दीपकम् अध्याय 16 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अधोलिखितानां क्रियापदानां लट्लकारे प्रथमपुरुषस्य रूपाणि लिखन्तु — कुर्वन्ति — करोति, कुरुतः, कुर्वन्ति ; तिष्ठन्ति ; फलन्ति ; यान्ति ; पिबन्ति ; खादन्ति ।
उत्तर

दिए गए सब पद लट्लकार (वर्तमान काल), प्रथमपुरुष, बहुवचन में हैं। लिखना है उसी पुरुष के तीनों वचन — एकवचन, द्विवचन, बहुवचन। पहला उत्तर पुस्तक ने भर दिया है।

दत्तं पदम्धातुः / गणःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्हिन्दी
कुर्वन्तिकृ (तनादिगणः)करोतिकुरुतःकुर्वन्तिकरता है / करते हैं
तिष्ठन्तिस्था (भ्वादिगणः)तिष्ठतितिष्ठतःतिष्ठन्तिठहरता है / ठहरते हैं
फलन्तिफल् (भ्वादिगणः)फलतिफलतःफलन्तिफलता है / फलते हैं
यान्तिया (अदादिगणः)यातियातःयान्तिजाता है / जाते हैं
पिबन्तिपा (भ्वादिगणः)पिबतिपिबतःपिबन्तिपीता है / पीते हैं
खादन्तिखाद् (भ्वादिगणः)खादतिखादतःखादन्तिखाता है / खाते हैं
साधारण नियम (भ्वादिगण, परस्मैपद, लट्लकार, प्रथमपुरुष): -ति / -तः / -न्ति। इसी से तिष्ठति–तिष्ठतः–तिष्ठन्ति, फलति–फलतः–फलन्ति, पिबति–पिबतः–पिबन्ति, खादति–खादतः–खादन्ति सब बन जाते हैं।
दो अपवाद जो यहाँ आए हैं:
कृ धातु तनादिगण की है, इसलिए रूप ‘करोति, कुरुतः, कुर्वन्ति’ — यहाँ धातु ही बदलती दिखती है।
या धातु अदादिगण की है — बीच में कोई विकरण नहीं जुड़ता, इसलिए सीधे ‘याति, यातः, यान्ति’ (‘यायति’ नहीं)।
Tip — तीन पुरुष एक साथ याद कर लीजिए (तिष्ठ् उदाहरण):
प्रथमपुरुषः (सः/तौ/ते) — तिष्ठति, तिष्ठतः, तिष्ठन्ति
मध्यमपुरुषः (त्वम्/युवाम्/यूयम्) — तिष्ठसि, तिष्ठथः, तिष्ठथ
उत्तमपुरुषः (अहम्/आवाम्/वयम्) — तिष्ठामि, तिष्ठावः, तिष्ठामः
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ