कक्षा ६ सामाजिक विज्ञान अध्याय 8 विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’ के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
अध्याय की एक ही बात — भारत की विविधता भी सच है और उसके नीचे की एकता भी। भारत में यात्रा कीजिए तो भूदृश्य, परिधान, भोजन, भाषाएँ और लिपियाँ लगातार बदलती जाती हैं; प्राय: यही पहली बात है जो हमारे देश आने वाले पर्यटकों को प्रभावित करती है। 1.4 अरब से अधिक निवासियों (विश्व की जनसंख्या का लगभग 18 प्रतिशत ) वाले देश में यह आश्चर्यजनक भी नहीं है। ब्रिटिश इतिहासकार विंसेंट स्मिथ ने पूछा था कि इतनी अचंभित करने वाली विविधता में भारत का इतिहास कैसे लिखा जाए, और स्वयं उत्तर दिया — “भारत विविधता में एकता प्रदर्शित करता है।” श्री अरविंद का शब्द इसी बात का दूसरा नाम है और वही अध्याय का शीर्षक भी है — ‘एक में अनेक’ । आँकड़े एक बड़े सर्वेक्षण से आए हैं। 20वीं शताब्दी के अंत में भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण ने ‘ भारत के लोग ’ परियोजना के अंतर्गत देश के सभी राज्यों में 4,635 समुदायों का व्यापक सर्वेक्षण किया
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | याद रखने योग्य |
|---|---|---|---|
| विविधता में एकता | जीवन, परिधान, भोजन, भाषा और परंपरा के अनेक भिन्न रूप, जिनके नीचे कुछ साझा है | अध्याय का शीर्षक; पृष्ठ 126 | विंसेंट स्मिथ का उत्तर — “भारत विविधता में एकता प्रदर्शित करता है” |
| ‘एक में अनेक’ | श्री अरविंद का शब्द — अनेक किसी एक के ही रूप हैं | पृष्ठ 125, आरंभिक उद्धरण | एकता का अर्थ एकरूपता नहीं |
| ‘भारत के लोग’ परियोजना | भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण का व्यापक सर्वेक्षण, निर्देशक के.एस. सिंह | पृष्ठ 126 और 135 | 4,635 समुदाय, 325 भाषाएँ, 25 लिपियाँ |
| प्रवासी (यहाँ प्रयुक्त अर्थ में) | वह व्यक्ति जो अपने जन्म स्थान के निकट या अपने मूल समुदाय के साथ नहीं रहता | पृष्ठ 126 | सर्वेक्षण के अनुसार अनेक भारतीय इस अर्थ में प्रवासी हैं |
| मुख्य अनाज | अधिकांश भारतीयों का प्रमुख भोजन बनने वाले अनाज | पृष्ठ 126–128, चित्र 8.1 | चावल, जौ, गेहूँ; बाजरा, ज्वार, रागी; दालें |
| साड़ी | भारत के अधिकांश भागों में पहना जाने वाला बिना सिला लंबा वस्त्र | पृष्ठ 128–131 | रेशमी प्रकार — बनारसी, कांजीवरम, पैठनी, पाटन पटोला, मूगा, मैसूर |
| उकेरी गई आकृति | ऐसा डिजाइन जो पत्थर, लकड़ी, मृत्तिका आदि की समतल सतह के ऊपर उभरा हो | पृष्ठ 129, हाशिया | चित्र 8.2 — वैशाली से प्राप्त, कुछ शताब्दी सा.सं.पू. |
| छींट | भारत में बनने वाला छपा हुआ सुंदर सूती कपड़ा | पृष्ठ 129, ‘ध्यान रखें’ | 17वीं शताब्दी के यूरोप में इतना लोकप्रिय कि इंग्लैंड और फ्रांस ने आयात पर प्रतिबंध लगाया |
| मकर संक्रांति | 14 जनवरी के आस-पास का पर्व, जो भारत के अनेक भागों में फसलों की कटाई का सूचक है | पृष्ठ 131–132, चित्र 8.5 | एक पर्व, मानचित्र पर लगभग एक दर्जन नाम |
| पंचतंत्र | पशुओं को मुख्य पात्र बनाकर लिखी गई संस्कृत कथाओं का संग्रह, जो जीवन-कौशल सिखाता है | पृष्ठ 133 | कम से कम 2,200 वर्ष पुराना; 50 से अधिक भाषाओं में 200 से अधिक रूपांतरण |
| महाकाव्य | सामान्यत: एक लंबी कविता जो अतीत के महान नायकों एवं योद्धाओं की कथाओं का व्याख्यान करती है | पृष्ठ 133, हाशिया | रामायण और महाभारत — मूल रूप में लगभग 7,000 पृष्ठ |
| लोक संस्करण | किसी महाकाव्य का वह रूप जो लिखित पाठ में नहीं, बल्कि समुदाय की मौखिक परंपरा में जीवित रहता है | पृष्ठ 134–135 | केवल तमिलनाडु में महाभारत के लगभग 100 लोक स्वरूप |
अभ्यास
- महत्वपूर्ण प्रश्न
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- प्रश्न, क्रियाकलाप और परियोजनाएँ