दीपकम् अध्याय 4 परियोजनाकार्यम्

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अस्मद्-युष्मद्-शब्दयोः सर्वाणि रूपाणि स्फोरकपत्रे लिखन्तु — (अस्मद्-शब्दरूपाणि तथा युष्मद्-शब्दरूपाणि, सप्तसु विभक्तिषु त्रिषु वचनेषु च)
उत्तर

पृष्ठ 60 पर दो कोरे स्फोरकपत्र (चार्ट) छपे हैं — एक ‘अस्मद्-शब्दरूपाणि’ का और एक ‘युष्मद्-शब्दरूपाणि’ का। दोनों में सात विभक्तियाँ और तीन वचन हैं, यानी हर सारणी में इक्कीस खाने। नीचे दोनों सारणियाँ भरी हुई दी गई हैं — इन्हें बड़े चार्ट-पेपर पर सुन्दर अक्षरों में उतारिए।

1. अस्मद्-शब्दरूपाणि (मैं / हम) — त्रिषु लिङ्गेषु समानम्

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्हिन्दी अर्थ
प्रथमाअहम्आवाम्वयम्मैं / हम दोनों / हम सब
द्वितीयामाम् (मा)आवाम् (नौ)अस्मान् (नः)मुझको / हम दोनों को / हम सबको
तृतीयामयाआवाभ्याम्अस्माभिःमेरे द्वारा / हम दोनों के द्वारा / हम सबके द्वारा
चतुर्थीमह्यम् (मे)आवाभ्याम् (नौ)अस्मभ्यम् (नः)मेरे लिए / हम दोनों के लिए / हम सबके लिए
पञ्चमीमत्आवाभ्याम्अस्मत्मुझसे / हम दोनों से / हम सबसे
षष्ठीमम (मे)आवयोः (नौ)अस्माकम् (नः)मेरा / हम दोनों का / हम सबका
सप्तमीमयिआवयोःअस्मासुमुझमें / हम दोनों में / हम सबमें

2. युष्मद्-शब्दरूपाणि (तुम / आप) — त्रिषु लिङ्गेषु समानम्

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्हिन्दी अर्थ
प्रथमात्वम्युवाम्यूयम्तुम / तुम दोनों / तुम सब
द्वितीयात्वाम् (त्वा)युवाम् (वाम्)युष्मान् (वः)तुमको / तुम दोनों को / तुम सबको
तृतीयात्वयायुवाभ्याम्युष्माभिःतुम्हारे द्वारा / तुम दोनों के द्वारा / तुम सबके द्वारा
चतुर्थीतुभ्यम् (ते)युवाभ्याम् (वाम्)युष्मभ्यम् (वः)तुम्हारे लिए / तुम दोनों के लिए / तुम सबके लिए
पञ्चमीत्वत्युवाभ्याम्युष्मत्तुमसे / तुम दोनों से / तुम सबसे
षष्ठीतव (ते)युवयोः (वाम्)युष्माकम् (वः)तुम्हारा / तुम दोनों का / तुम सबका
सप्तमीत्वयियुवयोःयुष्मासुतुममें / तुम दोनों में / तुम सबमें

चार्ट बनाने का ढंग —

  1. चार्ट-पेपर को बीच से मोड़कर दो भाग कीजिए — बाएँ ‘अस्मद्-शब्दरूपाणि’, दाएँ ‘युष्मद्-शब्दरूपाणि’।
  2. प्रत्येक भाग में 4 स्तम्भ × 8 पंक्तियाँ की सारणी खींचिए (पहली पंक्ति शीर्षक की, फिर सात विभक्तियाँ)।
  3. पहले पेंसिल से लिखिए, जाँच के बाद ही पेन या स्केच-पेन फेरिए। विसर्ग (ः) और अनुस्वार (ं) कहीं छूटने न पाएँ — मम / माम् और अस्मान् / अस्माकम् जैसे रूप इन्हीं से अलग पहचाने जाते हैं।
  4. कोष्ठक वाले रूप (मे, नौ, नः, ते, वाम्, वः) लाल रंग से लिखिए और नीचे लिख दीजिए — ‘एतानि वैकल्पिकानि रूपाणि’।
अच्छे चार्ट में यह ज़रूर हो: (1) दोनों सारणियों में सातों विभक्तियाँ और तीनों वचन हों — इक्कीस-इक्कीस खाने पूरे भरे हों; (2) शीर्षक संस्कृत में हो; (3) कहीं भी सम्बोधन (हे …!) न लिखा हो — अस्मद् और युष्मद् का सम्बोधन नहीं होता, क्योंकि अपने-आपको या ‘तुम’ को पुकारा नहीं जाता; (4) नीचे एक पंक्ति में यह नियम लिखा हो — ‘अस्मद्-युष्मद्-शब्दौ त्रिषु लिङ्गेषु समानौ भवतः’।
पाठ से जोड़िए: पूरे पाठ में आपने केवल प्रथमा की पंक्ति देखी है (अहम्–आवाम्–वयम्, त्वम्–युवाम्–यूयम्) और एक बार षष्ठी — ‘मम नाम भरतः’ तथा श्लोक में ‘त्वमेव सर्वं मम’। शेष पाँच विभक्तियाँ आगे की कक्षाओं में विस्तार से पढ़ी जाएँगी; अभी चार्ट बनाकर आँखों में बसा लीजिए।
वाक्यों में देखिए तो रूप जल्दी बैठते हैं: मम पुस्तकम् (मेरी पुस्तक)। मह्यं पुस्तकं ददातु (मुझे पुस्तक दीजिए)। मया लिखितम् (मेरे द्वारा लिखा गया)। मयि विश्वासः (मुझमें विश्वास)। तव नाम किम् ? (तुम्हारा नाम क्या है ?)। तुभ्यं धन्यवादः (तुम्हें धन्यवाद)। त्वया कृतम् (तुम्हारे द्वारा किया गया)।
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