प्र1.
शब्दः — अर्थः — हिन्दी — English — मातृभाषया अर्थं लिखन्तु : आतपे, परार्थाय, सत्पुरुषाः, वापी, ह्रदः, द्रुमः, वरम्, अर्थिनः, वहन्ति, वल्कलम्, दारुभिः, महीरुहाः, अम्भः, वारिवाहाः, विभूतयः ।
उत्तर
पुस्तक की तालिका के चार स्तम्भ छपे हुए हैं; पाँचवाँ स्तम्भ ‘मातृभाषया अर्थं लिखन्तु’ छात्र को स्वयं भरना है। नीचे पूरी तालिका दी है — पाँचवें स्तम्भ में हिन्दी-भाषी छात्र के लिए एक नमूना भरा गया है (आप अपनी मातृभाषा — मराठी, बाङ्ला, तमिऴ्, गुजराती आदि — में लिखिए)।
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English | मातृभाषया अर्थः (नमूना) |
|---|---|---|---|---|
| आतपे | सूर्यतापे | धूप में | In the sunlight | घाम में / धूप में |
| परार्थाय | अन्येषाम् उपकाराय | दूसरों के उपकार के लिए | For the sake of others | औरों के भले के लिए |
| सत्पुरुषाः | सज्जनाः | सज्जन लोग | Noble men | भले लोग |
| वापी | दीर्घिका | बावड़ी | Stepwell | सीढ़ीदार कुआँ |
| ह्रदः | सरोवरः | तालाब / झील | Pond / Lake | पोखर |
| द्रुमः | वृक्षः | पेड़ | Tree | पेड़ |
| वरम् | श्रेष्ठम् | श्रेष्ठ | Best | सबसे अच्छा |
| अर्थिनः | प्राप्तुम् इच्छुकाः | प्राप्त करने के इच्छुक | Wishing to receive | माँगने वाले |
| वहन्ति | प्रवहन्ति | बहती हैं | Flows | बहती हैं |
| वल्कलम् | वृक्षस्य त्वक् | पेड़ की छाल | Bark of tree | छाल |
| दारुभिः | काष्ठैः | लकड़ियों से | By wood | लकड़ी से |
| महीरुहाः | वृक्षाः | पेड़ | Trees | पेड़ (धरती से उगने वाले) |
| अम्भः | जलम् | पानी | Water | पानी |
| वारिवाहाः | मेघाः | बादल | Clouds | बादल |
| विभूतयः | समृद्धयः | समृद्धियाँ | Prosperity | सम्पत्तियाँ |
शब्दों में छिपा अर्थ पकड़िए — ‘महीरुह’ = मही (पृथ्वी) + रुह (उगने वाला) — ‘धरती से उगने वाला’ यानी पेड़। ‘वारिवाह’ = वारि (जल) + वाह (ढोने वाला) — ‘पानी ढोने वाला’ यानी बादल। संस्कृत के अधिकांश नाम इसी प्रकार यौगिक होते हैं — टुकड़े अलग कर लीजिए, अर्थ स्वयं खुल जाएगा।
Check it yourself: पाठ के छहों सुभाषितों में से ये शब्द ढूँढ़कर उन पर गोला लगाइए — देखिए, हर शब्द किसी न किसी श्लोक-पंक्ति में मिल जाएगा (आतपे → पहला श्लोक, वापी/ह्रदः/द्रुमः → दूसरा, वरम्/अर्थिनः → तीसरा, वहन्ति → चौथा, वल्कलम्/दारुभिः/महीरुहाः → पाँचवाँ, अम्भः/वारिवाहाः/विभूतयः → छठा)।