प्र1.
अपने और पड़ोसी राज्यों के कुछ नगरों का चयन कीजिए। इनमें वह नगर लिए जा सकते हैं जिसमें आप रहते हैं या जो आपके कस्बे या गाँव के निकट हैं। आप कैसे पता करेंगे कि इनमें कहाँ-कहाँ नगर पंचायत, नगरपालिका अथवा नगर निगम हैं? उन नगरों के नाम और उनके नगरीय निकाय के प्रकार की एक सूची तैयार कीजिए।
उत्तर
पहले नियम याद कीजिए, फिर जाकर जाँचिए। नियम पृष्ठ 179 पर दिया है और वह केवल जनसंख्या पर आधारित है।
| नगर या कस्बे की जनसंख्या | सर्वोच्च नगरीय निकाय | अन्य नाम |
|---|---|---|
| 10 लाख से अधिक | नगर निगम | ‘महानगर निगम’ |
| 1 से 10 लाख के बीच | नगरपालिका | म्यूनिसिपल कांउसिल / नगर परिषद |
| 1 लाख से कम | नगर पंचायत | कुछ राज्यों में टाउन पंचायत |
आप कैसे पता करेंगे? पाँच सच्चे तरीके, सबसे अच्छा पहले —
- कार्यालय के नाम-पट्ट को देखिए। हर निकाय के भवन पर बोर्ड होता है — “___ नगर निगम”, “___ नगर पालिका परिषद”, “___ नगर पंचायत”। यही नाम जल के बिल, संपत्ति कर की रसीद तथा वहाँ जारी जन्म या विवाह प्रमाणपत्र पर भी छपा होता है।
- कूड़ेदान, जल टैंकर और बिजली के खंभों को देखिए। उन पर प्रायः निकाय का नाम और चिह्न लिखा रहता है।
- वार्ड कार्यालय में पूछिए, या अपने वार्ड पार्षद से, या किसी ऐसे बड़े से जो वहाँ संपत्ति कर चुकाता है।
- आधिकारिक वेबसाइट देखिए — नगर की, तथा अपने राज्य के नगरीय विकास / स्थानीय स्वशासन विभाग की। अधिकांश राज्य अपने सभी निगमों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों की पूरी सूची प्रकाशित करते हैं।
- जनसंख्या से मिलान कीजिए, उसे उत्तर मत मानिए। नगर की जनसंख्या देखिए और जाँचिए कि जो निकाय आपको मिला वह ऊपर के नियम से मेल खाता है या नहीं।
नमूना सारणी — ऐसी सारणी बनाकर अपने नगरों के नाम भरिए। अंतिम स्तंभ ही सोचने पर विवश करता है।
| नगर या कस्बा | राज्य | नगरीय निकाय का प्रकार | कैसे पता चला |
|---|---|---|---|
| जिस नगर में मैं रहता/रहती हूँ या जो सबसे निकट है | मेरा राज्य | … | निकाय कार्यालय का नाम-पट्ट |
| मेरे राज्य की राजधानी | मेरा राज्य | नगर निगम (लगभग हर राज्य में) | घर पर देखी गई संपत्ति कर की रसीद |
| मेरे जिले का बड़ा कस्बा | मेरा राज्य | … | राज्य विभाग की वेबसाइट |
| जिले की सीमा के पास का छोटा कस्बा | मेरा राज्य | … | वार्ड कार्यालय में पूछकर |
| पड़ोसी राज्य का एक नगर | पड़ोसी राज्य | … | उस नगर की आधिकारिक वेबसाइट |
| पड़ोसी राज्य का कोई पर्वतीय या नया कस्बा | पड़ोसी राज्य | … | उसके जल टैंकर पर लिखा नाम |
दो बातें आपको संभवतः मिलेंगी, और दोनों ठीक हैं:
1. कुछ कस्बों की जनसंख्या सीमा पार कर चुकी है, फिर भी वहाँ पुराना, छोटा निकाय ही है — क्योंकि परिवर्तन की अधिसूचना राज्य सरकार को जारी करनी पड़ती है और उसमें समय लगता है।
2. ठीक-ठीक जनसंख्या के आँकड़े राज्य-दर-राज्य भिन्न हैं। संविधान प्रत्येक राज्य को यह तय करने देता है, जिसमें जनसंख्या, घनत्व, राजस्व और गैर-कृषि रोज़गार देखे जाते हैं। इसलिए 1 लाख और 10 लाख को अध्याय का दिया सामान्य नियम मानिए और अपवाद के लिए तैयार रहिए।
1. कुछ कस्बों की जनसंख्या सीमा पार कर चुकी है, फिर भी वहाँ पुराना, छोटा निकाय ही है — क्योंकि परिवर्तन की अधिसूचना राज्य सरकार को जारी करनी पड़ती है और उसमें समय लगता है।
2. ठीक-ठीक जनसंख्या के आँकड़े राज्य-दर-राज्य भिन्न हैं। संविधान प्रत्येक राज्य को यह तय करने देता है, जिसमें जनसंख्या, घनत्व, राजस्व और गैर-कृषि रोज़गार देखे जाते हैं। इसलिए 1 लाख और 10 लाख को अध्याय का दिया सामान्य नियम मानिए और अपवाद के लिए तैयार रहिए।
प्रकार जानना क्यों आवश्यक है: नगर निगम में अधिक वार्ड, बड़ा बजट, अधिक शक्तियाँ और अपना नगर आयुक्त होता है। नगर पंचायत बहुत छोटे कर्मचारी-दल के साथ एक छोटा कस्बा चलाती है। इसलिए किसी स्थान का निकाय जानने से यह भी पता चल जाता है कि वह अपने बल पर कितना कर सकता है — और शिकायत लेकर किसके पास जाना है।