इस वाक्य के हर शब्द के पीछे अध्याय कुछ ऐसा रखता है जिसे गिना या देखा जा सके।
| वाक्य का शब्द | अध्याय का प्रमाण |
|---|---|
| परिदृश्य | “यदि आप रेल द्वारा भारत की यात्रा करते हैं, तो आप न केवल बदलते भूदृश्यों को देखेंगे...” |
| व्यक्ति | 1.4 अरब से अधिक निवासी, विश्व की जनसंख्या का लगभग 18 प्रतिशत; सभी राज्यों में 4,635 समुदायों का सर्वेक्षण |
| भाषाएँ | 25 लिपियों का उपयोग करने वाली 325 भाषाएँ — एक ही यात्रा में भाषाएँ सुनाई देती हैं और लिपियाँ दिखाई देती हैं |
| परिधान | “भारत के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों ने वस्त्रों और परिधानों की अपनी स्वयं की शैली विकसित की है”; अकेली साड़ी के सैकड़ों प्रकार |
| भोजन | “लाखों न सही, किंतु हजारों प्रकार के व्यंजन”; चित्र 8.1 में पूरे मानचित्र पर फैले अनाज और दालें |
| त्योहार | “त्योहारों की अपार विविधता” — जनवरी के एक ही पर्व के लगभग एक दर्जन नाम |
| परंपराएँ | अपने ही क्षेत्र में “भारत के विभिन्न भागों से आए अलग-अलग रीति-रिवाजों और परंपराओं वाले लोग” |
अध्याय यह भी कहता है कि यही विविधता “वह पहला पक्ष है जो हमारे देश में आने वाले पर्यटकों को प्रभावित करता है” — और इतनी बड़ी जनसंख्या में यह “आश्चर्यजनक नहीं है”।