दीपकम् अध्याय 3 एषः कः ? एषा का ? एतत् किम् ? के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

पाठ का मूल प्रश्न तीन हैं — पुरुष/नर वस्तु के लिए एषः कः ? (यह कौन है?), स्त्री/नारी वस्तु के लिए एषा का ? (यह कौन है?) और निर्जीव/नपुंसक वस्तु के लिए एतत् किम् ? (यह क्या है?)। उत्तर भी उसी लिङ्ग में देना होता है — एषः बालकः, एषा बालिका, एतत् फलम्। संस्कृत में तीन वचन होते हैं , हिन्दी-अंग्रेज़ी की तरह दो नहीं। एक के लिए एकवचनम् (बालकः), ठीक दो के लिए द्विवचनम् (बालकौ) और तीन या अधिक के लिए बहुवचनम् (बालकाः)। यही तीनों रूप स्त्रीलिङ्ग में बालिका–बालिके–बालिकाः और नपुंसकलिङ्ग में पत्रम्–पत्रे–पत्राणि बनते हैं। क्रिया भी वचन के साथ बदलती है (पृष्ठ 33) — पठति / पठतः / पठन्ति, पिबति / पिबतः / पिबन्ति, खादति / खादतः / खादन्ति, गच्छति / गच्छतः / गच्छन्ति, क्रीडति / क्रीडतः / क्रीडन्ति। कर्ता जिस वचन में होगा, क्रिया भी उसी वचन में आएगी — यही कर्तृ-क्रिया-अन्वयः है। नौ सर्वनाम-रूपों की तालिका (प

  1. पुंलिङ्गम् – स्त्रीलिङ्गम् – नपुंसकलिङ्गम्
  2. क्रियापदानि
  3. सर्वनाम-प्रयोगः
  4. पुंलिङ्गम् (एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम्)
  5. स्त्रीलिङ्गम् (एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम्)
  6. नपुंसकलिङ्गम् (एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम्)
  7. उच्चैः पठन्तु स्मरन्तु अवगच्छन्तु च
  8. वयं शब्दार्थान् जानीमः
  9. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  10. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  11. योग्यताविस्तरः
  12. परियोजनाकार्यम्
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ