प्र1.
“समय साक्षी है कि जलते हुए दीप / अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए।” — ‘पवन’ शब्द का अर्थ है हवा। नीचे एक अक्षर-जाल दिया गया है। इसमें ‘पवन’ के लिए उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग नाम या शब्द छिपे हैं। आपको उन्हें खोजकर उन पर घेरा बनाना है, जैसा एक हमने पहले से बना दिया है। देखते हैं, आप कितने सही नाम या शब्द खोज पाते हैं।
उत्तर
अक्षर-जाल 5 × 5 का है। पुस्तक में हवा पर घेरा पहले से बना है। इसमें कुल सात शब्द छिपे हैं — कुछ आड़े (बाएँ से दाएँ) और कुछ खड़े (ऊपर से नीचे)।
दिया गया अक्षर-जाल —
| पंक्ति | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|
| पहली | बा | द | ल | ई | ब |
| दूसरी | प | अ | नि | ल | या |
| तीसरी | व | क | स | मी | र |
| चौथी | न | ह | वा | यु | ब |
| पाँचवीं | मा | रु | त | स | ड़ |
छिपे हुए शब्द —
| शब्द | कहाँ छिपा है | दिशा |
|---|---|---|
| हवा | चौथी पंक्ति, दूसरा और तीसरा खाना (ह + वा) | आड़ा — यही पुस्तक में घेरा हुआ है |
| पवन | पहले खाने में ऊपर से नीचे — दूसरी, तीसरी, चौथी पंक्ति (प + व + न) | खड़ा |
| अनिल | दूसरी पंक्ति, दूसरे से चौथे खाने तक (अ + नि + ल) | आड़ा |
| समीर | तीसरी पंक्ति, तीसरे से पाँचवें खाने तक (स + मी + र) | आड़ा |
| वायु | चौथी पंक्ति, तीसरा और चौथा खाना (वा + यु) | आड़ा |
| मारुत | पाँचवीं पंक्ति, पहले से तीसरे खाने तक (मा + रु + त) | आड़ा |
| बयार | पाँचवें खाने में ऊपर से नीचे — पहली, दूसरी, तीसरी पंक्ति (ब + या + र) | खड़ा |
| शब्द | अर्थ / विशेषता | अपना एक वाक्य |
|---|---|---|
| हवा | सबसे आम शब्द, रोज़ की बोलचाल का | आज हवा तेज़ चल रही है। |
| पवन | कविता का शब्द; इसी से ‘पवनपुत्र’ बना | सुबह की शीतल पवन मन को भा गई। |
| वायु | वैज्ञानिक और शुद्ध रूप | पेड़ों से हमें शुद्ध वायु मिलती है। |
| अनिल | संस्कृत शब्द; लोगों के नाम में भी चलता है | अनिल के झोंके से दीपक काँप उठा। |
| समीर | मंद और सुखद हवा के लिए | नदी किनारे बहता समीर बहुत सुहावना था। |
| मारुत | वेगवाली हवा; वायुदेव का भी नाम | मारुत के वेग से पेड़ झूम उठे। |
| बयार | धीमी, ठंडी हवा — लोकभाषा का सुंदर शब्द | आम के बौर की महक बयार में घुली थी। |
एक जाल से बचिए: पहली पंक्ति में ‘बा-द-ल’ पढ़कर बादल बनता ज़रूर है, पर बादल हवा का नाम नहीं है — वह तो आकाश में छाने वाला मेघ है। पहेली में ऐसे शब्द जानबूझकर रखे जाते हैं ताकि आप केवल शब्द न ढूँढ़ें, अर्थ भी जाँचें। इसी तरह बचे हुए अक्षर (ई, क, ब, स, ड़) भी केवल जगह भरने के लिए हैं।
खोजने का तरीक़ा: पहले हर पंक्ति को बाएँ से दाएँ पढ़िए, फिर हर खाने को ऊपर से नीचे। दो-अक्षर वाले शब्द (हवा, वायु) सबसे पहले मिल जाते हैं, उनसे आत्मविश्वास बढ़ता है। पाँच-छह हवा के नाम पहले काग़ज़ पर लिख लीजिए — फिर उन्हीं को जाल में ढूँढ़ना बहुत आसान हो जाता है।