अन्वेषण अध्याय 8 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कक्षा की एक गतिविधि के रूप में (1) कम से कम 5 सहपाठियों और उनके माता-पिता के जन्म स्थानों तथा (2) उनकी मातृभाषाओं और उन्हें ज्ञात अन्य भाषाओं की सूचियाँ बनाइए। विविधता के परिप्रेक्ष्य में इस गतिविधि के परिणामों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर

कैसे कीजिए। श्यामपट्ट पर पाँच स्तंभों की एक तालिका बनाइए और बारी-बारी से प्रत्येक सहपाठी से पूछकर भरिए। विनम्रता से पूछिए, जो कहा जाए वही लिखिए, और किसी के उत्तर पर टिप्पणी मत कीजिए — कोई भाषा या जन्म स्थान किसी दूसरे से अच्छा या बुरा नहीं होता।

क्या पूछेंवह तालिका में क्यों चाहिए
विद्यार्थी का जन्म स्थान (नगर/गाँव और राज्य)कक्षा स्वयं कितनी दूर-दूर से आई है, यह दिखता है
माता का और पिता का जन्म स्थानएक पीढ़ी में हुआ आवागमन दिखता है — जो प्राय: विद्यार्थियों से कहीं अधिक विस्तृत होता है
मातृभाषाघर में बोली जाने वाली भाषा
ज्ञात अन्य भाषाएँअधिकांश भारतीय बच्चे दो-तीन भाषाएँ जानते हैं, कुछ चार

नमूना उत्तर (आपकी कक्षा की वास्तविक तालिका अलग होगी — ढाँचा लीजिए, नाम नहीं):

विद्यार्थीजन्म स्थानमाता का जन्म स्थानपिता का जन्म स्थानमातृभाषाअन्य ज्ञात भाषाएँ
अनन्यानागपुर, महाराष्ट्रअमरावती, महाराष्ट्रनागपुर, महाराष्ट्रमराठीहिंदी, अंग्रेजी
इब्राहिमनागपुर, महाराष्ट्रहैदराबाद, तेलंगानालखनऊ, उत्तर प्रदेशउर्दूहिंदी, मराठी, अंग्रेजी
तेनजिनबायलाकुप्पे, कर्नाटकबायलाकुप्पे, कर्नाटकलेह, लद्दाखतिब्बतीहिंदी, कन्नड़, अंग्रेजी
सुजाताराउरकेला, ओडिशासंबलपुर, ओडिशाराउरकेला, ओडिशाओड़ियासादरी, हिंदी, अंग्रेजी
कार्तिकनागपुर, महाराष्ट्रमदुरै, तमिलनाडुचेन्नई, तमिलनाडुतमिलहिंदी, मराठी, अंग्रेजी

परिणामों पर चर्चा — तीन बातें अवश्य कहिए।

  • माता-पिता का स्तंभ विद्यार्थियों के स्तंभ से चौड़ा है। एक ही नगर में जन्मे पाँच बच्चों के माता-पिता पाँच अलग राज्यों में जन्मे हो सकते हैं। ‘भारत के लोग’ परियोजना ने ठीक यही पाया था — अनेक भारतीयों को प्रवासी कहा जा सकता है, इस अर्थ में कि वे अपने जन्म स्थान के निकट या अपने मूल समुदाय के साथ नहीं रहते (पृष्ठ 126)।
  • लगभग हर विद्यार्थी बहुभाषी है। अंतिम दो स्तंभों की कुल भिन्न भाषाएँ गिनिए; 40 विद्यार्थियों की सामान्य कक्षा में यह संख्या आठ-दस तक पहुँच जाती है। देश की 325 भाषाएँ कहीं दूर नहीं हैं — उनका एक नमूना इसी कमरे में बैठा है।
  • फिर भी कक्षा एक ही कक्षा की तरह चलती है। सब एक ही पाठ पढ़ते हैं, एक ही खेल खेलते हैं और टिफिन बाँटते हैं। यही वह ‘एक’ है जिसमें ‘अनेक’ रहते हैं — और यही पूरे अध्याय की बात है।
और आगे: एक छठा स्तंभ जोड़िए — ‘मेरी मातृभाषा में पानी के लिए शब्द’ : पानी, जल, तण्णी, नीरु, वेळ्ळम, जोल, चू। इनमें से कुछ शब्द स्पष्ट रूप से आपस के रिश्तेदार हैं और कुछ नहीं — यह एक ही पंक्ति विविधता और उसके पीछे के भाषा-परिवार, दोनों दिखा देती है।
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