मल्हार अध्याय 6 आपकी बात

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के मित्रों के नाम खोजिए और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भागीदारी पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर

बिस्मिल हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन नाम के क्रांतिकारी दल के प्रमुख नेता थे। इसी दल के उनके साथी-मित्र इतिहास में प्रसिद्ध हैं। नीचे खोज के लिए एक तैयार सूची दी जा रही है — नाम पढ़कर पुस्तकालय या विश्वसनीय वेबसाइट से इनके बारे में और पढ़िए।

साथी का नामस्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँबिस्मिल के सबसे घनिष्ठ मित्र। काकोरी काण्ड में साथ रहे और उन्हीं दिनों फ़ैज़ाबाद जेल में फाँसी दी गई। हिंदू-मुस्लिम एकता की सबसे सुंदर मिसाल — एक ‘बिस्मिल’, दूसरे ‘हसरत’ उपनाम से शायरी करते थे।
रोशन सिंह (ठाकुर रोशन सिंह)काकोरी काण्ड के अभियुक्त; इलाहाबाद (नैनी) जेल में फाँसी दी गई।
राजेंद्रनाथ लाहिड़ीकाकोरी काण्ड के साथी; गोंडा जेल में फाँसी दी गई।
चंद्रशेखर आज़ाददल के साथी; बिस्मिल की फाँसी के बाद दल को फिर खड़ा किया और ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ बनाया।
सचींद्रनाथ सान्यालदल के संस्थापकों में; ‘बंदी जीवन’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी, जिसने अनेक नौजवानों को प्रेरित किया।
मन्मथनाथ गुप्तकाकोरी काण्ड के सबसे कम उम्र के अभियुक्तों में; बाद में उन्होंने क्रांतिकारी आंदोलन का इतिहास लिखा।
गोविंद चरण कर / बनवारी लाल आदिकाकोरी मुकदमे के अन्य अभियुक्त; इन्हें अलग-अलग अवधि की सज़ाएँ हुईं।

चर्चा किस पर कीजिए —

  • काकोरी काण्ड (1925) — लखनऊ के पास काकोरी में इस दल ने सरकारी ख़ज़ाना ले जा रही रेलगाड़ी रोककर धन लिया, ताकि आंदोलन चल सके। मुकदमे में बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को फाँसी हुई।
  • बिस्मिल और अशफ़ाक़ की मित्रता — दोनों अलग धर्म के, दोनों शायर, दोनों एक साथ शहीद। यह भारत की साझी विरासत का सबसे सुंदर उदाहरण है।
  • पाठ से जोड़िए — बिस्मिल की माँ का आदेश था “किसी की प्राणहानि न हो।” चर्चा कीजिए कि क्या यह आदेश उनके दल के काम-काज पर असर डालता होगा।
खोज कहाँ करें: पुस्तकालय में — बिस्मिल की आत्मकथा, सचींद्रनाथ सान्याल की ‘बंदी जीवन’, मन्मथनाथ गुप्त की पुस्तकें। इंटरनेट पर — सरकारी संग्रहालयों और अभिलेखागार (Archives) की वेबसाइटें सबसे भरोसेमंद हैं। जो जानकारी मिले, उसे कक्षा में रखने से पहले शिक्षक से एक बार जँचवा लीजिए।
प्र2.
(ख) नीचे लिखे बिंदुओं को आधार बनाते हुए अपनी माँ या अपने अभिभावक से बातचीत कीजिए और उनके बारे में गहराई से जानिए कि उनका प्रिय रंग, भोज्य पदार्थ, गीत, बचपन की यादें, प्रिय स्थान आदि कौन-कौन से थे? उदाहरण के लिए— • आपका जन्म कहाँ हुआ था? • आपकी प्रिय पुस्तक का नाम क्या है?
उत्तर

यह आपकी अपनी बातचीत है, इसलिए इसका उत्तर हर विद्यार्थी का अलग होगा। नीचे करने का तरीक़ा और एक नमूना दिया गया है, जिसे देखकर आप अपनी बातचीत लिख सकते हैं।

बातचीत कैसे कीजिए —

  • पहले प्रश्नों की सूची बनाकर कॉपी में लिख लीजिए, फिर बात कीजिए। बिना तैयारी की बातचीत बीच में अटक जाती है।
  • ऐसा समय चुनिए जब वे फुरसत में हों — काम के बीच में नहीं।
  • ‘हाँ/नहीं’ वाले प्रश्न कम पूछिए। हर उत्तर के बाद एक बार “क्यों?” या “फिर क्या हुआ?” ज़रूर पूछिए — असली कहानी वहीं से निकलती है।
  • सुनते-सुनते छोटे-छोटे नोट लिखते चलिए; बाद में पूरे वाक्य बनाइए।
  • हो सके तो उनके बचपन की कोई पुरानी तस्वीर भी लगाइए।

पूछने के लिए प्रश्न (पुस्तक के दो प्रश्नों के साथ ये भी जोड़िए) —

बिंदुप्रश्न इस तरह पूछिए
जन्म-स्थानआपका जन्म कहाँ हुआ था? वह जगह अब कैसी दिखती है?
प्रिय पुस्तकआपकी प्रिय पुस्तक कौन-सी है? वह आपको सबसे पहले किसने दी थी?
प्रिय रंगआपको कौन-सा रंग सबसे अच्छा लगता है और क्यों?
प्रिय भोज्य पदार्थबचपन में आपको कौन-सी चीज़ खाना सबसे अच्छा लगता था? वह कौन बनाता था?
प्रिय गीतकोई ऐसा गीत जो सुनकर आपको आज भी अपना बचपन याद आ जाता हो?
बचपन की यादबचपन की सबसे मज़ेदार शरारत कौन-सी थी? और सबसे बड़ी डाँट किस बात पर पड़ी?
प्रिय स्थानआपकी सबसे प्रिय जगह कौन-सी है? वहाँ जाकर कैसा लगता है?
सपनाबचपन में आप बड़े होकर क्या बनना चाहते थे?
नमूना उत्तर (आप अपनी बातचीत के अनुसार बदल लीजिए):
“मैंने रविवार की दोपहर अपनी माँ से बात की। उनका जन्म बुलंदशहर के पास एक छोटे-से गाँव में हुआ था, जहाँ घर के पीछे एक बड़ा नीम का पेड़ था। उन्हें हरा रंग सबसे अच्छा लगता है, क्योंकि उन्हें अपने खेत याद आ जाते हैं। खाने में उन्हें नानी के हाथ की बाजरे की रोटी और गुड़ सबसे प्रिय था। जिस गीत को सुनकर उन्हें आज भी बचपन याद आ जाता है, वह है ‘लग जा गले’ — नानी उसे गुनगुनाया करती थीं।
सबसे मज़ेदार बात यह पता चली कि माँ बचपन में पेड़ पर चढ़ने में सबसे आगे थीं और एक बार अमरूद तोड़ते हुए गिरकर उनका हाथ छिल गया था; उन्होंने घर में यही कहा कि फिसल गई थीं। उनकी प्रिय जगह अब भी गाँव की वही चौपाल है। बड़े होकर वे अध्यापिका बनना चाहती थीं।
इस बातचीत के बाद मुझे लगा कि माँ सिर्फ़ ‘माँ’ नहीं हैं — उनका भी एक बचपन था, अपने सपने थे। यह बात मैंने पहले कभी सोची ही नहीं थी।”
यह गतिविधि पाठ से क्यों जोड़ी गई है: बिस्मिल ने अपनी माँ के बारे में जो लिखा, वह केवल “मेरी माँ अच्छी थीं” नहीं है। उन्होंने ब्यौरे लिखे — किस उम्र में ब्याह कर आईं, कैसे पढ़ना सीखा, किस बात पर अड़ीं। ब्यौरे ही किसी को जीवित बनाते हैं। इस गतिविधि में आपसे भी वही ब्यौरे जुटाने को कहा जा रहा है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ