प्र1.
(क) रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के मित्रों के नाम खोजिए और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भागीदारी पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर
बिस्मिल हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन नाम के क्रांतिकारी दल के प्रमुख नेता थे। इसी दल के उनके साथी-मित्र इतिहास में प्रसिद्ध हैं। नीचे खोज के लिए एक तैयार सूची दी जा रही है — नाम पढ़कर पुस्तकालय या विश्वसनीय वेबसाइट से इनके बारे में और पढ़िए।
| साथी का नाम | स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी |
|---|---|
| अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ | बिस्मिल के सबसे घनिष्ठ मित्र। काकोरी काण्ड में साथ रहे और उन्हीं दिनों फ़ैज़ाबाद जेल में फाँसी दी गई। हिंदू-मुस्लिम एकता की सबसे सुंदर मिसाल — एक ‘बिस्मिल’, दूसरे ‘हसरत’ उपनाम से शायरी करते थे। |
| रोशन सिंह (ठाकुर रोशन सिंह) | काकोरी काण्ड के अभियुक्त; इलाहाबाद (नैनी) जेल में फाँसी दी गई। |
| राजेंद्रनाथ लाहिड़ी | काकोरी काण्ड के साथी; गोंडा जेल में फाँसी दी गई। |
| चंद्रशेखर आज़ाद | दल के साथी; बिस्मिल की फाँसी के बाद दल को फिर खड़ा किया और ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ बनाया। |
| सचींद्रनाथ सान्याल | दल के संस्थापकों में; ‘बंदी जीवन’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी, जिसने अनेक नौजवानों को प्रेरित किया। |
| मन्मथनाथ गुप्त | काकोरी काण्ड के सबसे कम उम्र के अभियुक्तों में; बाद में उन्होंने क्रांतिकारी आंदोलन का इतिहास लिखा। |
| गोविंद चरण कर / बनवारी लाल आदि | काकोरी मुकदमे के अन्य अभियुक्त; इन्हें अलग-अलग अवधि की सज़ाएँ हुईं। |
चर्चा किस पर कीजिए —
- काकोरी काण्ड (1925) — लखनऊ के पास काकोरी में इस दल ने सरकारी ख़ज़ाना ले जा रही रेलगाड़ी रोककर धन लिया, ताकि आंदोलन चल सके। मुकदमे में बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को फाँसी हुई।
- बिस्मिल और अशफ़ाक़ की मित्रता — दोनों अलग धर्म के, दोनों शायर, दोनों एक साथ शहीद। यह भारत की साझी विरासत का सबसे सुंदर उदाहरण है।
- पाठ से जोड़िए — बिस्मिल की माँ का आदेश था “किसी की प्राणहानि न हो।” चर्चा कीजिए कि क्या यह आदेश उनके दल के काम-काज पर असर डालता होगा।
खोज कहाँ करें: पुस्तकालय में — बिस्मिल की आत्मकथा, सचींद्रनाथ सान्याल की ‘बंदी जीवन’, मन्मथनाथ गुप्त की पुस्तकें। इंटरनेट पर — सरकारी संग्रहालयों और अभिलेखागार (Archives) की वेबसाइटें सबसे भरोसेमंद हैं। जो जानकारी मिले, उसे कक्षा में रखने से पहले शिक्षक से एक बार जँचवा लीजिए।