अन्वेषण अध्याय 11 प्रश्न, क्रियाकलाप और परियोजनाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
स्वयं को जाँचिए — ऊपर दिए गए पाठ को देखे बिना क्या आप पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर बता सकते हैं? तीनों स्तरों में प्रत्येक के मुख्य कार्य क्या हैं?
उत्तर

तीन स्तर, नीचे से ऊपर:

1. ग्राम स्तर — ग्राम पंचायत (ग्राम परिषद भी)
2. खंड स्तर — पंचायत समिति (खंड पंचायत या मंडल परिषद भी)
3. जिला स्तर — जिला परिषद (जिला पंचायत भी)

प्रत्येक के मुख्य कार्य:

स्तरइसमें कौन होता हैमुख्य कार्य
ग्राम पंचायत
ग्राम स्तर
ग्राम सभा द्वारा सीधे चुने गए सदस्य; प्रमुख सरपंच या प्रधान; सहायता के लिए पंचायत सचिव और पटवारी
  • पेयजल, कुएँ और हैंडपंप
  • गाँव की सड़कें और गलियाँ, प्रकाश-व्यवस्था, नालियाँ
  • सफ़ाई, स्वच्छता और कचरा
  • प्राथमिक विद्यालय भवन की देखभाल और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था
  • तालाब, चरागाह और अन्य सार्वजनिक संपत्ति
  • अभिलेख तथा जन्म-मृत्यु जैसे प्रमाण-पत्र
  • गाँव में विकास योजनाओं को लागू करना
पंचायत समिति
खंड स्तर
स्थानीय लोगों द्वारा चुने गए सदस्य, तथा क्षेत्र के सरपंच और स्थानीय विधायक जैसे अन्य सदस्य; गठन राज्य-दर-राज्य भिन्न
  • “ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी”
  • सभी ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएँ एकत्रित करके एक साथ प्रस्तुत करना
  • गाँव की सीमा से बाहर के विषयों में समन्वय — सड़क, नहर, कई गाँवों का विद्यालय
  • ग्राम पंचायतों का निरीक्षण एवं सहायता, और योजनाओं को उन तक पहुँचाना
जिला परिषद
जिला स्तर
जिले के लोगों द्वारा चुने गए सदस्य, तथा पंचायत समितियों के अध्यक्ष और जिले के विधायक एवं सांसद जैसे सदस्य
  • पूरे जिले के लिए योजना और निरीक्षण
  • संयुक्त योजनाओं को जिला या राज्य स्तर पर प्रस्तुत करना, जिससे “धनराशि के आवंटन में मदद” मिलती है
  • जिला स्तर के कार्य — बड़ी सड़कें, उच्चतर विद्यालय, अस्पताल, जल योजनाएँ
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं का धन खंडों में बाँटना

उस संस्था को मत भूलिए जो स्तर नहीं है: ग्राम सभा। यह तीन स्तरों में नहीं गिनी जाती, क्योंकि यह निर्वाचित नहीं है — यह गाँव के सभी वयस्क मतदाता हैं। यही ग्राम पंचायत को चुनती है और उससे जवाब माँगती है। पूर्ण उत्तर में इसका उल्लेख अवश्य होना चाहिए।

परीक्षा के लिए संकेत: यदि प्रश्न ‘तीन स्तर बताइए’ कहे, तो तीनों संस्थाओं के नाम और उनका स्तर दोनों लिखिए। यदि ‘कार्य’ पूछे, तो प्रत्येक स्तर के कम से कम तीन ठोस कार्य लिखिए — केवल ‘विकास कार्य करती है’ जैसा अस्पष्ट वाक्य नहीं।
प्र2.
गाँव की सड़क के किनारे पड़ी प्लास्टिक थैलियों से संबंधित विषय पर सरपंच को पत्र लिखिए।
उत्तर

अच्छे पत्र में पाँच बातें इसी क्रम में होनी चाहिए — समस्या ठीक कहाँ है, उससे क्या हानि हो रही है, आप क्या चाहते हैं, आप और विद्यार्थी क्या सहयोग देंगे, और विनम्र समापन। एक पृष्ठ पर्याप्त है, भाषा औपचारिक रखिए और तिथि अवश्य लिखिए।

नमूना उत्तर:

सेवा में,
श्रीमान/श्रीमती सरपंच महोदय/महोदया,
ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर,
जिला ——————

दिनांक: 12 अगस्त 20——

विषय: गाँव की सड़क के किनारे पड़ी प्लास्टिक थैलियाँ हटवाने तथा आगे कचरा फैलने से रोकने हेतु निवेदन।

माननीय महोदय/महोदया,

मैं गाँव के प्राथमिक विद्यालय की कक्षा 6 का विद्यार्थी हूँ। मैं आपका ध्यान मुख्य सड़क के दोनों ओर पड़ी प्लास्टिक थैलियों और अन्य प्लास्टिक कचरे की ओर दिलाना चाहता हूँ, विशेषकर बस अड्डे, साप्ताहिक हाट और विद्यालय के पास वाली पुलिया के निकट।

इससे गाँव में अनेक समस्याएँ हो रही हैं। थैलियाँ पुलिया के पास की नाली बंद कर देती हैं, जिससे वर्षा के बाद सड़क पर गंदा पानी भर जाता है और मच्छर पनपते हैं। चरते समय गाय-बकरियाँ प्लास्टिक निगल लेती हैं और बीमार पड़ जाती हैं। कुछ लोग ढेर में आग लगा देते हैं, जिसका धुआँ बच्चों के लिए कष्टकारी है। बाहर से आने वालों को गाँव का प्रवेश-मार्ग भी बहुत गंदा दिखता है।

अत: मेरा निवेदन है कि ग्राम पंचायत कृपया निम्नलिखित पर विचार करे —
1. वहाँ पड़े प्लास्टिक को एकत्र कराकर सुरक्षित ढंग से निपटाया जाए।
2. बस अड्डे, हाट और विद्यालय के पास ढक्कनदार कूड़ेदान रखवाए जाएँ और उन्हें नियमित रूप से खाली कराया जाए।
3. हाट के दुकानदारों से कपड़े या काग़ज़ के थैले प्रयोग करने का अनुरोध किया जाए।
4. सड़क किनारे कचरा न फेंकने का सूचना-पट्ट लगवाया जाए।

हमारे विद्यालय के विद्यार्थी सहयोग देने को तैयार हैं। हम किसी शनिवार को स्वच्छता अभियान चला सकते हैं, हाट के लिए पोस्टर बना सकते हैं, और अपने परिवारों को समझा सकते हैं कि प्लास्टिक न फेंकें और न जलाएँ। कृपया इस विषय को अगली ग्राम सभा की बैठक में भी रखा जाए, ऐसा अनुरोध है।

धन्यवाद।

भवदीय,
——————————
कक्षा 6, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, लक्ष्मणपुर
पत्र सरपंच को ही क्यों: गाँव के भीतर स्वच्छता और कचरा ग्राम पंचायत का कार्य है, और सरपंच उसका प्रमुख है। पत्र माँग नहीं करता — वह हानि बताता है, व्यावहारिक कदम सुझाता है और सहयोग का प्रस्ताव देता है। इसी से पंचायत कार्रवाई करती है।
संकेत: परीक्षा में प्रारूप अवश्य रखिए — सेवा में, विषय, संबोधन, तीन छोटे अनुच्छेद (समस्या, प्रभाव, निवेदन), सहयोग का प्रस्ताव और औपचारिक समापन। अंक विषय-वस्तु के साथ प्रारूप के भी मिलते हैं।
प्र3.
आपके विचार से किस प्रकार का व्यक्ति ग्राम पंचायत का सदस्य हो सकता है?
उत्तर

ऐसा व्यक्ति जिसके पास पूरा गाँव जा सके, जो काम करे और जिसे धन सौंपा जा सके। अध्याय के पृष्ठ 166 के तीनों सरपंच दिखाते हैं कि ऐसा व्यक्ति व्यवहार में कैसा होता है — इसलिए उत्तर विशेषणों की सूची पर नहीं, उन्हीं उदाहरणों पर टिकाइए।

गुणपंचायत में यह क्यों आवश्यक हैअध्याय का उदाहरण
ईमानदारपंचायत से सार्वजनिक धन गुज़रता है। सदस्य को ग्राम सभा के सामने बिना भय के लेखा रखना आना चाहिएपृष्ठ 166 के तीनों सरपंच पद से नहीं, किए गए काम से याद किए जाते हैं
सेवा-भाव वालाइस पद में सुविधा कम, काम अधिक है — बैठकें, निरीक्षण, हर समय शिकायतेंदयानेश्वर कांबले का आदर्श वाक्य — ‘लोक सेवा, ग्राम सेवा’
सबके प्रति निष्पक्षहैंडपंप वहाँ लगे जहाँ आवश्यकता है, वहाँ नहीं जहाँ सदस्य के संबंधी रहते हैं। हर टोले और हर परिवार से समान व्यवहारवे विशेष नियम, जिनसे “वंचित वर्ग के लोगों की… समस्याएँ सुनी जा सकें”
अच्छा श्रोतामहिलाओं, वृद्धों, भूमिहीन परिवारों और बच्चों की बात भी सुननी होगी, केवल तेज़ बोलने वालों की नहींवंदना बहादुर मैदा ने “गाँव की महिलाओं को सभा की बैठकों में आने के लिए प्रेरित किया”
साहसीकुछ सही निर्णय अलोकप्रिय होते हैं — बाल-विवाह रोकना, सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटवानावंदना “पितृसत्तात्मक मान्यताओं के विरुद्ध जाकर गाँव की पहली महिला सरपंच बनीं”
सबको साथ लेने वालापंचायत अकेले बहुत कुछ नहीं कर सकती; बड़े परिवर्तन के लिए पूरा गाँव जुड़ना चाहिएहिवरे बाजार “ग्रामवासियों के सहयोग से” हरा-भरा हुआ
दूरदर्शीपानी, पेड़ और विद्यालय का परिणाम वर्षों बाद दिखता है, अगले चुनाव से पहले नहींपोपटराव बागुजी पवार का जल-संरक्षण कार्य, जिसके लिए 2020 में पद्मश्री मिला
काग़ज़ और लेखा समझने वालाआकलन, मस्टर रोल और योजनाओं के नियम जाँचने पड़ते हैं। ऊँची शिक्षा आवश्यक नहीं, पर सावधानी आवश्यक हैअभिलेख पंचायत सचिव रखता है — पर समझना सदस्य को ही है

किन बातों से यह तय नहीं होना चाहिए: धनी होना, अधिक भूमि होना, बड़े परिवार या किसी जाति विशेष का होना, या गाँव में सबसे ऊँची आवाज़ होना। और ध्यान दीजिए कि कौन बाहर नहीं है — अध्याय के अपने उदाहरण एक किन्नर, भील (जनजातीय) समुदाय की एक महिला और एक साधारण ग्रामवासी हैं। मतदाता सूची में नाम वाला गाँव का कोई भी वयस्क सदस्य बन सकता है।

तीन वाक्यों का नमूना उत्तर, यदि संक्षिप्त उत्तर चाहिए: “मेरे विचार से ग्राम पंचायत का सदस्य ईमानदार, सेवा-भाव वाला और गाँव के हर परिवार के प्रति निष्पक्ष होना चाहिए। उसे महिलाओं, निर्धन परिवारों और बच्चों की बात ध्यान से सुननी चाहिए तथा अलोकप्रिय होने पर भी सही निर्णय लेने का साहस रखना चाहिए। हमारे अध्याय में दयानेश्वर कांबले, वंदना बहादुर मैदा और पोपटराव पवार ऐसे ही सदस्यों के उदाहरण हैं।”
प्र4.
मान लीजिए, आप एक गाँव के विद्यालय में पढ़ते हैं। विद्यालय राजमार्ग पर है तथा विद्यार्थियों को विद्यालय आते-जाते समय सड़क पार करने में कठिनाई होती है। इस समस्या के समाधानों के विकल्प क्या-क्या हो सकते हैं? इसमें पंचायती राज की कौन-सी संस्थाएँ आपकी मदद कर सकती हैं? विद्यार्थी इसमें क्या कर सकते हैं?
उत्तर

भाग 1 — विकल्प। कई हैं, सबसे शीघ्र से सबसे स्थायी तक। अच्छे उत्तर में एक से अधिक विकल्प हों और यह भी बताया जाए कि प्रत्येक में कितना खर्च और कितना समय लगेगा।

विकल्पकितना प्रभावीकितने समय में
विद्यालय से पहले दोनों ओर गति-अवरोधक और चेतावनी बोर्डठीक उसी स्थान पर वाहनों की गति घटाते हैं — सबसे सस्ता वास्तविक सुधारकुछ सप्ताह
ज़ेब्रा क्रॉसिंग, ‘आगे विद्यालय’ के स्पष्ट संकेत और गति-सीमाचालकों को बताती है कि यहाँ पार करने का स्थान है; तभी काम करती है जब गति पहले से कम होकुछ सप्ताह
आने-जाने के समय एक व्यक्ति की तैनाती — यातायात स्वयंसेवक, होमगार्ड, या झंडी लिए प्रशिक्षित बड़े विद्यार्थीबहुत प्रभावी, क्योंकि खतरा दिन में दो बार लगभग आधे घंटे का ही हैतुरंत
सड़क किनारे रेलिंग या जाली, बीच में केवल एक जगह खुलीबच्चों को अचानक सड़क पर दौड़ने से रोकती हैकुछ महीने
पार करने के स्थान पर प्रकाश-व्यवस्थाशीत ऋतु में आवश्यक, जब छुट्टी के समय उजाला कम रहता हैकुछ महीने
पैदल पुल या भूमिगत मार्गसबसे सुरक्षित और स्थायी समाधानसबसे महँगा और धीमा — राजमार्ग प्राधिकरण की आवश्यकता
विद्यालय का द्वार बदलना — राजमार्ग से हटाकर बगल की गली की ओरजहाँ बगल की गली हो, वहाँ सरल और सस्ताकुछ सप्ताह
अलग-अलग कक्षाओं की छुट्टी अलग-अलग समय परअस्थायी उपाय, जिससे सड़क किनारे भीड़ घटती हैतुरंत

भाग 2 — कौन-सी संस्थाएँ मदद कर सकती हैं, और किस क्रम में जाना चाहिए —

संस्थायह क्या कर सकती है
ग्राम सभाबैठक में विषय उठाइए ताकि यह केवल विद्यालय की शिकायत न रहकर पूरे गाँव की माँग बने। ग्राम सभा का प्रस्ताव भार रखता है
ग्राम पंचायत (और सरपंच)पहला पड़ाव। यह चेतावनी बोर्ड और प्रकाश लगवा सकती है, स्वयंसेवक की व्यवस्था कर सकती है, विद्यालय का द्वार बदलवा सकती है, तथा पंचायत समिति और राजमार्ग प्राधिकरण को औपचारिक पत्र लिख सकती है
विद्यालय प्रबंधन समितिपंचायत के साथ मिलकर काम करती है, छुट्टी का समय बदलवा सकती है और विद्यार्थियों को सड़क-सुरक्षा का प्रशिक्षण दिला सकती है
पंचायत समिति (खंड स्तर)जो एक गाँव के बस का नहीं, वह यहाँ आता है — यही तो “ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी” है। यह कार्य को खंड की योजना में सम्मिलित करा सकती है
जिला परिषद (जिला स्तर)बड़े कार्य की स्वीकृति या धन दे सकती है और विषय को जिला प्रशासन तक ले जा सकती है; जिलाधिकारी और जिला सड़क-सुरक्षा समिति इसी स्तर पर हैं
राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिसराजमार्ग प्राय: राज्य या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का होता है, पंचायत का नहीं। उस पर गति-अवरोधक, क्रॉसिंग या पुल वही बनवा सकते हैं, और गति-सीमा पुलिस लागू कराती है — इसलिए पंचायत का पत्र उन तक पहुँचना आवश्यक है

भाग 3 — विद्यार्थी स्वयं क्या कर सकते हैं:

  • प्रमाण जुटाइए। गिनिए कि कितने विद्यार्थी, किस समय सड़क पार करते हैं और वाहन कितनी तेज़ आते हैं। आँकड़े शिकायत से कहीं अधिक प्रभावी होते हैं।
  • सामूहिक प्रार्थना-पत्र सरपंच को दीजिए, जिस पर विद्यार्थियों के हस्ताक्षर हों और शिक्षक का प्रतिहस्ताक्षर, तथा निवेदन कीजिए कि इसे ग्राम सभा में रखा जाए।
  • सड़क-सुरक्षा दल बनाइए। बड़े विद्यार्थी झंडी लेकर, शिक्षक की देखरेख में, आने-जाने के समय छोटे बच्चों को पार कराएँ।
  • पोस्टर बनाकर लगाइए — ‘आगे विद्यालय — गति धीमी रखें’ — पंचायत की अनुमति से।
  • सदैव समूह में, एक ही निश्चित स्थान से सड़क पार कीजिए — अकेले नहीं और दौड़ते हुए कभी नहीं।
  • बाल सभा या बाल पंचायत में विषय उठाइए, यदि गाँव में हो, और अगली बैठक में तब तक अनुसरण कीजिए जब तक कुछ हो न जाए।
इस प्रश्न में छिपा पाठ: समस्या ठीक वहाँ है जहाँ दो सरकारें मिलती हैं — विद्यालय और बच्चे गाँव के हैं, पर राजमार्ग गाँव का नहीं। इसीलिए उत्तर स्तरों से होकर ऊपर जाता है: ग्राम सभा → ग्राम पंचायत → पंचायत समिति → जिला परिषद → राजमार्ग प्राधिकरण। किस दरवाज़े पर दस्तक देनी है, यह जानना अच्छी नागरिकता का आधा भाग है।
स्वयं देखिए: क्या आपके अपने विद्यालय के बाहर गति-अवरोधक या चेतावनी बोर्ड है? यदि नहीं, तो अब आप जानते हैं कि किससे और किस क्रम में कहना है।
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