अन्वेषण अध्याय 10 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
चित्र 10.5 में दी गई सारणी को देखिए। उन कार्यों और दायित्वों पर प्रकाश डालिए जो आपके जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।
उत्तर

पहले पृष्ठ 157 की चित्र 10.5 की पूरी सारणी, ताकि आप उस पर निशान लगा सकें। पुस्तक की अपनी चेतावनी याद रखिए — “यह विस्तृत सूची नहीं है”।

अंगअखिल भारत / राष्ट्रीय स्तरराज्य स्तर
न्यायपालिकाभारत का सर्वोच्च न्यायालयउच्च न्यायालय
विधायिकादो सदन — लोकसभा और राज्य सभा — जो राष्ट्रीय स्तर पर कानूनों का निर्माण करते हैंराज्य का एक विधानमंडल अथवा विधान सभा (अधिकांशत: राज्यों में विधान सभा होती है, जबकि कुछ राज्यों में विधान सभा के साथ-साथ एक विधान परिषद भी होती है)
कार्यपालिकासंघ सरकार — भारत के राष्ट्रपति (औपचारिक प्रमुख और तीनों सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर) द्वारा संचालित; प्रधानमंत्री कार्यपालिका के प्रमुखराज्य सरकार — राज्यपाल (औपचारिक प्रधान) द्वारा संचालित; मुख्यमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख
कार्यपालिका के कार्य और दायित्वरक्षा · विदेशी मामले · परमाणु ऊर्जा · संचार · मुद्रा · अंतर्राज्यीय वाणिज्य · शिक्षा · राष्ट्रीय नीतियों का प्रतिपादनपुलिस, कानून व्यवस्था · राज्य स्तर पर केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों को अपनाना और उनका कार्यान्वयन · जन-स्वास्थ्य · शिक्षा · कृषि · सिंचाई · स्थानीय सरकार

अब निशान लगाइए। वे प्रविष्टियाँ चुनिए जो आपके दिन को छूती हैं और एक पंक्ति में लिखिए कि कैसे। एक नमूना:

जिस पर मैं प्रकाश डालूँगास्तरमेरे जीवन पर प्रभाव — नमूना उत्तर
शिक्षाकेंद्र और राज्य दोनोंमेरा विद्यालय, मेरे शिक्षक, मेरी पाठ्यपुस्तक, मध्याह्न भोजन, बोर्ड परीक्षा। यही एक प्रविष्टि मुझे सबसे अधिक प्रभावित करती है
जन-स्वास्थ्यराज्यवह स्वास्थ्य केंद्र जहाँ मेरा टीकाकरण हुआ, और वह अस्पताल जहाँ मेरा परिवार जाता है
पुलिस, कानून व्यवस्थाराज्यविद्यालय के बाहर चौराहे पर खड़ी यातायात पुलिस; सुरक्षित घर लौट पाना
कृषि और सिंचाईराज्यवह नहर और वे बीज जिन पर हमारे खेत टिके हैं — और बाकी सबके लिए सब्ज़ी का भाव
स्थानीय सरकारराज्य का विषयपानी, सड़क की बत्ती, नाली, पार्क — घर से 200 मीटर के भीतर की हर चीज़
संचारकेंद्रफ़ोन और इंटरनेट, और डाकघर
मुद्राकेंद्रहर नोट और सिक्का, और दुकान पर माँ का यू.पी.आई. भुगतान
रक्षाकेंद्रयह रोज़ दिखती नहीं, पर इसी के कारण देश इतना सुरक्षित है कि ऊपर की सारी बातें चल पाती हैं
निशान लगाते समय एक बात देखिए: शिक्षा दोनों स्तंभों में है। यह छपाई की भूल नहीं — कुछ विषयों पर दोनों स्तर मिलकर काम करते हैं। इसीलिए आपका विद्यालय एक ही समय में राज्य विभाग के नियम भी मानता है और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम भी।
प्र2.
दो अथवा तीन वयस्क लोगों से सरकार के साथ उनके कार्य संबंधित संपर्कों अथवा अनुभवों के बारे में पूछिए — यह संपर्क किन स्तरों पर और किन उद्देश्यों से हुए?
उत्तर

विधि। अलग-अलग काम करने वाले वयस्क चुनिए — जैसे एक किसान, एक दुकानदार और एक वेतनभोगी कर्मचारी; या एक गृहिणी, एक ऑटो चालक और एक शिक्षक। केवल तीन प्रश्न पूछिए और उत्तर सारणी में लिखिए। किसी की आय या निजी बातें मत पूछिए।

  1. पिछले एक वर्ष में आपको किस काम से किसी सरकारी कार्यालय जाना पड़ा?
  2. वह स्थानीय कार्यालय था, राज्य का या केंद्र का?
  3. वह असल में कौन-सा अंग था — कोई नियम बनाने वाला, लागू करने वाला या न्यायालय?

नमूना उत्तर (आपके उत्तर अलग होंगे — यही इस अभ्यास का उद्देश्य है):

व्यक्तिसंपर्क का उद्देश्यस्तरअंग
किसानभू-अभिलेख में सुधार; नहर के पानी की बारी; अनुदान पर बीज; क्रय केंद्र पर अनाज बेचनास्थानीय और राज्यकार्यपालिका
दुकानदारनगरपालिका से दुकान का लाइसेंस नवीनीकरण; ऑनलाइन जी.एस.टी. विवरणीस्थानीय और केंद्रकार्यपालिका
वेतनभोगी कर्मचारीआयकर विवरणी; पासपोर्ट बनवाना; भविष्य निधि का दावाकेंद्रकार्यपालिका
गृहिणीराशन कार्ड, गैस कनेक्शन, बच्चे का विद्यालय में प्रवेश और छात्रवृत्ति फ़ॉर्म, टीकाकरण का समयस्थानीय और राज्यकार्यपालिका
ऑटो चालकड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का फ़िटनेस और परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, यातायात चालानराज्य — आर.टी.ओ. और यातायात पुलिस के माध्यम सेकार्यपालिका; चालान पर विवाद हो तो न्यायालय
कोई भी मतदातामतदाता पहचान-पत्र, और पंचायत/नगरपालिका, विधान सभा तथा लोकसभा चुनावों में मतदानतीनों स्तरविधायिका का चयन — यही एक संपर्क है जिसमें निर्णय नागरिक करता है
कक्षा को प्राय: क्या पता चलता है: रोज़ का लगभग सारा संपर्क कार्यपालिका से होता है — वे कार्यालय और अधिकारी जो कानूनों को लागू करते हैं। विधायिका से संपर्क मुख्यत: मतदान के दिन होता है और न्यायपालिका से तभी जब कोई विवाद हो। यह अच्छी खोज है, क्योंकि इससे पता चलता है कि मतदान का वह एक दिन इतना महत्वपूर्ण क्यों है — उसी दिन नागरिक उन लोगों को चुनते हैं जो वे नियम बनाते हैं, जिन्हें ये सारे कार्यालय बाद में लागू करते हैं।
शिष्टता से कीजिए: कुछ भी लिखने से पहले अनुमति लीजिए और कॉपी में नाम मत लिखिए — केवल ‘किसान’, ‘दुकानदार’ आदि। अंत में धन्यवाद अवश्य कहिए।
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