प्र1.
चित्रं दृष्ट्वा अङ्गस्य नाम लिखन्तु — (क) …………… (ख) …………… (ग) …………… (घ) …………… (ङ) ……………
उत्तर
पृष्ठ 155 पर पाँच कार्टून-चित्र छपे हैं — वही हँसते-बोलते अङ्ग जो पाठ के स्वप्न में आए थे। नीचे पहले यह बताया है कि हर चित्र में क्या दिखता है, फिर उसका संस्कृत नाम।
| क्रमः | चित्रे किम् दृश्यते | उत्तरम् (संस्कृतम्) | हिन्दी |
|---|---|---|---|
| (क) | पलकों और भौंह वाली एक बड़ी आँख | नयनम् (नेत्रम्) | आँख |
| (ख) | नीली निकर पहने गोल पेट, नाभि दिखती है | उदरम् | पेट |
| (ग) | पाँच अङ्गुलियों वाला पैर का पंजा | पादः (चरणः) | पैर |
| (घ) | मुट्ठी बाँधकर मछली दिखाती हुई मुड़ी बाँह | भुजः (बाहुः) | भुजा / बाँह |
| (ङ) | लहरदार तहों वाला गोल पिण्ड, नीचे छोटा लघुमस्तिष्क | मस्तिष्कम् | मस्तिष्क / दिमाग़ |
लिङ्ग भी साथ-साथ याद कीजिए, क्योंकि आगे वाक्य बनाते समय यही काम आएगा —
• नयनम्, उदरम्, मस्तिष्कम् — नपुंसकलिङ्ग (अन्त में ‘-म्’)
• पादः, भुजः — पुंलिङ्ग (अन्त में ‘-ः’)
इसीलिए पाठ में ‘पादः वदति’ (पुंलिङ्ग) पर ‘नयनं वदति’ (नपुंसकलिङ्ग) लिखा है।
• नयनम्, उदरम्, मस्तिष्कम् — नपुंसकलिङ्ग (अन्त में ‘-म्’)
• पादः, भुजः — पुंलिङ्ग (अन्त में ‘-ः’)
इसीलिए पाठ में ‘पादः वदति’ (पुंलिङ्ग) पर ‘नयनं वदति’ (नपुंसकलिङ्ग) लिखा है।
Check it yourself — (ङ) को पहचानने का तरीका: चित्र की बाहरी रेखा फूलगोभी जैसी लहरदार है और नीचे-दायीं ओर एक छोटा अलग गोला है। ये दोनों मिलकर मस्तिष्क का पक्का पहचान-चिह्न हैं (लहरें = मस्तिष्क की सिलवटें, छोटा गोला = लघुमस्तिष्क)। कान का चित्र पाठ में अलग दिया है और वह इससे बिलकुल अलग दिखता है — इसलिए (ङ) को ‘कर्णः’ मत लिखिए।