प्र1.
मातृभाषया अर्थं लिखन्तु — (शब्दः / अर्थः / हिन्दी / English तालिकायाः अन्तिमः स्तम्भः, पृष्ठ 10–11)।
उत्तर
यह स्तम्भ आपको अपनी मातृभाषा में भरना है — जो भाषा आप घर में बोलते हैं (हिन्दी, मराठी, तमिल, बांग्ला, गुजराती, असमिया…)। नीचे पूरी सूची संस्कृत अर्थ और हिन्दी अर्थ के साथ दी गई है; अन्तिम स्तम्भ में अपनी भाषा का शब्द लिखिए।
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English |
|---|---|---|---|
| पित्राज्ञा | पितुः आदेशः | पिता का आदेश | Father’s order |
| लाकृतिः | ‘ऌ’-वर्णस्य आकृतिः | ‘ऌ’-वर्ण का रूप | Shape of letter ‘ऌ’ |
| एकैकः | प्रत्येकम् | हर एक | Each one |
| अजः | छागः | बकरा | Goat |
| वधूः | परिणीता | विवाहिता नारी | Married woman |
| मातॄणाम् | मातुः ऋणम् | माता का ऋण | Indebtedness to Mother |
| कॢप्तम् | कल्पितम् | माना हुआ | Supposed |
| ऌकारः | ‘ऌ’-वर्णः | ‘ऌ’ वर्ण | Letter ‘ऌ’ |
| ओम् | प्रणवः | एकाक्षर ब्रह्म | Name of Brahma |
| औषधम् | भेषजम् | औषध, दवा | Medicine |
| जिह्वा | रसना | जीभ | Tongue |
| नामधेयम् | नाम | नाम | Name |
| भगिनी | स्वसा | बहन | Sister |
| भ्राता | अनुजः / अग्रजः | भाई | Brother |
| पितामही | पितुः माता | दादी | Paternal Grandmother |
| पितामहः | पितुः पिता | दादा | Paternal Grandfather |
| मातामही | मातुः माता | नानी | Maternal Grandmother |
| मातामहः | मातुः पिता | नाना | Maternal Grandfather |
| सुश्रीः | कुमारी | कुमारी | Miss |
| श्रीः | लक्ष्मीः, सुन्दरता | लक्ष्मी, सौन्दर्य | Goddess of prosperity |
| उपाधिः | विशिष्टता | विशेषता | Title |
| प्रथम-नाम | मुख्यं नाम | पहला नाम | First Name |
| मध्य-नाम | मध्यवर्त्ति नाम | बीच का नाम | Middle Name |
| अन्त्य-नाम | अन्तिम-नाम | अन्तिम नाम | Last Name |
| कुल-नाम | कुलस्य गोत्रस्य वंशस्य वा नाम | कुल, गोत्र या वंश का नाम | Family Name |
नमूना उत्तर (मातृभाषा — मराठी): अजः = बोकड, वधूः = नवरी/विवाहित स्त्री, जिह्वा = जीभ, भगिनी = बहीण, भ्राता = भाऊ, पितामहः = आजोबा, मातामही = आजी, औषधम् = औषध।
नमूना उत्तर (मातृभाषा — तमिल): अजः = ஆடு, जिह्वा = நாக்கு, भगिनी = சகோதரி, भ्राता = சகோதரன், औषधम् = மருந்து।
नमूना उत्तर (मातृभाषा — तमिल): अजः = ஆடு, जिह्वा = நாக்கு, भगिनी = சகோதரி, भ्राता = சகோதரன், औषधम् = மருந்து।
इन शब्दों को यहीं क्यों रखा गया: ध्यान दीजिए — पित्राज्ञा, लाकृतिः, मातॄणाम्, कॢप्तम्, ऌकारः, ओम्, औषधम्, एकैकः — इन सबमें वही कठिन स्वर आते हैं जो अभी-अभी सीखे: ऋ, ॠ, ऌ, ए, ऐ, ओ, औ। यानी शब्दावली भी वर्णमाला का ही अभ्यास करा रही है।