दीपकम् अध्याय 12 त्वम् आपणं गच्छ के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
पाठ एक संवाद है, दो दृश्यों में। पहला दृश्य घर का (पृष्ठ 121) — अम्बा कहती है ‘त्वम् आपणं गच्छ। वस्तूनि आनय।’ और सड़क पार करते समय सावधान रहने को कहती है। दूसरा दृश्य दुकान का (पृष्ठ 122) — राकेशः और आपणिकः के बीच सामान, मूल्य और शेष धन की बात होती है। पूरा पाठ लोट्लकार सिखाने के लिए है। पुस्तक ने संवाद के जिन पदों को लाल/मोटे अक्षरों में छापा है — आगच्छ, करवाणि, गच्छ, आनय, ददातु, स्वीकुरु, नय, जानातु, पश्यतु, गच्छतु, योजयतु, स्वीकरोतु, आगच्छतु — वे सब लोट्लकार के हैं। पुस्तक स्वयं कहती है — लोट्लकारः क्रियायाः भावसूचकः (Mood) भवति , और उसका अर्थ है आज्ञा अथवा प्रार्थना । पठ्-धातु के नौ रूप याद कर लीजिए। प्रथमपुरुष — पठतु, पठताम्, पठन्तु; मध्यमपुरुष — पठ, पठतम्, पठत; उत्तमपुरुष — पठानि, पठाव, पठाम। इन्हीं के प्रत्यय (पृष्ठ 129) हैं — अतु/अताम्/अन्तु, अ/अतम्/अत, आनि/आव/आम । जिस किसी भी धातु
अभ्यास
- द्वादशः पाठः
- द्वादशः पाठः
- पठन्तु अवगच्छन्तु
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- अवधेयांशः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्