प्र1.
अधोलिखितानां शब्दानाम् अर्थं (संस्कृते, हिन्द्याम्, आङ्ग्लभाषायां च) लिखन्तु, मातृभाषया अपि अर्थं लिखन्तु — स्वप्ने, स्वशरीरस्य, अङ्गानि, दृष्टवान्, चर्चाम्, श्रेष्ठः, अनुक्षणम्, गृहकार्यम्, मां विना, स्मितम्, शक्नोति, मार्गे, सङ्गीतम्, साहाय्येन, प्राप्नोति, सबलाः, भवेत्, कोलाहलम्, विचारयति, बोधयति, उपकारकाणि, शक्तिम् ।
उत्तर
पृष्ठ 154 की पूरी तालिका, और साथ में यह भी कि हर शब्द पाठ के किस वाक्य में आया है — इससे शब्द अपने-आप याद रह जाता है।
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English | पाठे प्रयोगः |
|---|---|---|---|---|
| स्वप्ने | स्वप्नसमये | स्वप्न में | In dream | सः स्वप्ने … अङ्गानि दृष्टवान् । |
| स्वशरीरस्य | निजकायस्य | अपने शरीर के | Of his own body | स्वशरीरस्य अङ्गानि दृष्टवान् । |
| अङ्गानि | अवयवाः | अङ्ग | Body parts | स्वशरीरस्य अङ्गानि दृष्टवान् । |
| दृष्टवान् | अपश्यत् | देखा | Saw | सः स्वप्ने … दृष्टवान् । |
| चर्चाम् | आलापम् | चर्चा को | Discussion | तानि परस्परं चर्चां कुर्वन्ति स्म । |
| श्रेष्ठः | उत्तमः | श्रेष्ठ | Great | अहं श्रेष्ठः । |
| अनुक्षणम् | सत्वरम् | उसी समय | Instantly | हस्तः अनुक्षणं वदति । |
| गृहकार्यम् | गृहे पठनकर्म | गृहकार्य | Homework | माधवः … गृहकार्यं करोति । |
| मां विना | मां विहाय | मेरे बिना | Without me | मां विना माधवः किमपि द्रष्टुं शक्नोति किम् ? |
| स्मितम् | मन्दहासः | थोड़ा हँस के | Smile | कर्णः स्मितं कृत्वा कथयति । |
| शक्नोति | समर्थः भवति | समर्थ होता है | Able to | किमपि द्रष्टुं शक्नोति किम् ? |
| मार्गे | वर्त्मनि | मार्ग में | On road | माधवः यदा मार्गे गच्छति । |
| सङ्गीतम् | सुन्दरं गीतम् | सङ्गीत | Music | सङ्गीतं श्रुत्वा आनन्दम् अनुभवति । |
| साहाय्येन | सहायकारणेन | सहायता से | With the help of | मम साहाय्येन उदरमपि भोजनं प्राप्नोति । |
| प्राप्नोति | प्राप्तं करोति | प्राप्त करता है | Gets | उदरमपि भोजनं प्राप्नोति । |
| सबलाः | बलवन्तः | बलवान् | Strong | भवन्तः सर्वे सबलाः भवन्ति । |
| भवेत् | स्यात् | हो सकता / सकती है | May happen | तर्हि दुर्घटना भवेत् । |
| कोलाहलम् | आरवः | शोर | Quarrel / noise | कोलाहलं न कुर्वन्तु । |
| विचारयति | चिन्तयति | विचार करता है | Thinks | माधवः विचारयति बोधयति च । |
| बोधयति | ज्ञापयति | समझाता है | Advises | माधवः विचारयति बोधयति च । |
| उपकारकाणि | सहायकानि | सहायता करने वाले | Helpful | सर्वाणि अङ्गानि मम कृते उपकारकाणि सन्ति । |
| शक्तिम् | सामर्थ्यम् | ताकत | Strength | उदरेण पाचनात् शक्तिं प्राप्नोमि । |
‘मातृभाषया अर्थं लिखन्तु’ स्तम्भ कैसे भरें: अन्तिम खाना जान-बूझकर खाली छोड़ा गया है, क्योंकि हर विद्यार्थी की मातृभाषा अलग है। उदाहरण के लिए स्वप्ने (स्वप्न में) — मराठी में ‘स्वप्नात’, गुजराती में ‘સપનામાં’, बंगला में ‘স্বপ্নে’, तमिल में ‘கனவில்’, तेलुगु में ‘కలలో’, पंजाबी में ‘ਸੁਪਨੇ ਵਿੱਚ’। अपनी भाषा का शब्द अपनी पुस्तक में लिखिए।
Tip — शब्द तोड़कर देखिए:
• स्वशरीरस्य = स्व (अपना) + शरीर + स्य (षष्ठी) — ‘अपने शरीर का’।
• अनुक्षणम् = अनु + क्षणम्, ‘हर क्षण / तुरन्त ही’ — अव्यय है, रूप नहीं बदलता।
• सबलाः = स (सहित) + बल, ‘बल वाले’ — बहुव्रीहि समास, पुंलिङ्ग बहुवचन।
• उपकारकाणि = उपकारक (उपकार करने वाला) का नपुंसकलिङ्ग बहुवचन, क्योंकि ‘अङ्गानि’ नपुंसकलिङ्ग बहुवचन है — विशेषण अपने विशेष्य के लिङ्ग-वचन-विभक्ति का अनुसरण करता है।
• स्वशरीरस्य = स्व (अपना) + शरीर + स्य (षष्ठी) — ‘अपने शरीर का’।
• अनुक्षणम् = अनु + क्षणम्, ‘हर क्षण / तुरन्त ही’ — अव्यय है, रूप नहीं बदलता।
• सबलाः = स (सहित) + बल, ‘बल वाले’ — बहुव्रीहि समास, पुंलिङ्ग बहुवचन।
• उपकारकाणि = उपकारक (उपकार करने वाला) का नपुंसकलिङ्ग बहुवचन, क्योंकि ‘अङ्गानि’ नपुंसकलिङ्ग बहुवचन है — विशेषण अपने विशेष्य के लिङ्ग-वचन-विभक्ति का अनुसरण करता है।