प्र1.
“रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून॥” इस दोहे में ‘पानी’ शब्द के तीन अर्थ हैं— सम्मान, जल, चमक। इसी प्रकार कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। आप भी इन शब्दों के तीन-तीन अर्थ लिखिए। (कल, पत्र, कर, फल)
उत्तर
पहले दोहे को समझ लीजिए, क्योंकि यही इस अभ्यास का नमूना है। रहीम कहते हैं — पानी बचाकर रखिए, पानी के बिना सब सूना है। पानी चला जाए तो न मोती बचता है, न मनुष्य, न चूना। और मज़ा यह है कि तीनों के लिए ‘पानी’ का अर्थ अलग है —
| किसका पानी | ‘पानी’ का अर्थ | पानी जाने पर क्या होता है |
|---|---|---|
| मोती का | चमक, आभा | चमक चली जाए तो मोती केवल एक साधारण दाना रह जाता है। |
| मनुष्य का | सम्मान, प्रतिष्ठा, इज़्ज़त | इज़्ज़त चली जाए तो मनुष्य समाज में मुँह दिखाने लायक़ नहीं रहता। |
| चूने का | जल | जल के बिना चूना बुझता ही नहीं, बेकार पड़ा रह जाता है। |
एक ही शब्द के ऐसे अनेक अर्थ होने को अनेकार्थी शब्द कहते हैं। अब दिए गए चार शब्दों के तीन-तीन अर्थ —
| शब्द | अर्थ 1 | अर्थ 2 | अर्थ 3 |
|---|---|---|---|
| कल | बीता हुआ या आने वाला दिन | चैन, आराम, शांति | मशीन, यंत्र, पुर्ज़ा |
| पत्र | चिट्ठी, ख़त | पत्ता, पेड़ का पर्ण | समाचार-पत्र, अख़बार |
| कर | हाथ | टैक्स, राजस्व, शुल्क | किरण (सूर्य की) |
| फल | पेड़ का फल, मेवा | परिणाम, नतीजा | चाकू या तलवार का धारदार भाग |
हर अर्थ का एक-एक वाक्य — अर्थ याद रखने का सबसे पक्का तरीक़ा यही है कि उसे वाक्य में बरत लिया जाए।
| शब्द | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| कल | बीता/आने वाला दिन | कल हमारी हिंदी की परीक्षा है। |
| चैन, आराम | बच्चे के लौट आने तक माँ को कल न पड़ा। | |
| मशीन, यंत्र | मिस्त्री ने आटा-चक्की के कल-पुर्ज़े खोलकर साफ़ किए। | |
| पत्र | चिट्ठी | दादी ने अपने हाथ से लिखा पत्र भेजा है। |
| पत्ता | पूजा की थाली में तुलसी का पत्र रखा था। | |
| अख़बार | यह समाचार आज के पत्र में छपा है। | |
| कर | हाथ | माँ ने कर जोड़कर सबका अभिनंदन किया। |
| टैक्स | हर नागरिक को समय पर कर चुकाना चाहिए। | |
| किरण | सूर्य के पहले कर पड़ते ही ओस चमक उठी। | |
| फल | पेड़ का फल | आम गर्मियों का सबसे प्रिय फल है। |
| परिणाम | मेहनत का फल देर से मिलता है, पर मीठा मिलता है। | |
| धारदार भाग | चाकू का फल इतना तेज़ था कि काग़ज़ अपने आप कट गया। |
अनेकार्थी शब्द पहचानने का सूत्र: अर्थ शब्द में नहीं, वाक्य में बैठा होता है। ‘कल’ अकेला बोलिए तो कुछ पता नहीं चलता; ‘कल आऊँगा’ कहते ही दिन का अर्थ खुल जाता है और ‘कल-पुर्ज़े’ कहते ही मशीन का। इसीलिए ऐसे प्रश्न में केवल अर्थ लिखकर मत छोड़िए — साथ में एक-एक वाक्य ज़रूर बनाइए, तभी उत्तर पूरा माना जाता है।
और भी अनेकार्थी शब्द (अपने आप कीजिए): हार — पराजय / माला / पहाड़ की श्रेणी। अंबर — आकाश / वस्त्र / एक सुगंधित द्रव्य। नग — रत्न / पहाड़ / वस्तु की गिनती। सोना — स्वर्ण / नींद लेना / बहुत क़ीमती। इन्हें भी शब्दकोश से जाँचकर वाक्य बनाइए।