कक्षा ६ संस्कृत अध्याय 12 त्वम् आपणं गच्छ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

पाठ एक संवाद है, दो दृश्यों में। पहला दृश्य घर का (पृष्ठ 121) — अम्बा कहती है ‘त्वम् आपणं गच्छ। वस्तूनि आनय।’ और सड़क पार करते समय सावधान रहने को कहती है। दूसरा दृश्य दुकान का (पृष्ठ 122) — राकेशः और आपणिकः के बीच सामान, मूल्य और शेष धन की बात होती है। पूरा पाठ लोट्लकार सिखाने के लिए है। पुस्तक ने संवाद के जिन पदों को लाल/मोटे अक्षरों में छापा है — आगच्छ, करवाणि, गच्छ, आनय, ददातु, स्वीकुरु, नय, जानातु, पश्यतु, गच्छतु, योजयतु, स्वीकरोतु, आगच्छतु — वे सब लोट्लकार के हैं। पुस्तक स्वयं कहती है — लोट्लकारः क्रियायाः भावसूचकः (Mood) भवति , और उसका अर्थ है आज्ञा अथवा प्रार्थना । पठ्-धातु के नौ रूप याद कर लीजिए। प्रथमपुरुष — पठतु, पठताम्, पठन्तु; मध्यमपुरुष — पठ, पठतम्, पठत; उत्तमपुरुष — पठानि, पठाव, पठाम। इन्हीं के प्रत्यय (पृष्ठ 129) हैं — अतु/अताम्/अन्तु, अ/अतम्/अत, आनि/आव/आम । जिस किसी भी धातु

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दीEnglish
स्यूतम्प्रसेवम्थैलाBag
नामावलीनामसूचिःसूचीList
आपणम् / विपणिम्वस्तु-विक्रय-केन्द्रम् / आपण-वीथिम्बाज़ारMarket
आनयआहरलाओ(You) Bring
नयगृहाणले जाओ(You) Take away
चाकलेहःचाकलेहःचॉकलेटChocolate
यानानाम् गतिम्वाहनानाम् गमनम्गाड़ियों का चलनाMovement of vehicles
मुद्गःधान्यविशेषःमूँगGreen gram
शर्करासिताचीनीSugar
गुडःइक्षुसारःगुड़Jaggery
द्विदलम्द्विदलम्दालPulses
सर्षपःसर्षपःसरसोंMustard seeds
अवशिष्टम्शेषभागःबाकी, शेषRemaining
आपणिकःविक्रेतादुकानदारShopkeeper
लोट्लकारःआज्ञा-प्रार्थनयोः लकारःआज्ञा/प्रार्थना का लकारImperative mood
  1. द्वादशः पाठः
  2. द्वादशः पाठः
  3. पठन्तु अवगच्छन्तु
  4. वयं शब्दार्थान् जानीमः
  5. अवधेयांशः
  6. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  7. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  8. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  9. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  10. योग्यताविस्तरः
  11. परियोजनाकार्यम्
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