पुस्तक में कुल पंद्रह चित्र दिए गए हैं — आठ पृष्ठ 101 पर और सात पृष्ठ 102 के ऊपरी हिस्से में। नीचे हर चित्र का सबसे प्रचलित नाम, उसके क्षेत्रीय नाम और उसका काम दिया गया है।
पृष्ठ 101 के चित्र —
| क्रम | चित्र में क्या है | सामान्य नाम | और किन नामों से पुकारा जाता है | किस काम आता है |
|---|---|---|---|---|
| 1 | चौड़े मुँह वाला पीतल का घड़ा | मटका / घड़ा | हंडा, बटलोई, गगरी, गागर, कलश | पानी भरकर ठंडा रखने के लिए |
| 2 | लोहे की भारी, कोयले वाली इस्तरी | इस्तरी | प्रेस, कोयले की इस्तरी, इस्त्री | कपड़ों की सिलवटें दूर करने के लिए |
| 3 | लकड़ी की नीची चौकोर मेज़ | चौकी | पीढ़ा, पाटा, बाजोट, पटरा | बैठने या पूजा का सामान रखने के लिए |
| 4 | हाथ से चलाने वाली मशीन | सिलाई मशीन | मशीन, सिलाई का चरखा | कपड़े सिलने के लिए |
| 5 | बुनी हुई निवाड़ वाली लकड़ी की चारपाई | चारपाई | खाट, खटिया, माँजा, मचिया | सोने-बैठने के लिए |
| 6 | ढक्कन वाला मिट्टी का बड़ा बर्तन | मर्तबान | बरनी, अचारदानी, कुप्पा | अचार, मुरब्बा या अनाज रखने के लिए |
| 7 | बाँस की बुनी हुई चौड़ी थाली | सूप | छाज, छाजला, सूपा, डलिया | अनाज फटककर भूसा-कंकड़ अलग करने के लिए |
| 8 | चौकोर पत्थर और उस पर गोल बट्टा | सिल-बट्टा | सिलौटी, लोढ़ा-बट्टा, खरल | मसाला और चटनी पीसने के लिए |
पृष्ठ 102 के ऊपर दिए चित्र —
| क्रम | चित्र में क्या है | सामान्य नाम | और किन नामों से पुकारा जाता है | किस काम आता है |
|---|---|---|---|---|
| 9 | दो गोल पाटों वाला पत्थर, ऊपर लकड़ी की मूठ | चक्की | जाँता, घरट, हाथ-चक्की | गेहूँ या दाल पीसकर आटा बनाने के लिए |
| 10 | रंगीन कपड़े का हाथ का पंखा | पंखा | बीजना, बेना, हाथपंखा, विंझना | हाथ से हवा करने के लिए |
| 11 | लकड़ी का लंबा डंडा, नीचे पंखुड़ियों जैसा सिरा | मथानी | रई, मथनी, बिलोनी, मंथा | दही मथकर मक्खन निकालने के लिए |
| 12 | छेदों वाली गोल धातु की थाली | छलनी | चलनी, छन्नी, चालनी | आटा या मसाला छानने के लिए |
| 13 | ढक्कन वाली रंगीन गोल डिबिया, भीतर पान का पत्ता | पानदान | पिटारी, डिबिया, चंगेरी | पान, सुपारी और मसाले रखने के लिए |
| 14 | लकड़ी का गहरा कटोरा और मोटा डंडा | ओखली-मूसल | ऊखल, खल-मूसल, उलूखल, हामदस्ता | धान कूटने या मसाला कूटने के लिए |
| 15 | लकड़ी के खंभे से बँधी रस्सी और मिट्टी की मटकी | बिलौना (मथानी लगी मटकी) | रई-मथानी, नेती, दहीदान | रस्सी घुमाकर मटकी में जमा दही मथने के लिए |