नगरीय स्थानीय निकाय हमारे नगरों और कस्बों की निर्वाचित सरकारें हैं — वही जो गाँवों में पंचायतें हैं। पुस्तक की अपनी परिभाषा पृष्ठ 175 पर है —
इसका अर्थ है कि ये शीर्ष प्राधिकरण के अंतर्गत कार्य नहीं करते हैं। इन स्थानीय समुदायों को
अपने क्षेत्रों के प्रबंधन या अपने सामने उपस्थित मुद्दों या समस्याओं का हल
ढूँढ़ने की स्वायत्तता रहती है।”
अगला वाक्य बताता है कि ये किसलिए हैं — “यह एक क्षेत्र में रह रहे नागरिकों के साथ आने और उनके लिए सर्वोत्तम क्या है, इस पर निर्णय लेने का एक तंत्र है।”
ये तीन प्रकार के होते हैं, और कौन-सा निकाय मिलेगा यह जनसंख्या तय करती है (पृष्ठ 179)।
| नगरीय स्थानीय निकाय | अन्य नाम | जनसंख्या | किस प्रकार का स्थान | निर्वाचित निकाय का प्रमुख |
|---|---|---|---|---|
| नगर निगम | ‘महानगर निगम’ | 10 लाख से अधिक | बड़ा नगर — मुंबई, चेन्नई, इंदौर | महापौर (मेयर) और उप-महापौर |
| नगरपालिका | म्यूनिसिपल कांउसिल; चित्र 12.2 में ‘नगर परिषद’ | 1 से 10 लाख के बीच | छोटा नगर या बड़ा कस्बा | अध्यक्ष |
| नगर पंचायत | कुछ राज्यों में नगर पालिका परिषद | 1 लाख से कम | कस्बा, या ग्रामीण से नगरीय बनता हुआ क्षेत्र | अध्यक्ष |
नगरीय निकाय की बनावट। सबसे पहले नगर को वार्डों में बाँटा जाता है — “नगरों एवं कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें ‘वार्ड’ कहते हैं” (पृष्ठ 176)। प्रत्येक वार्ड के मतदाता अपना एक प्रतिनिधि, अर्थात वार्ड पार्षद चुनते हैं। सभी पार्षद मिलकर परिषद बनाते हैं और अपने में से महापौर या अध्यक्ष चुनते हैं। इस निर्वाचित पक्ष के साथ-साथ एक नियुक्त पक्ष भी होता है, जिसका प्रमुख नगर आयुक्त होता है — उसे राज्य सरकार नियुक्त करती है और वही कार्यालय, कर्मचारी तथा मशीनें चलाता है।
इनके कार्य क्या हैं? पृष्ठ 176 पर सूची दी गई है — “नगरीय एवं स्थानीय निकायों पर कार्यों की एक लंबी सूची की जिम्मेदारी है, जैसे – आधारभूत ढाँचे की देखभाल पर ध्यान रखना, कब्रगाहों का रख-रखाव, अपशिष्ट संग्रहण एवं निपटान, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान रखना, स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करना आदि। क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के नियोजन में भी इनकी कुछ भूमिका होती है।”
पृष्ठ 178 का चित्र 12.4 इसी सूची को चित्रों में बदल देता है। इंदौर नगर निगम वास्तव में क्या-क्या करता है, ठीक वैसे ही जैसे चित्र में दिखाया गया है —
| चित्र 12.4 का समूह | दिखाई गई सेवाएँ | यह किस प्रकार का कार्य है |
|---|---|---|
| धन जो निगम लेता है | संपत्ति कर · जल शुल्क · व्यवसाय, विज्ञापन, व्यापार लाइसेंस | “स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करना” — इसी धन से शेष सब कुछ होता है |
| स्वच्छता | सूखा कूड़ा प्रबंधन · पेड़ की कटाई और ढुलाई | “अपशिष्ट संग्रहण एवं निपटान”, तथा नगर की हरियाली की देखभाल |
| अभिलेख और अनुमतियाँ | सी.आर.एम. — विवाह प्रमाणपत्र · सी.आर.एम. — विभिन्न लाइसेंस | पंजीकरण और अनुमति — निकाय नगर का अभिलेख-रक्षक है |
| सुरक्षा और आपात स्थिति | सी.आर.एम. — अग्निशमन सेवाएँ · सी.आर.एम. — जल टैंकर, मलबा हटाना | दुर्घटना के समय जीवन और संपत्ति की रक्षा |
| नागरिकों की सुनवाई | सी.आर.एम. — शिकायतें | शिकायत की खिड़की, जहाँ नागरिक समस्या दर्ज कर उसकी प्रगति देख सके |
| अनुरोध पर सेवाएँ | जल टैंकर · सेप्टिक टैंकर · सभागार · अंत्येष्टि क्रिया संबंधी वाहन · चल शौचालय · एंबुलेंस | वे सेवाएँ जो परिवार या मोहल्ला आवश्यकता पड़ने पर माँग सकता है |