कैसे कीजिए। घर में किसी बड़े की अनुमति लेकर रसोई की अलमारी देखिए और जो मिले उसे वर्गों में बाँटकर लिखिए। सूची कक्षा में लाइए, सबकी सूचियाँ साथ रखिए और उन वस्तुओं पर निशान लगाइए जो लगभग हर सूची में हैं — वही ‘एकता’ है।
नमूना उत्तर — एक घर की सूची, अध्याय के ही क्रम में :
| वर्ग | अलमारी में क्या है | क्या लगभग हर भारतीय घर में? |
|---|---|---|
| अनाज | चावल, गेहूँ का आटा, सूजी, जौ | हाँ — अध्याय चावल, जौ और गेहूँ का नाम लेता है |
| मोटे अनाज | बाजरा, ज्वार, रागी | हाँ — तीनों अध्याय में नामित हैं |
| दालें | अरहर/तुअर दाल, मूंग दाल, मसूर दाल, चना दाल, उड़द दाल, राजमा, लोबिया, छोले | हाँ — “विभिन्न प्रकार की दालें” |
| मसाले | हल्दी, जीरा, इलायची, अदरक, धनिया, राई, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, मिर्च | पहले चार का नाम अध्याय में है — “पूरे देश में” उपयोग होने वाले |
| तेल | मूँगफली का तेल, सरसों का तेल, नारियल तेल, तिल का तेल | रोज का तेल कौन-सा हो, यह क्षेत्र के अनुसार बदलता है — पूर्व और उत्तर में सरसों, केरल में नारियल, पश्चिम में मूँगफली, दक्षिण के कुछ भागों में तिल |
| रोजमर्रा की सब्जियाँ | प्याज, आलू, टमाटर, बैंगन, भिंडी, लौकी, पालक | लगभग हर जगह मिलती हैं, पर पकाने के ढंग बिल्कुल अलग |
तुलना से क्या पता चलता है। अनाज, दाल और मसालों के स्तंभ पूरी कक्षा में लगभग एक जैसे निकलेंगे, चाहे सहपाठी अलग-अलग राज्यों से हों। सबसे अधिक अंतर तेलों में और बने-बनाए मसालों में दिखेगा — बंगाली रसोई में पाँच फोरन, तमिल में सांबार पोडी, पंजाबी में गरम मसाला, असमिया में भूत जोलोकिया। आधार एक, अंतिम स्पर्श अलग — यही अध्याय की बात, एक ही अलमारी में।