मल्हार अध्याय 3 मेरी समझ से

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए— 1. कविता में ‘नव-जीवन की ले अँगड़ाई’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? • बादल • अंकुर • बूँद • पावस
उत्तर

सही उत्तर है — अंकुर। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।

कविता की पंक्ति देखिए — अंकुर फूट पड़ा धरती से, नव-जीवन की ले अँगड़ाई।” दोनों पंक्तियाँ एक ही वाक्य हैं। पहली पंक्ति में जो कर्ता है (अंकुर), वही दूसरी पंक्ति में अँगड़ाई ले रहा है।

विकल्पसही / ग़लतकारण
बादलग़लतबादल का ज़िक्र कविता में बहुत आगे, तीसरे छंद में आता है — “बजा नगाड़े जगा रहे हैं, बादल…”। इस पंक्ति से उसका कोई संबंध नहीं।
अंकुरसही ★बीज से निकला नन्हा अंकुर ही मिट्टी फोड़कर बाहर आया है। जैसे सोया हुआ बच्चा उठते समय अँगड़ाई लेता है, वैसे ही धरती के भीतर सोया जीवन जागकर तन गया — यही नव-जीवन की अँगड़ाई है।
बूँदग़लतबूँद तो कारण है, कर्ता नहीं। बूँद गिरी, उससे अंकुर फूटा। अँगड़ाई अंकुर ले रहा है, बूँद नहीं।
पावसग़लतपावस यानी वर्षा ऋतु — वह समय बताता है (“वह पावस का प्रथम दिवस जब”), कोई क्रिया नहीं करता।
यह कौन-सा अलंकार है: अंकुर कोई जीव नहीं, फिर भी वह ‘अँगड़ाई ले रहा है’ — निर्जीव या पेड़-पौधे में मनुष्य जैसा व्यवहार दिखाना मानवीकरण कहलाता है। पूरी कविता ऐसे ही चित्रों से भरी है।
प्र2.
2. ‘नीले नयनों-सा यह अंबर, काली पुतली-से ये जलधर’ में ‘काली पुतली’ है— • बारिश की बूँदें • नगाड़ा • वृद्ध धरती • बादल
उत्तर

सही उत्तर है — बादल। इसी के सामने तारा (★) बनाइए।

पंक्ति में दो उपमाएँ साथ-साथ चलती हैं। कवि पूरे आकाश को एक आँख मान लेता है —

कविता का शब्दउसका अर्थकिससे तुलना
अंबरआकाशनीले नयन — क्योंकि आकाश नीला है, जैसे किसी की नीली आँख
जलधरबादल (जल को धारण करने वाला)काली पुतली — क्योंकि नीली आँख के बीच जो काली पुतली होती है, वैसे ही नीले आकाश के बीच काले बादल तैर रहे हैं
शब्द ही उत्तर दे देता है: ‘जलधर’ = जल + धर, यानी जल धारण करने वाला। पंक्ति में वह आकाश में है, इसलिए यहाँ जलधर का अर्थ बादल ही है, समुद्र नहीं। और ‘काली पुतली’ की उपमा उसी जलधर को दी गई है।
बाक़ी विकल्प क्यों नहीं: ‘बारिश की बूँदें’ अगली पंक्ति में अश्रु कही गई हैं, पुतली नहीं। ‘नगाड़ा’ मेघ-गर्जना के लिए आया है। ‘वृद्ध धरती’ (बूढ़ी धरती) तो अंतिम छंद में है और वह आँख नहीं, आँख से आँसू पाने वाली है।
प्र3.
(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर क्यों चुने?
उत्तर

यह चर्चा का प्रश्न है। चर्चा में आपका उत्तर तभी मज़बूत माना जाएगा जब आप उसके साथ कविता की एक पंक्ति प्रमाण के रूप में रख सकें।

अच्छी चर्चा में तीन बातें होनी चाहिए:

  • आपने कौन-सा विकल्प चुना;
  • कविता की वह पंक्ति जो उसे सिद्ध करती है;
  • बाक़ी विकल्प क्यों नहीं चुने — कम-से-कम एक का कारण।
नमूना उत्तर:
“पहले प्रश्न में मैंने अंकुर चुना, क्योंकि कविता कहती है — ‘अंकुर फूट पड़ा धरती से, नव-जीवन की ले अँगड़ाई।’ दोनों पंक्तियाँ एक ही वाक्य हैं, इसलिए अँगड़ाई लेने वाला अंकुर ही है। बूँद तो उसका कारण है, करने वाली नहीं।

दूसरे प्रश्न में मैंने बादल चुना, क्योंकि कवि ने आकाश को नीली आँख कहा है और आँख की काली पुतली उसके बीच होती है। नीले आकाश के बीच जो काला दिखता है, वह बादल ही है। ‘जलधर’ शब्द का अर्थ भी जल धारण करने वाला यानी बादल है।”
चर्चा का असली लाभ: हो सकता है आपका कोई मित्र दूसरा विकल्प चुनकर आया हो। उससे बहस मत कीजिए — उससे पूछिए कि उसने कौन-सी पंक्ति के आधार पर चुना। इस तरह पूरी कक्षा को यह आदत पड़ती है कि उत्तर अनुमान से नहीं, पाठ से निकाला जाता है।
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