प्र1.
गृहजनानां मित्राणां वा साहाय्येन पञ्चदश (१५) गृहवस्तूनामानि लिङ्गविभागेन लिखन्तु ।
उत्तर
यह घर में घूमकर करने वाला काम है, इसलिए हर विद्यार्थी की सूची अलग होगी। करना यह है — घर के पन्द्रह सामानों के संस्कृत नाम पता कीजिए और उन्हें तीन लिङ्गों में बाँटकर लिखिए।
करने का ढंग —
- कॉपी में तीन खाने बनाइए — पुंलिङ्गम् / स्त्रीलिङ्गम् / नपुंसकलिङ्गम्।
- घर के कमरों में घूमकर पन्द्रह चीज़ें चुनिए और उनके हिन्दी नाम लिखिए।
- घर के बड़ों, शिक्षक या पृष्ठ 46 की तालिका की सहायता से हर चीज़ का संस्कृत नाम ढूँढ़िए।
- शब्द का अन्तिम वर्ण देखकर लिङ्ग तय कीजिए — ‘ः’ → पुंलिङ्ग, ‘आ / ई’ → स्त्रीलिङ्ग, ‘म्’ → नपुंसकलिङ्ग।
- हर शब्द के आगे ‘एषः / एषा / एतत्’ लगाकर एक-एक वाक्य भी बनाइए — इससे जाँच अपने-आप हो जाएगी।
नमूना उत्तर (१५ गृहवस्तूनि, लिङ्गविभागेन):
वाक्य-रूप में — एषः आसन्दः। एषा पेटिका। एतत् वातायनम्।
| पुंलिङ्गम् (5) | स्त्रीलिङ्गम् (5) | नपुंसकलिङ्गम् (5) |
|---|---|---|
| आसन्दः — कुर्सी | पेटिका — सन्दूक | वातायनम् — खिड़की |
| दीपः — दीपक | कुञ्चिका — चाबी | द्वारम् — दरवाज़ा |
| घटः — घड़ा | उत्पीठिका — मेज़ | व्यजनम् — पंखा |
| दर्पणः — दर्पण | सम्मार्जनी — झाड़ू | पात्रम् — बर्तन |
| तालः — ताला | घटी — घड़ी | वस्त्रम् — कपड़ा |
अच्छे उत्तर में यह ज़रूर हो: (1) पन्द्रहों नाम घर की ही वस्तुओं के हों; (2) तीनों लिङ्गों में कम-से-कम चार-चार शब्द आएँ, केवल एक ही लिङ्ग के पन्द्रह नहीं; (3) हर शब्द के आगे हिन्दी अर्थ लिखा हो; (4) जो शब्द पृष्ठ 46 की तालिका से लिए हों, वे सही स्तम्भ से लिए गए हों।
आगे बढ़कर कीजिए: कागज़ की पर्चियों पर संस्कृत नाम लिखकर घर की उन वस्तुओं पर चिपका दीजिए — जैसे दरवाज़े पर ‘द्वारम्’, खिड़की पर ‘वातायनम्’। एक सप्ताह में पन्द्रहों शब्द अपने-आप याद हो जाएँगे।