‘विविधता में एकता’ का अर्थ है — जो वस्तुएँ ऊपर से पूरी तरह भिन्न दिखती हैं, वे भीतर से एक ही वस्तु के रूप हैं। भारत के संदर्भ में इसका अर्थ यह है कि देश की अनेक भाषाएँ, परिधान, भोजन, त्योहार और परंपराएँ अलग-अलग संसार नहीं हैं जो संयोग से पास-पास पड़े हों; वे एक ही साझी भूमि से उपजी हैं।
यह वाक्यांश अध्याय में विंसेंट स्मिथ के माध्यम से आता है, जिन्हें पहले इसका उल्टा भय हुआ था। उन्होंने पूछा कि इतने “अचंभित करने वाले” देश का एक इतिहास कैसे लिखा जाए, और स्वयं उत्तर दिया — “इस प्रश्न का उत्तर इस तथ्य में निहित है कि भारत ‘विविधता में एकता’ प्रदर्शित करता है।”
एकता = जो खोजने पर मिलती है — इन सबमें साझा क्या है
विविधता में एकता = दोनों एक साथ सत्य हैं, और दूसरी पहली की व्याख्या करती है