प्र1.
1. दो अक्षर का मेरा नाम, आता हूँ खाने के काम। उल्टा होकर नाच दिखाऊँ, मैं क्यों अपना नाम बताऊँ।
उत्तर
उत्तर है — चना।
च + ना = चना — दो अक्षर
उलटकर पढ़िए → ना + च = नाच
उलटकर पढ़िए → ना + च = नाच
हर पंक्ति कैसे मिलती है —
| पहेली की पंक्ति | संकेत | चना पर कैसे लागू |
|---|---|---|
| “दो अक्षर का मेरा नाम” | नाम में केवल दो अक्षर | च–ना, ठीक दो अक्षर। |
| “आता हूँ खाने के काम” | यह कोई खाने की चीज़ है | भुना चना, चने की दाल, चने का साग, चने का बेसन — सब खाए जाते हैं। |
| “उल्टा होकर नाच दिखाऊँ” | अक्षर उलटने पर दूसरा शब्द बनता है | ‘चना’ को उलटा पढ़िए तो ‘नाच’ बन जाता है। |
| “मैं क्यों अपना नाम बताऊँ” | यही तो बूझने के लिए कहा गया है | तीसरी पंक्ति ही सबसे बड़ा सुराग़ है — नाम उसी में छिपा है। |
इस पहेली की चाल: यह शब्द को उलटकर बनने वाली पहेली है — इसे ‘विलोमपद’ या पलिंद्रोम-जैसा खेल कहते हैं। ऐसी पहेलियों में पहले उस शब्द को खोजिए जो अर्थ के संकेत (यहाँ ‘खाने के काम’) पर बैठे, फिर उसे उलटकर देखिए कि दूसरा संकेत (यहाँ ‘नाच’) मिलता है या नहीं। दोनों मिल जाएँ तो उत्तर पक्का।
ऐसे और शब्द (अपने आप उलटकर देखिए): राही ↔ हीरा, नमक ↔ कमन, दाल ↔ लादा, कला ↔ लाक, जग ↔ गज, नल ↔ लन, रस ↔ सर, तन ↔ नत, मन ↔ नम, काला ↔ लाका। इनमें से कुछ के दोनों रूप अर्थ रखते हैं — जग–गज और रस–सर जैसे। इन्हीं से आप अपनी नई पहेली बना सकते हैं।