प्र1.
“कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी” — ‘अमावस’ का अर्थ है ‘अमावस्या’। इन दोनों शब्दों का अर्थ तो समान है लेकिन इनके लिखने-बोलने में थोड़ा-सा अंतर है। ऐसे ही कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनसे मिलते-जुलते दूसरे शब्द कविता से खोजकर लिखिए। ऐसे ही कुछ अन्य शब्द आपस में चर्चा करके खोजिए और लिखिए— 1. दिया 2. उजेला 3. अनगिन 4. ______ 5. ______ 6. ______
उत्तर
यहाँ ऐसे जोड़े बनाने हैं जिनका अर्थ एक हो, पर रूप थोड़ा अलग हो। कविता में कवि ने कई बार शब्द का छोटा या काव्य वाला रूप ले लिया है, क्योंकि उससे लय ठीक बैठती है।
| क्र. | दिया गया शब्द | मिलता-जुलता दूसरा रूप | कहाँ मिलता है / कैसे बना |
|---|---|---|---|
| 1. | दिया | दीप (दिये, दीपक) | दोनों कविता में हैं — “रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि” और “जला दीप पहला तुम्हीं ने”। |
| 2. | उजेला | उजाला | कविता में ‘उजेला’ है — “उसी से तिमिर को उजेला मिलेगा॥”; बोलचाल का सामान्य रूप ‘उजाला’ है। |
| 3. | अनगिन | अनगिनत | दोनों कविता में हैं — “दिये अनगिनत है निरंतर जलाए” और “अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए।” |
| 4. | अमावस | अमावस्या | पुस्तक ने स्वयं यही उदाहरण दिया है — “कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी”। |
| 5. | सरित | सरिता | कविता में — “तिमिर की सरित पार करने तुम्हीं ने”; सामान्य रूप ‘सरिता’ यानी नदी। |
| 6. | धरा | धरती (धरणी) | कविता में — “कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा।”; रोज़ की भाषा में हम ‘धरती’ कहते हैं। |
चर्चा करके ऐसे और जोड़े खोजिए —
| एक रूप | दूसरा रूप | अर्थ |
|---|---|---|
| स्नेह | नेह | प्रेम (और दीपक का तेल भी) |
| ज्योति | जोत | दीपक की लौ |
| पूर्णिमा | पूनम / पूर्णमासी | वह रात जिसमें चाँद पूरा दिखता है |
| निशा | निशि | रात |
| विद्युत | बिजुरी / बिजली | बिजली |
| स्वर्ण | सोना / सुवर्ण | सोना |
कवि छोटा रूप क्यों लेते हैं: कविता में हर पंक्ति की मात्राएँ लगभग बराबर रखनी होती हैं। ‘अनगिनत’ में एक मात्रा ज़्यादा है, ‘अनगिन’ में एक कम — जहाँ जितनी जगह बची, कवि ने वही रूप रख दिया। इसी तरह ‘उजाला’ की जगह ‘उजेला’ रखने से ‘मिलेगा’ के साथ तुक भी बेहतर बैठ गई। यानी ये बदले हुए रूप भूल नहीं, कवि की सूझ हैं।
अपना वाक्य बनाइए: हर जोड़े का एक-एक वाक्य लिखिए — जैसे, “अनगिन तारे आकाश में टिमटिमा रहे थे।” और “आकाश में अनगिनत तारे थे।” दोनों वाक्य पढ़कर देखिए — अर्थ एक ही है, पर पहला वाक्य कुछ काव्य-सा लगता है। यही अंतर पहचानना इस अभ्यास का उद्देश्य है।