प्र1.
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थ या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट, पुस्तकालय या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं। शब्द — 1. देवनागरी 2. आर्यसमाज 3. मेजिनी 4. गोबिंद सिंह। अर्थ या संदर्भ — 1. सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। 2. इटली के गुप्त राष्ट्रवादी दल का सेनापति; इटली का मसीहा था जिसने लोगों को एक सूत्र में बाँधा। 3. महर्षि दयानंद द्वारा स्थापित एक संस्था। 4. भारत की एक भाषा-लिपि जिसमें हिंदी, संस्कृत, मराठी आदि भाषाएँ लिखी जाती हैं।
उत्तर
सही मिलान इस प्रकार है — 1 → 4, 2 → 3, 3 → 2, 4 → 1. ध्यान दीजिए, यहाँ एक भी जोड़ी आमने-सामने नहीं बैठती; क्रम पूरी तरह उलटा है।
| शब्द | मिलान | अर्थ या संदर्भ | पाठ में कहाँ आया है |
|---|---|---|---|
| 1. देवनागरी | → 4 | भारत की एक भाषा-लिपि जिसमें हिंदी, संस्कृत, मराठी आदि भाषाएँ लिखी जाती हैं। | “परिश्रम के फल से थोड़े दिनों में ही वह देवनागरी पुस्तकों का अध्ययन करने लगीं।” |
| 2. आर्यसमाज | → 3 | महर्षि दयानंद द्वारा स्थापित एक संस्था। | “जब से मैंने आर्यसमाज में प्रवेश किया, माताजी से खूब वार्तालाप होता।” |
| 3. मेजिनी | → 2 | इटली के गुप्त राष्ट्रवादी दल का सेनापति; इटली का मसीहा था जिसने लोगों को एक सूत्र में बाँधा। | “…उन्होंने मेरी वैसी ही सहायता की है, जैसी मेजिनी को उनकी माता ने की थी।” |
| 4. गोबिंद सिंह | → 1 | सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। | “गुरु गोबिंद सिंह जी की धर्मपत्नी ने जब अपने पुत्रों की मृत्यु की खबर सुनी तो बहुत प्रसन्न हुई थीं…” |
हर शब्द के बारे में थोड़ा और —
- देवनागरी — यह कोई भाषा नहीं, लिपि है, यानी लिखने का ढंग। हिंदी, संस्कृत, मराठी, नेपाली, कोंकणी सब इसी लिपि में लिखी जाती हैं। बिस्मिल की माँ का देवनागरी पुस्तकें पढ़ने लगना बताता है कि उन्होंने केवल अक्षर नहीं सीखे, पूरी पुस्तकें पढ़ने की योग्यता पा ली।
- आर्यसमाज — इसकी स्थापना महर्षि दयानंद सरस्वती ने 1875 में की थी। यह मूर्तिपूजा और छुआछूत का विरोध करती थी और स्त्री-शिक्षा पर बहुत ज़ोर देती थी। बिस्मिल के आर्यसमाज में जाने के बाद माँ के विचार और उदार हो गए — यह बात पाठ में साफ़ लिखी है।
- मेजिनी (ज्युसेप्पे मेत्सीनी) — उन्नीसवीं सदी के इटली के देशभक्त, जिन्होंने ‘यंग इटली’ नाम का गुप्त दल बनाकर बिखरे हुए इटली को एक करने का काम किया। भारत के क्रांतिकारी उन्हें अपना आदर्श मानते थे। बिस्मिल अपनी माँ की तुलना मेजिनी की माँ से करते हैं — यह उनकी सबसे बड़ी प्रशंसा है।
- गुरु गोबिंद सिंह — सिखों के दसवें गुरु, जिन्होंने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की। उनके चारों पुत्रों ने बलिदान दिया। पाठ में उनकी धर्मपत्नी की मिसाल इसीलिए दी गई है — बिस्मिल अपनी माँ से भी वैसा ही धैर्य माँग रहे हैं।
मिलान की तरकीब: पहले वे जोड़ियाँ मिलाइए जो पक्की हैं — जैसे ‘गोबिंद सिंह’ के आगे ‘सिखों के दसवें गुरु’। पक्की जोड़ियाँ हटा देने पर बची हुई चीज़ें अपने आप जुड़ जाती हैं। अंदाज़े से शुरू करने पर एक ग़लती बाक़ी सब बिगाड़ देती है।