें: अकेला शब्द कुछ नहीं बताता — अर्थ हमेशा संदर्भ से तय होता है। ‘घड़ा फूटा’ में साथ में ‘घड़ा’ है, इसलिए अर्थ टूटना हुआ; ‘अंकुर फूटा’ में साथ में ‘अंकुर’ है, इसलिए अर्थ उगना हुआ। इसीलिए कोई भी नया शब्द सीखते समय उसे पूरे वाक्य के साथ याद कीजिए, अकेले नहीं।
अभ्यास कीजिए: इसी तरह ‘कल’, ‘हार’, ‘सोना’, ‘पर’ और ‘उत्तर’ शब्दों के दो-दो अर्थ सोचकर वाक्य बनाइए। संकेत — इसी कविता में ‘पर’ का अर्थ पंख है (“बिजलियों के स्वर्णिम पर”), जबकि ‘मेज़ पर’ में उसका अर्थ बिलकुल अलग है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ