प्र1.
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए— 1. कविता में ‘नव-जीवन की ले अँगड़ाई’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? • बादल • अंकुर • बूँद • पावस
उत्तर
सही उत्तर है — अंकुर। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।
कविता की पंक्ति देखिए — “अंकुर फूट पड़ा धरती से, नव-जीवन की ले अँगड़ाई।” दोनों पंक्तियाँ एक ही वाक्य हैं। पहली पंक्ति में जो कर्ता है (अंकुर), वही दूसरी पंक्ति में अँगड़ाई ले रहा है।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| बादल | ग़लत | बादल का ज़िक्र कविता में बहुत आगे, तीसरे छंद में आता है — “बजा नगाड़े जगा रहे हैं, बादल…”। इस पंक्ति से उसका कोई संबंध नहीं। |
| अंकुर | सही ★ | बीज से निकला नन्हा अंकुर ही मिट्टी फोड़कर बाहर आया है। जैसे सोया हुआ बच्चा उठते समय अँगड़ाई लेता है, वैसे ही धरती के भीतर सोया जीवन जागकर तन गया — यही नव-जीवन की अँगड़ाई है। |
| बूँद | ग़लत | बूँद तो कारण है, कर्ता नहीं। बूँद गिरी, उससे अंकुर फूटा। अँगड़ाई अंकुर ले रहा है, बूँद नहीं। |
| पावस | ग़लत | पावस यानी वर्षा ऋतु — वह समय बताता है (“वह पावस का प्रथम दिवस जब”), कोई क्रिया नहीं करता। |
यह कौन-सा अलंकार है: अंकुर कोई जीव नहीं, फिर भी वह ‘अँगड़ाई ले रहा है’ — निर्जीव या पेड़-पौधे में मनुष्य जैसा व्यवहार दिखाना मानवीकरण कहलाता है। पूरी कविता ऐसे ही चित्रों से भरी है।