मल्हार अध्याय 7 मिलकर करें मिलान

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कविता में से चुनकर कुछ शब्द यहाँ दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं। शब्द — 1. अमावस 2. पूर्णिमा 3. विद्युत-दिये 4. युग। अर्थ या संदर्भ — 1. पूर्णमासी, वह तिथि जिस रात चंद्रमा पूरा दिखाई देता है। 2. विद्युत दिये अर्थात बिजली से जलने वाले दीपक, बल्ब आदि उपकरण। 3. समय, काल, युग संख्या में चार माने गए हैं — सत्ययुग (सतयुग), त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग। 4. अमावस्या, जिस रात आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता।
उत्तर

सही मिलान — 1 → 4, 2 → 1, 3 → 2, 4 → 3। ध्यान दीजिए, केवल तीसरी जोड़ी ही आमने-सामने बैठती है; बाकी क्रम बदला हुआ है।

शब्दमिलानअर्थ या संदर्भकविता में कहाँ आया है
1. अमावस→ 4अमावस्या, जिस रात आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता।“घिरी आ रही है अमावस निशा-सी।”
2. पूर्णिमा→ 1पूर्णमासी, वह तिथि जिस रात चंद्रमा पूरा दिखाई देता है।“कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी,”
3. विद्युत-दिये→ 2बिजली से जलने वाले दीपक, बल्ब आदि उपकरण।“बिना स्नेह विद्युत-दिये जल रहे जो”
4. युग→ 3समय, काल; युग संख्या में चार माने गए हैं — सत्ययुग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग।युगों से तुम्हीं ने तिमिर की शिला पर”
मिलान करने का तरीक़ा: पहले वे जोड़ियाँ बनाइए जिन पर आपको पक्का भरोसा है। जैसे ‘विद्युत-दिये’ का अर्थ तो उसी शब्द से शुरू हो रहा है — वह सबसे पहले जुड़ जाएगा। ‘अमावस’ और ‘पूर्णिमा’ एक-दूसरे के उलटे हैं, इसलिए उन्हें भी उलटा-उलटा जोड़ना है। बचा हुआ अपने आप सही जगह बैठ जाता है।
ध्यान रखिए: कविता में ‘अमावस’ और ‘पूर्णिमा’ सिर्फ़ तिथियाँ नहीं हैं। ‘अमावस बने पूर्णिमा-सी’ का अर्थ है — घोर अँधेरा भी पूरे उजाले में बदल जाए। यही विज्ञान की शक्ति है, जिसकी बात कवि कर रहे हैं।
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