दीपकम् अध्याय 14 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
चित्रं दृष्ट्वा द्वितीयाविभक्तेः वाक्यानि रचयन्तु — बालिकाः ............ गच्छन्ति । पक्षिणः ............ खादन्ति । शिक्षकः ............ पाठयति । नर्तकी ............ धरति । अहं ............ स्वीकरोमि ।
उत्तर

पाँचों रिक्त स्थानों में कर्म भरना है, इसलिए हर उत्तर द्वितीया विभक्ति में आएगा। नीचे पहले यह बताया है कि पृष्ठ 146 के चित्र में क्या दिखता है, फिर उत्तर।

चित्रे किम् अस्तिपूर्णं वाक्यम्रिक्तपदस्य विवरणम्
तीन बालिकाएँ बस्ता लेकर ‘विद्यालय’ लिखे सङ्केत-पट्ट की ओर जा रही हैंबालिकाः विद्यालयं गच्छन्ति ।विद्यालय — द्वितीया, एकवचन, पुंलिङ्ग
डाल पर बैठे पक्षी लाल फल चुग रहे हैंपक्षिणः फलानि खादन्ति ।फल — द्वितीया, बहुवचन, नपुंसकलिङ्ग
श्यामपट्ट के आगे शिक्षक पुस्तक खोले हैं, सामने दो छात्र बैठे हैंशिक्षकः छात्रान् पाठयति ।छात्र — द्वितीया, बहुवचन, पुंलिङ्ग
नृत्य-मुद्रा में खड़ी नर्तकी गले में फूलों की माला पहने हैनर्तकी मालां धरति ।माला — द्वितीया, एकवचन, स्त्रीलिङ्ग
दो छात्र मेज़ पर पुस्तक खोले बैठे हैं, एक दूसरे को लेखनी दे रहा हैअहं लेखनीं स्वीकरोमि ।लेखनी — द्वितीया, एकवचन, स्त्रीलिङ्ग (ईकारान्त)
वचन कैसे तय हुआ: यह चित्र से देखना है, अनुमान से नहीं। चित्र में पक्षी अनेक फल चुग रहे हैं, इसलिए फलानि (बहुवचन); कक्षा में दो-से-अधिक छात्र हैं, इसलिए छात्रान् (बहुवचन); नर्तकी ने एक ही माला पहनी है, इसलिए मालाम् (एकवचन)। ‘अहं’ एक व्यक्ति है, इसलिए क्रिया ‘स्वीकरोमि’ उत्तमपुरुष एकवचन में है।
Tip — अन्य ठीक उत्तर भी सम्भव हैं: ‘शिक्षकः संस्कृतं पाठयति’ अथवा ‘शिक्षकः पाठं पाठयति’ भी शुद्ध है, क्योंकि ‘पाठय्’ द्विकर्मक धातु है — इसके साथ दो कर्म आ सकते हैं (‘शिक्षकः छात्रान् संस्कृतं पाठयति’)। इसी प्रकार अन्तिम वाक्य में ‘अहं पुस्तकं स्वीकरोमि’ भी लिखा जा सकता है। जो भी लिखें, रूप द्वितीया विभक्ति का ही होना चाहिए
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