दीपकम् अध्याय 12 परियोजनाकार्यम्

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पुस्तकात् लोट्लकारस्य क्रियापदानि चित्वा लिखन्तु ।
उत्तर

यह संग्रह-कार्य है — पूरी पुस्तक दीपकम् पलटकर उन क्रियापदों पर निशान लगाइए जिनका अन्त -तु, -ताम्, -न्तु, -तम्, -त, -आनि, -आव, -आम हो, या जो केवल धातु-रूप में हों (गच्छ, पठ, वद)।

ढूँढ़ने की विधि: तीन जगहें सबसे अधिक फल देती हैं — (1) संवाद-पाठ, क्योंकि बातचीत में आज्ञा और प्रार्थना बार-बार आती है; (2) अभ्यास के निर्देश-वाक्य, जो प्रायः ‘…न्तु’ में समाप्त होते हैं; (3) श्लोक और सुभाषित, जो प्रार्थना के होते हैं।

नमूना उत्तर (केवल द्वादश पाठात् सङ्गृहीतानि) —

स्थानम्लोट्लकारस्य क्रियापदानि
पाठे (पृष्ठ 121–122)आगच्छ, करवाणि, गच्छ, आनय, ददातु, स्वीकुरु, नय, स्वीकरवाणि, जानातु, पश्यतु, गच्छतु, यच्छानि, योजयतु, स्वीकरोतु, आगच्छतु
पठन्तु अवगच्छन्तु (पृष्ठ 123)पिबतु, उत्तिष्ठत, खादन्तु, पृच्छानि, पठ, गच्छाम
अभ्यासस्य निर्देशवाक्येषुपश्यन्तु, पूरयन्तु, लिखन्तु, योजयन्तु, कुर्वन्तु, गायत, अवलोकयत, कण्ठस्थीकुरुत
सुभाषितेषु (पृष्ठ 125–126)वर्षतु, सन्तु, भवन्तु, पश्यन्तु, निन्दन्तु, स्तुवन्तु, समाविशतु, गच्छतु, अस्तु
गीते (पृष्ठ 129)कुरु, भव, मानय, भज, मोदय, पाठय, शिक्षय, वारय, अपनय, त्यज, वद, चल, पिब, नय, पाहि, पालय, लालय
Tip: हर पद के आगे उसका पुरुष और वचन भी लिख दीजिए — तब यह केवल सूची नहीं, अभ्यास बन जाएगा। जैसे — ‘गच्छतु — प्रथमपुरुषः, एकवचनम्’, ‘गायत — मध्यमपुरुषः, बहुवचनम्’। पुस्तक के अन्य पाठों से भी कम-से-कम दस पद जोड़िए, तभी परियोजना पूरी मानी जाएगी।
प्र2.
गृहे माता भवन्तं/भवतीं “किं-किम् आदिशति” इति लोट्लकारे पञ्च वाक्यानि लिखन्तु ।
उत्तर

यह आपका अपना उत्तर है — घर में माँ आपको जो कहती है, वही संस्कृत में लिखिए। पाँचों वाक्यों में क्रिया लोट्लकार, मध्यमपुरुष, एकवचन में होनी चाहिए, क्योंकि माँ सीधे ‘तुम’ से कह रही है।

अच्छे उत्तर में क्या-क्या हो: (1) पाँचों वाक्य अलग-अलग धातुओं के हों; (2) कम-से-कम एक वाक्य ‘मा’ वाले निषेध का हो; (3) हर वाक्य के अन्त में पूर्णविराम ( । ) हो; (4) कर्म द्वितीया विभक्ति में हो (पाठं, दुग्धं, गृहकार्यम्)।

नमूना उत्तर (५ वाक्यानि) —

क्र.संस्कृत-वाक्यम्हिन्दीधातुः
प्रातः शीघ्रम् उत्तिष्ठ ।सवेरे जल्दी उठो।उत् + स्था
दुग्धं पिब, फलानि च खाद ।दूध पिओ और फल खाओ।पा, खाद्
गृहकार्यं समये लिख ।गृहकार्य समय पर लिखो।लिख्
अधिकं चाकलेहं मा खाद ।ज़्यादा चॉकलेट मत खाओ।खाद् (निषेधे)
सायं क्रीडाक्षेत्रं गच्छ, तत्र मित्रैः सह क्रीड ।शाम को खेल के मैदान जाओ, वहाँ मित्रों के साथ खेलो।गम्, क्रीड्
Try This: इन्हीं पाँच वाक्यों को आदरार्थक रूप में भी लिखकर देखिए — ‘भवान् प्रातः शीघ्रम् उत्तिष्ठतु ।’, ‘भवान् दुग्धं पिबतु ।’ ठीक ऐसे ही तो पाठ में माँ ने कहा था — ‘मार्गे यानानां गतिं पश्यतु ।’
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