प्र1.
अधोलिखितानां शब्दानाम् अर्थं (संस्कृते, हिन्द्याम्, आङ्ग्लभाषायां च) लिखन्तु, मातृभाषया अपि अर्थं लिखन्तु — मूढैः, निजः, परः, लघुचेतसाम्, वसुधा, उद्यमेन, वृद्धोपसेविनः, सहायकृत्, पात्रताम्, आप्नोति, गरीयसी, परहस्तेषु ।
उत्तर
पृष्ठ 135 की पूरी तालिका, और साथ में यह भी कि हर शब्द किस सुभाषित से आया है — इससे शब्द अपने-आप याद रह जाता है।
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English | कस्मात् सुभाषितात् |
|---|---|---|---|---|
| मूढैः | मूर्खजनैः | मूर्खों के द्वारा | By fools | पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि |
| निजः | स्वकीयः | अपना | Own | अयं निजः परो वेति |
| परः | अन्यः जनः | अन्य | Other | अयं निजः परो वेति |
| लघुचेतसाम् | संकुचितहृदयानाम् | क्षुद्र हृदय वालों का | Of narrow-minded | अयं निजः परो वेति |
| वसुधा | धरित्री | पृथ्वी | Earth | उदारचरितानां तु वसुधैव |
| उद्यमेन | परिश्रमेण | परिश्रम से | Effort | उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति |
| वृद्धोपसेविनः | वृद्धानां सेवकस्य | बुजुर्गों की सेवा करने वाले का | Of the person who serves elders | अभिवादनशीलस्य |
| सहायकृत् | सहायकः | सहायता करने वाला | One who helps | उद्यमः साहसं धैर्यम् |
| पात्रताम् | योग्यताम् | योग्यता को | Ability | विद्या ददाति विनयम् |
| आप्नोति | प्राप्तं करोति | प्राप्त करता है | Receives | विद्या ददाति विनयम् |
| गरीयसी | श्रेष्ठा | महान | Great | जननी जन्मभूमिश्च |
| परहस्तेषु | अन्येषां हस्तेषु | अन्यों के हाथ में | In others hand | पुस्तकस्था तु या विद्या |
‘मातृभाषया अर्थं लिखन्तु’ स्तम्भ कैसे भरें: अन्तिम खाना जान-बूझकर खाली छोड़ा गया है, क्योंकि हर विद्यार्थी की मातृभाषा अलग है। उदाहरण के लिए वसुधा (पृथ्वी) — मराठी में ‘पृथ्वी’, गुजराती में ‘પૃથ્વી’, बंगला में ‘পৃথিবী’, तमिल में ‘பூமி’, तेलुगु में ‘భూమి’, पंजाबी में ‘ਧਰਤੀ’। अपनी भाषा का शब्द अपनी पुस्तक में लिखिए।
Tip — विभक्ति भी देख लीजिए: तालिका के शब्द अलग-अलग विभक्तियों में हैं, यही उनका हिन्दी अर्थ तय करता है —
• मूढैः, उद्यमेन — तृतीया (‘के द्वारा’, ‘से’)
• लघुचेतसाम्, वृद्धोपसेविनः — षष्ठी (‘का/के’)
• पात्रताम् — द्वितीया (‘को’)
• परहस्तेषु — सप्तमी, बहुवचन (‘हाथों में’)
• निजः, परः, वसुधा, सहायकृत्, गरीयसी — प्रथमा।
• मूढैः, उद्यमेन — तृतीया (‘के द्वारा’, ‘से’)
• लघुचेतसाम्, वृद्धोपसेविनः — षष्ठी (‘का/के’)
• पात्रताम् — द्वितीया (‘को’)
• परहस्तेषु — सप्तमी, बहुवचन (‘हाथों में’)
• निजः, परः, वसुधा, सहायकृत्, गरीयसी — प्रथमा।