अन्वेषण अध्याय 11 आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

अध्याय का एक ही विचार — गाँव के सबसे निकट की सरकार गाँव के लोग स्वयं चलाएँ। हिमालय की तराई में बसा काल्पनिक गाँव लक्ष्मणपुर — 200 घर, लगभग 700 की जनसंख्या। इसकी सभी आवश्यकताएँ स्थानीय हैं — खेतों के लिए पानी, वर्षा से खराब हुई सड़क, प्राथमिक विद्यालय, भूमि का विवाद। “क्या ऐसी प्रत्येक समस्याओं के लिए गाँव के लोग राज्य या राष्ट्र की राजधानी जा सकते हैं?” नहीं। इसीलिए भारत में स्थानीय शासन की व्यवस्था है, जिसे पंचायत कहते हैं — “जिसे एक ग्रामीण परिषद कह सकते हैं”। पंचायती राज स्व-शासन का एक रूप है। पंचायत “शासन को लोगों के समीप लाती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी संभव बनाती है”। “स्थानीय समस्याओं को हल करने, विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के लाभ को जनसाधारण तक पहुँचाने में पंचायत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” यह तीन स्तरों पर कार्य करती है — ‘त

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