कक्षा ६ हिंदी अध्याय 7 आज की पहेली के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
“समय साक्षी है कि जलते हुए दीप / अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए।” — ‘पवन’ शब्द का अर्थ है हवा। नीचे एक अक्षर-जाल दिया गया है। इसमें ‘पवन’ के लिए उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग नाम या शब्द छिपे हैं। आपको उन्हें खोजकर उन पर घेरा बनाना है, जैसा एक हमने पहले से बना दिया है। देखते हैं, आप कितने सही नाम या शब्द खोज पाते हैं।
उत्तर

अक्षर-जाल 5 × 5 का है। पुस्तक में हवा पर घेरा पहले से बना है। इसमें कुल सात शब्द छिपे हैं — कुछ आड़े (बाएँ से दाएँ) और कुछ खड़े (ऊपर से नीचे)।

दिया गया अक्षर-जाल —

पंक्ति12345
पहलीबादलईब
दूसरीपअनिलया
तीसरीवकसमीर
चौथीनहवायुब
पाँचवींमारुतसड़

छिपे हुए शब्द —

शब्दकहाँ छिपा हैदिशा
हवाचौथी पंक्ति, दूसरा और तीसरा खाना (ह + वा)आड़ा — यही पुस्तक में घेरा हुआ है
पवनपहले खाने में ऊपर से नीचे — दूसरी, तीसरी, चौथी पंक्ति (प + व + न)खड़ा
अनिलदूसरी पंक्ति, दूसरे से चौथे खाने तक (अ + नि + ल)आड़ा
समीरतीसरी पंक्ति, तीसरे से पाँचवें खाने तक (स + मी + र)आड़ा
वायुचौथी पंक्ति, तीसरा और चौथा खाना (वा + यु)आड़ा
मारुतपाँचवीं पंक्ति, पहले से तीसरे खाने तक (मा + रु + त)आड़ा
बयारपाँचवें खाने में ऊपर से नीचे — पहली, दूसरी, तीसरी पंक्ति (ब + या + र)खड़ा
शब्दअर्थ / विशेषताअपना एक वाक्य
हवासबसे आम शब्द, रोज़ की बोलचाल काआज हवा तेज़ चल रही है।
पवनकविता का शब्द; इसी से ‘पवनपुत्र’ बनासुबह की शीतल पवन मन को भा गई।
वायुवैज्ञानिक और शुद्ध रूपपेड़ों से हमें शुद्ध वायु मिलती है।
अनिलसंस्कृत शब्द; लोगों के नाम में भी चलता हैअनिल के झोंके से दीपक काँप उठा।
समीरमंद और सुखद हवा के लिएनदी किनारे बहता समीर बहुत सुहावना था।
मारुतवेगवाली हवा; वायुदेव का भी नाममारुत के वेग से पेड़ झूम उठे।
बयारधीमी, ठंडी हवा — लोकभाषा का सुंदर शब्दआम के बौर की महक बयार में घुली थी।
एक जाल से बचिए: पहली पंक्ति में ‘बा-द-ल’ पढ़कर बादल बनता ज़रूर है, पर बादल हवा का नाम नहीं है — वह तो आकाश में छाने वाला मेघ है। पहेली में ऐसे शब्द जानबूझकर रखे जाते हैं ताकि आप केवल शब्द न ढूँढ़ें, अर्थ भी जाँचें। इसी तरह बचे हुए अक्षर (ई, क, ब, स, ड़) भी केवल जगह भरने के लिए हैं।
खोजने का तरीक़ा: पहले हर पंक्ति को बाएँ से दाएँ पढ़िए, फिर हर खाने को ऊपर से नीचे। दो-अक्षर वाले शब्द (हवा, वायु) सबसे पहले मिल जाते हैं, उनसे आत्मविश्वास बढ़ता है। पाँच-छह हवा के नाम पहले काग़ज़ पर लिख लीजिए — फिर उन्हीं को जाल में ढूँढ़ना बहुत आसान हो जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा?