कक्षा ६ संस्कृत अध्याय 1 वयं वर्णमालां पठामः के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

पाठ की पहली बात — वर्णाः द्विविधाः भवन्ति — स्वराः व्यञ्जनानि च। स्वर का उच्चारण स्वतन्त्र रूप से होता है, व्यञ्जन का उच्चारण करने के लिए किसी स्वर की सहायता लेनी ही पड़ती है। स्वर दो प्रकार के हैं। (1) समानाक्षराणि — अ/आ, इ/ई, उ/ऊ, ऋ/ॠ, ऌ (इनके ह्रस्व और दीर्घ जोड़े बनते हैं; ‘ऌ’ का दीर्घ नहीं होता)। (2) सन्ध्यक्षराणि — दो स्वरों की सन्धि से बने नए स्वर: अ+इ= ए , अ+ए= ऐ , अ+उ= ओ , अ+ओ= औ (इनका ह्रस्व नहीं होता)। मुख के साथ नाक से भी बोले जाने वाले स्वर अनुनासिक कहलाते हैं — अँ आँ इँ ईँ उँ ऊँ ऌँ एँ ऐँ ओँ औँ। व्यञ्जन के चार भेद हैं। (1) स्पर्शाः (वर्ग्याः) — क-वर्ग, च-वर्ग, ट-वर्ग, त-वर्ग, प-वर्ग (कुल 25)। (2) अन्तःस्थाः — य र ल व, इन्हें ‘अर्ध-स्वर’ भी कहते हैं (यदि+अपि=यद्यपि, पितृ+आज्ञा=पित्राज्ञा, ऌ+आकृतिः=लाकृतिः, सु+आगतम्=स्वागतम्)। (3) ऊष्माणः — श ष स ह, इनके उच्चारण में मुख से गरम ह

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दी अर्थEnglish
पित्राज्ञापितुः आदेशःपिता का आदेशFather’s order
लाकृतिः‘ऌ’-वर्णस्य आकृतिः‘ऌ’-वर्ण का रूपShape of letter ‘ऌ’
अजःछागःबकराGoat
वधूःपरिणीताविवाहिता नारीMarried woman
मातॄणाम्मातुः ऋणम्माता का ऋणIndebtedness to Mother
कॢप्तम्कल्पितम्माना हुआSupposed
औषधम्भेषजम्औषध, दवाMedicine
भगिनीस्वसाबहनSister
भ्राताअनुजः / अग्रजःभाईBrother
पितामहः / पितामहीपितुः पिता / पितुः मातादादा / दादीPaternal Grandfather / Grandmother
मातामहः / मातामहीमातुः पिता / मातुः मातानाना / नानीMaternal Grandfather / Grandmother
कुल-नामकुलस्य गोत्रस्य वंशस्य वा नामकुल, गोत्र या वंश का नामFamily Name
  1. वदामः लिखामः च
  2. अभ्यासं कुर्मः
  3. वयं शब्दार्थान् जानीमः
  4. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  5. योग्यताविस्तरः
  6. परियोजनाकार्यम्
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